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पैदल पथ पुल से कम होगी दूरी
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
Updated Mon, 17 Feb 2014 12:30 AM IST
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रेलवे स्टेशन से पुराना हमीदा और नेशनल हाईवे से रेलवे स्टेशन आने-जाने
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वालों के लिए पैदल पथ पुल जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। इसके लिए काम शुरू
हो चुका है। पुल का 90 प्रतिशत स्ट्रक्चर भी मौके पर पहुंच गया।
पुल को खड़ा करने के लिए 50 कर्मचारी काम में लगे हैं। माना जा रहा है कि अगले दो माह में इसका कार्य लगभग पूरा हो जाएगा। इसके बाद लोगों को जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन से नहीं गुजरना पड़ेगा।
इस पुल का काम एक साल से लटका था। जो तीन दिन पहले ही शुरू हुआ है। इन दिनाें काम तेजी से हो रहा है। पुल का ढांचा खड़ा करने के लिए वैल बना दिए गए हैं, वहीं मौके पर ही कर्मचारी लोहे की पत्तियों को पुल का रूप देने में लगे हैं। इस पुल की लंबाई 150 मीटर होगी। जो पुराने पुल से दोगुना होगी। इसके साथ ही पुल बनने के बाद हाईवे से रेलवे लाइन की ओर आने वाले रास्ते को भी चौड़ा किया जाएगा।
हजारों लोगों को होगा फायदा
पुल बनने से रेल यात्रियों के अलावा लाइन पार रह रहे हजारों लोगों को फायदा होगा। लाइन पार रह रहे पुराना हमीदा के हजारों लोग अभी या तो फाटक से घूमकर शहर में प्रवेश करते हैं या फिर जान जोखिम में डाल रेलवे लाइन को पार करते हैं, वहीं पुल न होने से यात्रियों को भी दिक्कत होती है। क्योंकि अगर किसी यात्री को स्टेशन से हाईवे पर जाना है तो उसे पुराना रादौर रोड से होकर फाटक पर जाना पड़ता है उसके बाद ही वह हाईवे पर जा पाता है। लोगों का कहना है कि पुल बनाने की लंबे समय से मांग की जा रही थी। पुल बनाने की घोषणा और शिलान्यास दोनों हो चुके थे। लेकिन काम शुरू नहीं हो पा रहा था। अब काम शुरू होने से लोगों में खुशी की लहर है।
बीस वर्षों से उठ रही थी मांग
पुल बनवाने को लेकर पिछले 20 वर्षों से हमीदा व लाइन पार रहने वाले लोग मांग उठ रहे थे। इसको लेकर लोग कई बार मंत्रियों और रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को शिकायत कर चुके थे। उसके बाद रेलवे बोर्ड ने लोगों की मंाग की ओर ध्यान दिया और पुल बनाने को लेकर मंजूरी दी। इसके बाद ही अब यह पुल बनने जा रहा है।
हादसों में आएगी कमी
पुल बनने से जहां लोगों का समय बचेगा, वहीं हादसों में भी कमी जाएगी। ज्यादातर फाटक बंद रहने से वहां पर जाम लगा रहता है जिसके कारण पैदल चलने वाले लोग वहां से जाना पसंद नहीं करते। इसके लिए वे गलत तरीके से लाइन पार करते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। लेकिन पुल बनने से माना जा रहा है कि हादसों में भी कमी आएगी। लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन यार्ड के आसपास जो भी हादसे होते हैं वे इसी का कारण है कि लोग गलत तरीके से लाइनों को पार करते हैं।
लोगों को जल्द देंगे पुल
