{"_id":"5849aad94f1c1b104f44a210","slug":"yamuna-nagar-ghana-kuhara","type":"story","status":"publish","title_hn":"घने कोहरे की चादर में लिपटा यमुनानगर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घने कोहरे की चादर में लिपटा यमुनानगर
amar ujala beuro yamunanagar
Updated Fri, 09 Dec 2016 12:18 AM IST
विज्ञापन
c
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुवार को दोपहर तक ट्विनसिटी घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटी रही और सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। लुढ़के तापमान के बीच दिनभर लोग ठिठुरते रहे और यही स्थिति देर शाम को भी रही। हालांकि दोपहर 12 बजे के बाद हल्की धूप निकलने पर लोगों ने राहत महसूस की, किंतु जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में धुंध के आगे सूर्य का तेज फीका रहा। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों व काम पर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों को हुई । वहीं वाहन चालकों को भी कम विजिबिल्टी में सड़कों पर वाहनों के लाइट ऑन कर रेंगकर निकलने पर मजबूर हुए।
गुरुवार को न्यूनतम तापमान सात डिग्री व अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्यिस दर्ज किया गया। दिनभर मौसम का मिजाज बुधवार की तरह रहा और ट्विनसिटी (यमुनानगर-जगाधरी) दोपहर 12 बजे तक धुंध की सफेद चादर में लिपटी रही वहीं, जिलेभर के ग्रामीण व खुले इलाकों में दोपहर एक बजे तक काहरा छाया रहा। दिनभर लोग ठिठुरते और घरों व दफ्तरों में दुबके रहे, केवल जरूरी कामों के लिए ही गर्म कपड़ों से खुद को पूरी तरह ढककर निकलते नजर आए। शहर से गुजर रहे हाईवे समेत अन्य सड़कों पर सुबह 11 बजे तक कम विजिबिल्टी में वाहन चालकों को लाइट ऑन कर वाहनों को रेंगते हुए निकलना पड़ा। दोपहर 12 बजे धूप निकलने से काफी हद तक लोगों ने राहत महसूस की, किंतु ग्रामीण इलाकों में दोपहर दो बजे तक धुंध का असर देखा गया। शाम छह बजे के बाद वातावरण में ठंडक घुलने लगी और देर शाम फिर से मौसम में ठिठुरन बढ़ने लगी। मॉडल टाउन के जगदीश कुमार, पवन कुमार ने कहा कि बुधवार के बाद से ठंड बढ़ी है और लोग सुबह-शाम ठिठुरने लगे हैं। धूप कम और धुंध अधिक होने से दिनचर्या पर भी असर पड़ा है, चूंकि लोग ठंड में घरों व दफ्तरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
गर्म कपड़ों से पूरे तरह ढककर रखे छोटे बच्चों को
चिकित्सकों का कहना है कि अधिक ठंड के कारण बुजुर्गों व बच्चों का ज्यादा ख्याल रखा जाना चाहिए। अधिकांश मरीजों में इन्हीं में खांसी-जुकाम व बुखार के लक्षण अधिक देखे जा रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को ठंड से बचाकर रखें। अति आवश्यक हो तभी घर से बाहर निकलने दें। शरीर गर्म कपड़ों से पूरी तरह ढका होना चाहिए। बुजुर्गों को भी एहतियात बरतने की जरूरत हैं। दुपहिया वाहन के माध्यम से यदि बाहर जा रहे हैं, तो हाथों में दस्ताने व हेलमेट जरूर पहने और धीमी गति से ही वाहन चलाएं।
विज्ञापन
बाजारों में घटी रौनक, गर्म कपड़ों व खाद्य पदार्थों की बिक्री तेज
