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Yamuna Nagar News: मंडियों में पहुंची लकड़ी, पटरी पर लौटेगी प्लाईवुड इंडस्ट्री

Fri, 25 Jul 2025 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 25 Jul 2025 12:15 AM IST
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Wood reached the markets, plywood industry will be back on track
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। मानकपुर व मंडौली की मंडियों में 11 दिन बाद वीरवार से लकड़ी की खरीद शुरू हो गई। मंडियों में लकड़ी आने से प्लाईवुड इंडस्ट्री को काफी राहत मिली है। कांवड़ यात्रा के चलते लकड़ी मंडियों को बंद कर दिया गया था, जिससे फैक्टरियों को प्लाई तैयार करने के लिए पर्याप्त लकड़ी नहीं मिल रही थी। इस दौरान प्लाईवुड का उत्पादन 30 प्रतिशत तक कम हुआ। अब धीरे-धीरे प्लाईवुड इंडस्ट्री अपनी पटरी पर लौटेगी।
वीरवार को पहले दिन मंडौली स्थित मंडी में लकड़ी की करीब 200 ट्रालियां आईं। शुक्रवार से इसमें और अधिक बढ़ोतरी होगी, क्योंकि पहले दिन किसान असमंजस में थे कि मंडी में लकड़ी की खरीद होगी या नहीं। जैसे-जैसे खरीद का मैसेज एक दूसरे के पास जाएगा तो आवक में भी बढ़ोतरी होती जाएगी। वहीं जगाधरी के मानकपुर की मंडी में 100 से कम ट्राली पहुंची। मंडियों में पॉपलर की 10 किस्म का रेट 1600 से 1625 रुपये और जी-48 का रेट 1300 से 1325 रुपये प्रति क्विंटल लगा। इसी तरह सफेदा की हाइब्रिड वैरायटी का रेट 1200 से 1225 रुपये और देसी का 1100 से 1125 रुपये प्रति क्विंटल लगा। कांवड़ यात्रा के दौरान इस बार ज्यादातर प्लाईवुड फैक्टरियों को बंद करने की नौबत नहीं आई। क्योंकि इस बार फैक्टरियोंमें चोरी-छिपे लकड़ी आती रही। दरअसल हर बार कांवड़ यात्रा के दौरान मंडियों के आढ़ती लकड़ी की खरीद नहीं करते। एसोसिएशन साफ कर देती है कि जो आढ़ती इस दौरान लकड़ी बेचेगा उसका जिम्मेदार वह खुद होगा।
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प्रशासन की ओर से पकड़े जाने पर एसोसिएशन की तरफ से कोई मदद नहीं की जाएगी। वहीं लकड़ी बेचने वाले आढ़तियों पर मोटा जुर्माना भी लगाया जाता था। इस बार किसी पर जुर्माना लगाने की घोषणा नहीं की गई थी। इसी का फायदा उठाकर कुछ आढ़ती स्थानीय किसानों से लकड़ी मंगवा कर फैक्टरियों में सप्लाई करते रहे।
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प्लाईवुड की 350 यूनिट
जिले में 350 से अधिक प्लाईवुड यूनिट के अलावा 400 से अधिक पिलिंग यूनिट व सॉ मिल हैं। प्लाईवुड फैक्टरियों में रोजाना करीब 7000 क्यूबिक मीटर प्लाई का उत्पादन होता है। यहां तैयार प्लाई को ट्रकों के माध्यम से विभिन्न राज्यों में सप्लाई किया जाता है। जिले में बनी प्लाईवुड मजबूत व उत्तम क्वालिटी की होने के कारण इसकी देश के लगभग सभी हिस्सों में अच्छी मांग है। उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर, हरिद्वार व मुजफ्फरनगर में किसान सीधे मंडियों में लकड़ी लेकर आते हैं। मंडियों में 85 प्रतिशत लकड़ी उत्तर प्रदेश, 10 प्रतिशत पंजाब व बाकी की पांच प्रतिशत यमुनानगर के खेतों से आती हैं।
मंडियों के बंद रहने से उत्पादन पर असर तो पड़ता ही है। फैक्टरियों में लकड़ी का स्टॉक न के बराबर ही रहता है। लकड़ी की उपलब्धता को देखते हुए फैक्टरियों को चलाया जाता है। - जेके बिहानी, अध्यक्ष, हरियाणा प्लाईवुड एसोसिएशन यमुनानगर।
11 दिन के बाद मंडियों में लकड़ी की खरीद शुरू हो गई है। पहले दिन कम लकड़ी आई है। दो से तीन दिन में लकड़ी की आवक में तेजी आएगी। - बलदेव पंवार, प्रधान टिंबर आढ़ती संगठन यमुनानगर।

मंडियों में लकड़ी की खरीद शुरू हो चुकी है। अभी सभी किसानों व ठेकेदारों को पता भी नहीं है कि खरीद शुरू हो गई है। दो-चार दिन में आवक में तेजी आएगी। - मोहित बेरी, सचिव मार्केट कमेटी यमुनानगर।
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