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Yamuna Nagar News: पहाड़ों में बर्फ पिघलने से बढ़ा यमुना का जलस्तर

Wed, 05 Jun 2024 02:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 05 Jun 2024 02:27 AM IST
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Yamuna water level increased due to melting of snow in the mountains
संवाद न्यूज एजेंसी
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प्रतापनगर। पहाड़ों पर बर्फ का पिघलना तेजी से जारी है। इससे यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में पनबिजली परियोजना चलाने व नहर के साथ बसे गांवों के लोगों को पर्याप्त पानी मिलने लगा है, जिससे उनके मुरझाए चेहरों पर खुशी दिख रही है।
दो दिनों में यमुना का जलस्तर 5000 क्यूसेक पानी से ऊपर पहुंच गया है। सोमवार को यह पानी सुबह 6 बजे 5134 क्यूसेक दर्ज किया गया, वहीं शाम छह बजे पानी और बढ़ गया। इस दौरान यमुना में 5257 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। यमुना में पर्याप्त पानी होने से पनबिजली परियोजना के साथ गांवों की किल्लत दूर होगी।
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सोमवार सुबह छह बजे हथनीकुंड बैराज पर 5257 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। शाम छह बजे 5134 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। ऐसे में पनबिजली परियोजना चलाने के लिए 3000 क्यूसेक से अधिक पानी दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पनबिजली परियोजना में कुछ काम चल रहा है। जिसके चलते 2500 क्यूसेक पानी भी फिलहाल उनके लिए पर्याप्त है।
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हथिनीकुंड बैराज कार्यालय के अनुसार सोमवार सुबह छह बजे 5134, सात बजे 4387, आठ बजे 2776, नौ बजे 2638, दस बजे 2516 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। जबकि 11 बजे 2167, 12 बजे 2268, दोपहर एक बजे 1823, दो बजे 2482, तीन बजे 4447, चार बजे 4655, पांच बजे 5393 और शाम छह बजे 5134 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। पश्चिमी नहर को 3773, उत्तरप्रदेश को 1132 व यमुना को 392 पानी दिया गया।

केंद्रीय जल आयोग हर वर्ष करता है मुआयना

गर्मी में पानी की किल्लत को देखते हुए हर वर्ष केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) टीम यहां दौरा करने आती है। वहीं अधिकारियों व बैराज से घंटा दर घंटा रिपोर्ट ली जाती है। रिपोर्ट के आधार पर फिलहाल पानी की आपूर्ति ठीक चल रही है। वहीं हथनीकुड से जुड़ी चारों पनबिजली परियोजनाओं को चलाने के लिए 5400 क्यूसेक पानी की जरूरत होती है।

गर्मी में पानी की आपूर्ति को देखते हुए पनबिजली परियोजनाओं की चारों की जगह दो दो इकाइयों को नियमित रूप से चलाकर बिजली उत्पादन किया जाता है। जिससे काम चलता रहे और नहर के साथ लगते गांवों को पानी भी मिलता रहे। सिंचाई विभाग के एसडीओ नवीन रंगा ने बताया कि पहाड़ों में बर्फ पिघल रही है। इससे पनबिजली परियोजना समेत यमुना के साथ लगते सैकड़ों गांवों के लोगों को पानी मिल रहा है। फिलहाल पानी की किल्लत नहीं है।
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