बुधवार को अचानक मौसम के बदले मिजाज के बाद बाजारों में दुकानों तक ग्राहक खरीदारी करने के लिए बहुत कम आ रहे हैं। दिनभर अधिकतर दुकानदार अंगीठी सेंकते व चाय की चुश्कियां लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। दुकानदार गुरप्रीत सिंह, विनोद कुमार का कहना है कि गर्म कपड़ों व खाद्य पदार्थों को छोड़कर बाजार में अन्य कामकाज मंदा है। वहीं, मूंगफली, शक्करकंद, खजूर, सूखा मेवा, गाजर का हलवा जैसे गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ी है। इसके अतिरिक्त चाय-पकौड़ा, सूप, चाऊमिन, स्प्रिंग रोल व गाजर का जूस भी खूब बिक रहा है। शाम ढलते ही रेहडिय़ों पर जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है।
विज्ञापन
गुरुवार को न्यूनतम तापमान सात डिग्री व अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्यिस दर्ज किया गया। दिनभर मौसम का मिजाज बुधवार की तरह रहा और ट्विनसिटी (यमुनानगर-जगाधरी) दोपहर 12 बजे तक धुंध की सफेद चादर में लिपटी रही वहीं, जिलेभर के ग्रामीण व खुले इलाकों में दोपहर एक बजे तक काहरा छाया रहा। दिनभर लोग ठिठुरते और घरों व दफ्तरों में दुबके रहे, केवल जरूरी कामों के लिए ही गर्म कपड़ों से खुद को पूरी तरह ढककर निकलते नजर आए। शहर से गुजर रहे हाईवे समेत अन्य सड़कों पर सुबह 11 बजे तक कम विजिबिल्टी में वाहन चालकों को लाइट ऑन कर वाहनों को रेंगते हुए निकलना पड़ा। दोपहर 12 बजे धूप निकलने से काफी हद तक लोगों ने राहत महसूस की, किंतु ग्रामीण इलाकों में दोपहर दो बजे तक धुंध का असर देखा गया। शाम छह बजे के बाद वातावरण में ठंडक घुलने लगी और देर शाम फिर से मौसम में ठिठुरन बढ़ने लगी। मॉडल टाउन के जगदीश कुमार, पवन कुमार ने कहा कि बुधवार के बाद से ठंड बढ़ी है और लोग सुबह-शाम ठिठुरने लगे हैं। धूप कम और धुंध अधिक होने से दिनचर्या पर भी असर पड़ा है, चूंकि लोग ठंड में घरों व दफ्तरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
विज्ञापन
गर्म कपड़ों से पूरे तरह ढककर रखे छोटे बच्चों को
चिकित्सकों का कहना है कि अधिक ठंड के कारण बुजुर्गों व बच्चों का ज्यादा ख्याल रखा जाना चाहिए। अधिकांश मरीजों में इन्हीं में खांसी-जुकाम व बुखार के लक्षण अधिक देखे जा रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को ठंड से बचाकर रखें। अति आवश्यक हो तभी घर से बाहर निकलने दें। शरीर गर्म कपड़ों से पूरी तरह ढका होना चाहिए। बुजुर्गों को भी एहतियात बरतने की जरूरत हैं। दुपहिया वाहन के माध्यम से यदि बाहर जा रहे हैं, तो हाथों में दस्ताने व हेलमेट जरूर पहने और धीमी गति से ही वाहन चलाएं।
विज्ञापन
बाजारों में घटी रौनक, गर्म कपड़ों व खाद्य पदार्थों की बिक्री तेज
बुधवार को अचानक मौसम के बदले मिजाज के बाद बाजारों में दुकानों तक ग्राहक खरीदारी करने के लिए बहुत कम आ रहे हैं। दिनभर अधिकतर दुकानदार अंगीठी सेंकते व चाय की चुश्कियां लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। दुकानदार गुरप्रीत सिंह, विनोद कुमार का कहना है कि गर्म कपड़ों व खाद्य पदार्थों को छोड़कर बाजार में अन्य कामकाज मंदा है। वहीं, मूंगफली, शक्करकंद, खजूर, सूखा मेवा, गाजर का हलवा जैसे गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ी है। इसके अतिरिक्त चाय-पकौड़ा, सूप, चाऊमिन, स्प्रिंग रोल व गाजर का जूस भी खूब बिक रहा है। शाम ढलते ही रेहडिय़ों पर जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है।