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मौसम की करवट में गर्मी से राहत के साथ आई आफत
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यमुनानगर। जिले में पड़ रही गर्मी की तपिश को बुधवार दोपहर दो बजे आई बारिश ने ठंडा कर दिया। अचानक मौसम की करवट से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी तरफ यह बारिश आफत लेकर भी आई है। ट्विन सिटी में तेज हवाओं के साथ छिटपुट बरसात हुई, लेकिन मुख्यालय के साथ लगते गांवों में बारिश हुई। इसके अलावा बिलासपुर, प्रतापनगर व छछरौली में ओलावृष्टि हुई।
उल्लेखनीय है कि बारिश के पूर्व जिले का अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 22 रहा लेकिन बारिश के बाद शाम को तापमान में गिरावट आ गई। इससे पिछले कई दिनों से गर्मी से बेहाल लोगों ने राहत महसूस की । बारिश के साथ आई आंधी को देखते हुए बिजली निगम ने एक घंटे तक बिजली कट कर दिया। जिले में सबसे ज्यादा बारिश प्रतापनगर 40 एमएम हुई है बाकी अन्य क्षेत्रों में सामान्य रही। उधर प्रताप नगर के गांव अराईयांवाला में बहते नांगल खाला में अचानक बरसाती पानी आ गया। जिसके चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई। पानी ने कई जगहों से नाले की पटरी पर कटाव शुरू कर दिया।
बता दें पिछले बरसात के सीजन में नांगल खाले की पोंटासाहिब रोड से लेकर चांदपुर माजरी तक सफाई न होने से यह बरसाती नदी ओवरफ्लो हो गई थी। जिससे जगाधरी पोंटा नेशनल हाईवे लगभग डेढ़ से दो घंटे तक बंद रहा था ड्रेन की पटरी टूटने से साथ लगते गांव बहादुरपुर, बंबेपुर, चांदपुर माजरी, अराईयां वाला आदि में पानी नें घुस कर भारी तबाही मचाई थी। इस विषय पर सिंचाई विभाग के एसडीओ धर्मपाल का कहना है कि विभाग ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करेगा। हम ग्रामीणों व किसानों की चिंता को लेकर गंभीर हैं विभाग द्वारा नांगल खाले की पटरी का निर्माण करने के लिए पत्थर आदि की खरीद की जा चुकी है। बरसाती सीजन आने से पहले नांगल खाले की सफाई करवा दी जाएगी और जहां जरूरत होगी।
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प्रतापनगर। पहाड़ों पर हुई बारिश से खिलांवाला की बोली नदी में अचानक पानी आ गया। जिससे कई राहगीर पानी में फंस गए। ऐसे में ग्रामीणों की मदद से नदी में फंसे उन लोगों को बाहर निकाला गया। नदी का पानी साथ लगती फसलों में नहीं घुसा, लेकिन बरसाती नदी होने के चलते उसमें अचानक पानी आ जाने से वहां से निकल रहे कुछ लोग बह गये थे। जिन्हें किसी तरह से बचा लिया गया। लोगों के मुताबिक कोलीवाला व बागपत के बीच गुजर रही नदी दर्जनों गांव को जोड़ती है लेकिन आज तक भी यहां पुल नहीं लगा। ऐसे में बरसात के सीजन में राहगीरों को आए दिन समस्या का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बोली नदी पर पुल लगवाने की मांग की है।
छछरौली। क्षेत्र में अंधड़ के साथ आई बरसात के बीच ओलावृष्टि भी हुई। ऐसे में तेज अंधड़ के चलते मार्ग पर पेड़ गिर गया। ऐसे में वहां से गुजर रहा बाइक सवार बाल-बाल बच गया। लेकिन इस दौरान उसका सामान टूट गया। उधर बारिश के आने के बाद लोग घरों से बाहर आ गए। बच्चे तो बारिश में खूब लुफ्त उठाया। कईं लोगों ने सोशल मीडिया पर बारिश की वीडियो बनाकर शेयर भी की। हालांकि ओलावृष्टि कम हुई लेकिन एकाएक बदलाव हुए मौसम को देखकर किसानों की टेंशन भी बढ़ गई है। चूंकि बहुत से किसानों ने सब्जी की फसल भी लगाई हुई है।
उधर बरौली माजरा में तेज हवाओं के चलते पेड़ घर के सामने खड़ी मोटरसाइकिल ऊपर गिर गया। गांव निवासी रमेश सैनी, बॉबी सैनी, दीपांशु, गुलशन डमोली, दिलजान बरोली माजरा ने बताया कि बरोली माजरा पुल के पास एक व्यक्ति के घर के सामने पुराने भारी-भरकम सफेदे के पेड़ खड़े हैं। जो काफी भारी होने की वजह से हवा और बारिश में कई बार उनके घर पर गिर चुके हैं। जिससे उनका घर में रखा सामान मोटरसाइकिल व टीन शेड टूट चुका था। इन पेड़ों को यहां से हटवाने के लिए वन विभाग के यहां शिकायत भी दी थी लेकिन आज भी समस्या ज्यों की त्यों है। वही इस बारे में छछरौली वन रेंज अधिकारी दिनेश पुनिया का कहना है की सड़क किनारे खड़े भारी-भरकम पेड़ों को हटवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हवा के कारण जो पेड़ गिरे हुए हैं उनको तुरंत हटवाया जाएगा।
वर्जन
