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सर्दी का सितम : हाड़ कंपकंपा देने वाली ठंड ने तोड़ा रिकॉर्ड, न्यूनतम तापमान दो डिग्री पर पहुंचा
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winter broke 22 years record
- फोटो : Yamuna Nagar
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टिवनसिटी में रूह कंपा देने वाली ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी और मैदानी इलाकों में पड़ रही कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। क्रिसमस की रात इस सीजन की सबसे ठंडी रही और न्यूनतम तापमान दो डिग्री पर पहुंच गया। वहीं इस ठंड में अधिकतम तापमान भी सामान्य से 5 डिग्री तक धड़ाम होकर 15 डिग्री सेल्सियस हो गया है। आने वाले दिनों में इससे राहत मिलने की संभावना भी नहीं है। लगातार उत्तर पश्चिमी हवाएं कंपकंपाने पर मजबूर कर रही हैं।
शहर में शीतलहर 14 दिसंबर से शुरू हुई थी। तब से अब तक यह लगातार चल रही है। इससे पूर्व दिसंबर 1997 में ही इससे लंबी शीतलहर चली थी। उस दौरान दिसंबर में लगातार 13 दिनों तक शीतलहर का प्रकोप रहा था। जबकि पूरे महीने के दौरान 17 दिन शीतलहर के रहे थे। दिसंबर 2019 में 12 दिन शीतलहर के हो चुके हैं और अभी पूरा सप्ताह इसी तरह के हालत बने रहेंगे।
चंडीगढ़ मौसम विभाग के मुताबिक के चंडीगढ़ और आसपास कोई वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय नहीं हो रहा है। जिसकी वजह से लगातार उत्तर पश्चिमी हवाएं पहाड़ों से बर्फ की ठंडी हवाएं लेकर यहां पहुंच रही हैं। इसकी वजह से शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है। वहीं बादलों की मोटी परत की वजह से धूप भी धरती पर नहीं पहुंच पा रही है। 30 दिसंबर तक तापमान ऐसे ही बना रहेगा। न्यूनतम तापमान 2 डिग्री से भी कम हो सकता है। 30 दिसंबर से स्थिति में कुछ बदलाव होने की संभावना है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस की सक्रियता की वजह से कम नमी भरी पूर्वी हवाएं पहुंचेगी और सर्दी से कुछ राहत दिलाएंगी। 2 और 3 जनवरी को हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी है।
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शहर में शीतलहर 14 दिसंबर से शुरू हुई थी। तब से अब तक यह लगातार चल रही है। इससे पूर्व दिसंबर 1997 में ही इससे लंबी शीतलहर चली थी। उस दौरान दिसंबर में लगातार 13 दिनों तक शीतलहर का प्रकोप रहा था। जबकि पूरे महीने के दौरान 17 दिन शीतलहर के रहे थे। दिसंबर 2019 में 12 दिन शीतलहर के हो चुके हैं और अभी पूरा सप्ताह इसी तरह के हालत बने रहेंगे।
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चंडीगढ़ मौसम विभाग के मुताबिक के चंडीगढ़ और आसपास कोई वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय नहीं हो रहा है। जिसकी वजह से लगातार उत्तर पश्चिमी हवाएं पहाड़ों से बर्फ की ठंडी हवाएं लेकर यहां पहुंच रही हैं। इसकी वजह से शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है। वहीं बादलों की मोटी परत की वजह से धूप भी धरती पर नहीं पहुंच पा रही है। 30 दिसंबर तक तापमान ऐसे ही बना रहेगा। न्यूनतम तापमान 2 डिग्री से भी कम हो सकता है। 30 दिसंबर से स्थिति में कुछ बदलाव होने की संभावना है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस की सक्रियता की वजह से कम नमी भरी पूर्वी हवाएं पहुंचेगी और सर्दी से कुछ राहत दिलाएंगी। 2 और 3 जनवरी को हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी है।
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