पुल पर कार्य कर रहे रेलवे के सीनियर इंजीनियर अशोक कुमार ने बताया कि 25-25 मीटर के पांच स्ट्रक्चर आ गए हैं। अभी एक 11 मीटर और एक सात मीटर का स्ट्रक्चर आना है। हमारा प्रयास रहेगा कि 15 अप्रैल तक स्ट्रक्चर रखने का कार्य पूरा कर दिया जाए। उसके बाद जो अन्य कार्य बचेगा उसे भी जल्द कराने का प्रयास किया जाएगा। उनका कहना है कि पुल के लिए स्टेप तैयार किए जा रहे हैं। दो लाइनों के बीच पुल बनाना उनके लिए चुनौती है।
पुल को खड़ा करने के लिए 50 कर्मचारी काम में लगे हैं। माना जा रहा है कि अगले दो माह में इसका कार्य लगभग पूरा हो जाएगा। इसके बाद लोगों को जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन से नहीं गुजरना पड़ेगा।
इस पुल का काम एक साल से लटका था। जो तीन दिन पहले ही शुरू हुआ है। इन दिनाें काम तेजी से हो रहा है। पुल का ढांचा खड़ा करने के लिए वैल बना दिए गए हैं, वहीं मौके पर ही कर्मचारी लोहे की पत्तियों को पुल का रूप देने में लगे हैं। इस पुल की लंबाई 150 मीटर होगी। जो पुराने पुल से दोगुना होगी। इसके साथ ही पुल बनने के बाद हाईवे से रेलवे लाइन की ओर आने वाले रास्ते को भी चौड़ा किया जाएगा।
हजारों लोगों को होगा फायदा
पुल बनने से रेल यात्रियों के अलावा लाइन पार रह रहे हजारों लोगों को फायदा होगा। लाइन पार रह रहे पुराना हमीदा के हजारों लोग अभी या तो फाटक से घूमकर शहर में प्रवेश करते हैं या फिर जान जोखिम में डाल रेलवे लाइन को पार करते हैं, वहीं पुल न होने से यात्रियों को भी दिक्कत होती है। क्योंकि अगर किसी यात्री को स्टेशन से हाईवे पर जाना है तो उसे पुराना रादौर रोड से होकर फाटक पर जाना पड़ता है उसके बाद ही वह हाईवे पर जा पाता है। लोगों का कहना है कि पुल बनाने की लंबे समय से मांग की जा रही थी। पुल बनाने की घोषणा और शिलान्यास दोनों हो चुके थे। लेकिन काम शुरू नहीं हो पा रहा था। अब काम शुरू होने से लोगों में खुशी की लहर है।
बीस वर्षों से उठ रही थी मांग
पुल बनवाने को लेकर पिछले 20 वर्षों से हमीदा व लाइन पार रहने वाले लोग मांग उठ रहे थे। इसको लेकर लोग कई बार मंत्रियों और रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को शिकायत कर चुके थे। उसके बाद रेलवे बोर्ड ने लोगों की मंाग की ओर ध्यान दिया और पुल बनाने को लेकर मंजूरी दी। इसके बाद ही अब यह पुल बनने जा रहा है।
हादसों में आएगी कमी
पुल बनने से जहां लोगों का समय बचेगा, वहीं हादसों में भी कमी जाएगी। ज्यादातर फाटक बंद रहने से वहां पर जाम लगा रहता है जिसके कारण पैदल चलने वाले लोग वहां से जाना पसंद नहीं करते। इसके लिए वे गलत तरीके से लाइन पार करते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। लेकिन पुल बनने से माना जा रहा है कि हादसों में भी कमी आएगी। लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन यार्ड के आसपास जो भी हादसे होते हैं वे इसी का कारण है कि लोग गलत तरीके से लाइनों को पार करते हैं।
लोगों को जल्द देंगे पुल
पुल पर कार्य कर रहे रेलवे के सीनियर इंजीनियर अशोक कुमार ने बताया कि 25-25 मीटर के पांच स्ट्रक्चर आ गए हैं। अभी एक 11 मीटर और एक सात मीटर का स्ट्रक्चर आना है। हमारा प्रयास रहेगा कि 15 अप्रैल तक स्ट्रक्चर रखने का कार्य पूरा कर दिया जाए। उसके बाद जो अन्य कार्य बचेगा उसे भी जल्द कराने का प्रयास किया जाएगा। उनका कहना है कि पुल के लिए स्टेप तैयार किए जा रहे हैं। दो लाइनों के बीच पुल बनाना उनके लिए चुनौती है।