केवल प्रतापनगर में 40 एमएम बारिश दर्ज की गई। बाकी जगहों पर सामान्य है। लेकिन इस बारिश का फसलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसे में किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं। चूंकि गेहूं की फसल भी तकरीबन कट चुकी है।
-जसविंद्र सिंह सैनी, उप निदेशक, कृषि विभाग।
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उल्लेखनीय है कि बारिश के पूर्व जिले का अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 22 रहा लेकिन बारिश के बाद शाम को तापमान में गिरावट आ गई। इससे पिछले कई दिनों से गर्मी से बेहाल लोगों ने राहत महसूस की । बारिश के साथ आई आंधी को देखते हुए बिजली निगम ने एक घंटे तक बिजली कट कर दिया। जिले में सबसे ज्यादा बारिश प्रतापनगर 40 एमएम हुई है बाकी अन्य क्षेत्रों में सामान्य रही। उधर प्रताप नगर के गांव अराईयांवाला में बहते नांगल खाला में अचानक बरसाती पानी आ गया। जिसके चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई। पानी ने कई जगहों से नाले की पटरी पर कटाव शुरू कर दिया।
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बता दें पिछले बरसात के सीजन में नांगल खाले की पोंटासाहिब रोड से लेकर चांदपुर माजरी तक सफाई न होने से यह बरसाती नदी ओवरफ्लो हो गई थी। जिससे जगाधरी पोंटा नेशनल हाईवे लगभग डेढ़ से दो घंटे तक बंद रहा था ड्रेन की पटरी टूटने से साथ लगते गांव बहादुरपुर, बंबेपुर, चांदपुर माजरी, अराईयां वाला आदि में पानी नें घुस कर भारी तबाही मचाई थी। इस विषय पर सिंचाई विभाग के एसडीओ धर्मपाल का कहना है कि विभाग ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करेगा। हम ग्रामीणों व किसानों की चिंता को लेकर गंभीर हैं विभाग द्वारा नांगल खाले की पटरी का निर्माण करने के लिए पत्थर आदि की खरीद की जा चुकी है। बरसाती सीजन आने से पहले नांगल खाले की सफाई करवा दी जाएगी और जहां जरूरत होगी।
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प्रतापनगर। पहाड़ों पर हुई बारिश से खिलांवाला की बोली नदी में अचानक पानी आ गया। जिससे कई राहगीर पानी में फंस गए। ऐसे में ग्रामीणों की मदद से नदी में फंसे उन लोगों को बाहर निकाला गया। नदी का पानी साथ लगती फसलों में नहीं घुसा, लेकिन बरसाती नदी होने के चलते उसमें अचानक पानी आ जाने से वहां से निकल रहे कुछ लोग बह गये थे। जिन्हें किसी तरह से बचा लिया गया। लोगों के मुताबिक कोलीवाला व बागपत के बीच गुजर रही नदी दर्जनों गांव को जोड़ती है लेकिन आज तक भी यहां पुल नहीं लगा। ऐसे में बरसात के सीजन में राहगीरों को आए दिन समस्या का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बोली नदी पर पुल लगवाने की मांग की है।
छछरौली। क्षेत्र में अंधड़ के साथ आई बरसात के बीच ओलावृष्टि भी हुई। ऐसे में तेज अंधड़ के चलते मार्ग पर पेड़ गिर गया। ऐसे में वहां से गुजर रहा बाइक सवार बाल-बाल बच गया। लेकिन इस दौरान उसका सामान टूट गया। उधर बारिश के आने के बाद लोग घरों से बाहर आ गए। बच्चे तो बारिश में खूब लुफ्त उठाया। कईं लोगों ने सोशल मीडिया पर बारिश की वीडियो बनाकर शेयर भी की। हालांकि ओलावृष्टि कम हुई लेकिन एकाएक बदलाव हुए मौसम को देखकर किसानों की टेंशन भी बढ़ गई है। चूंकि बहुत से किसानों ने सब्जी की फसल भी लगाई हुई है।
उधर बरौली माजरा में तेज हवाओं के चलते पेड़ घर के सामने खड़ी मोटरसाइकिल ऊपर गिर गया। गांव निवासी रमेश सैनी, बॉबी सैनी, दीपांशु, गुलशन डमोली, दिलजान बरोली माजरा ने बताया कि बरोली माजरा पुल के पास एक व्यक्ति के घर के सामने पुराने भारी-भरकम सफेदे के पेड़ खड़े हैं। जो काफी भारी होने की वजह से हवा और बारिश में कई बार उनके घर पर गिर चुके हैं। जिससे उनका घर में रखा सामान मोटरसाइकिल व टीन शेड टूट चुका था। इन पेड़ों को यहां से हटवाने के लिए वन विभाग के यहां शिकायत भी दी थी लेकिन आज भी समस्या ज्यों की त्यों है। वही इस बारे में छछरौली वन रेंज अधिकारी दिनेश पुनिया का कहना है की सड़क किनारे खड़े भारी-भरकम पेड़ों को हटवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हवा के कारण जो पेड़ गिरे हुए हैं उनको तुरंत हटवाया जाएगा।
वर्जन
केवल प्रतापनगर में 40 एमएम बारिश दर्ज की गई। बाकी जगहों पर सामान्य है। लेकिन इस बारिश का फसलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसे में किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं। चूंकि गेहूं की फसल भी तकरीबन कट चुकी है।
-जसविंद्र सिंह सैनी, उप निदेशक, कृषि विभाग।