{"_id":"581e157c4f1c1b8c3c43622e","slug":"way-river-dust-admitration","type":"story","status":"publish","title_hn":"खस्ताहाल हैं रास्ते तो गंदगी से अटे हैं घाट, आयोजकों को नहीं मिला प्रशासन का साथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खस्ताहाल हैं रास्ते तो गंदगी से अटे हैं घाट, आयोजकों को नहीं मिला प्रशासन का साथ
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
Updated Sat, 05 Nov 2016 10:53 PM IST
विज्ञापन
ymuna river
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आज छठ पर्व है। इसको लेकर व्रत रखने वाली महिलाओं सहित पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों में खासा उत्साह है। पर्व पर रविवार शाम अस्ताचलगामी (डूबते) सूर्य को अर्घ्य देने के लिए पश्चिमी यमुना नहर के किनारे व घाटों पर हजारों श्रद्धालु जुटेंगे। इसके लिए पुराना हमीदा हेड, जमना गली, बाडीमाजरा पुल व चिट्टा मंदिर के समीप बने घाटों व किनारों पर विशेष आयोजन होगा। इसकी तैयारियों के लिए सप्ताहभर में आयोजक स्वयं भी साफ-सफाई व अन्य व्यवस्था को दुरस्त करने की कमान संभाले हैं, जबकि उन्हें प्रशासन का सहयोग नहीं मिला। अमर उजाला ने शनिवार को आयोजन स्थलों का दौरा किया तो सभी घाटों व किनारों पर गंदगी का आलम दिखा वहीं, यहां पहुंचने के रास्ते भी खस्ताहाल मिले। उधर, आनन-फानन में यमुनानगर विधायक घनश्यामदास अरोड़ा ने भी मौके पर हालात का जायजा लेकर सिंचाई विभाग व नगर निगम के अधिकारियों को साफ-सफाई व अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के दिशा-निर्देश दिए।
बता दें कि बता दें कि जिले में पूर्वोत्तर राज्यों के लाखों लोग रहते हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर पर्व के दो दिन पूजन व स्नान करते हैं। इनमें सबसे अधिक लोग पश्चिमी यमुना नहर के चिट्टा मंदिर, बाडीमाजरा पुल, जमना गली व हमीदा हेड के समीप बने घाट व किनारों पर जुटते हैं। इस बार यह पर्व छह-सात नवंबर को हैं, यानि आज से इसका आगाज हो रहा है। बावजूद इसके सूरते हाल यह है कि हजारों लोगों की आस्था का केंद्र होने पर भी नहर के घाटों और किनारों की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। जगह-जगह गदंगी का आलम है वहीं, नहर में सीधे गिर रहे नालों से भी यमुना में गंदगी मिल रही है। इसके अतिरिक्त यहां तक पहुंचने के रास्ते भी खस्ताहाल हैं। पूजा-पाठ करने वाले समाज के लोग व उनसे जुड़ी समितियों व सभाओं के लोग खुद स्थिति दुरुस्त करने में लगे हैं। जबकि प्रशासन के इंतजाम नाकाफी दिख रहे हैं। दूसरी तरफ जिन लोगों की मन्नतें पूरी हुई हैं, उनकी ओर से घाट पर पूजा के लिए वैदियां बनाने का काम जोरशोर से चल रहा है।
श्रद्धालुओं को करना पड़ेगा गड्ढों व धूल का सामना:
छठ पर्व पर शहर में सबसे अधिक श्रद्धालु बाडीमाजरा पुल व चिट्टा मंदिर के समीप पश्चिमी यमुना नहर के किनारे व घाट पर पहुंचते हैं। बीते वर्षों कच्ची पगडंडी को समानंतर करने के लिए मिट्टी डाली गई थी, जबकि इस बार ऐसा नहीं किया गया। ऐसे में मार्ग पर वाहनों की आवाजाही के बीच राहगीरों व चालकों को धुल का सामना करना पड़ेगा। इसी प्रकार सिटी सेंटर रोड की तरफ से मार्ग खस्ताहाल होने से आने-जाने वालों का गड्ढों से गुजरना पड़ेगा।
विज्ञापन
सीढ़ियां न होने और फिसलन से हादसे की आशंका:
श्रद्धालु घाट पर और नहर के पानी में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं, लेकिन नहर के दोनों ओर किनारों व घाटों की स्थिति काफी खराब है। किनारे कच्चे हैं और न तो किसी प्रकार की सीढ़ियां हैं और न सुरक्षा के लिए पकड़ने के लिए संगल हैं। जबकि किनारों व घाटों पर काफी फिसलन होने से छठ पूजा के दिन उमड़ने वाली हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच बड़ा हादसा हो सकता है।
स्वयं दस मजदूर लगाकर करवा रहे सफाई:
पूर्वोत्तर मानव कल्याण समिति के प्रधान परमानंद यादव ने कहा कि उनकी ओर से हमीदा हेड के साथ पश्चिमी यमुना नहर के किनारे गढ़ी रोड, पुराना हमीदा में आयोजन किया जाएगा। यहां पर्व बतौर मुख्यातिथि के रूप में विधायक घनश्यामदास अरोड़ा मौजूद रहेंगे। आयोजन को लेकर वह सप्ताहभर से तैयारी में जुटे हैं, किंतु अभी भी सफाई को लेकर काफी काम बाकी है। इस दिशा में नगर निगम की ओर से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला है। कर्मचारी आते हैं और खानापूर्ति कर लौट जाते हैं।
सिंचाई विभाग व नगर निगम अधिकारियों को दिए आदेश:
यमुनानगर विधायक घनश्यामदास अरोड़ा ने छठ पर्व को लेकर हो रहे आयोजन स्थलों का दौरा किया। उन्होंने सिंचाई विभाग व नगर निगम के अधिकारियों से कहा कि नहर के किनारों व घाटों की सफाई की जाए। वहीं, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस सुरक्षा मुहैया हो, ताकि कोई शरारती तत्व आपराधिक घटना न कर सके। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति से निपटने को मौके पर गोताखोर तैनात किए जाएं। मौके पर विधायक के साथ कैलाश चंद अग्रवाल, रमन गोयल, नीतीश दुआ आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
बता दें कि बता दें कि जिले में पूर्वोत्तर राज्यों के लाखों लोग रहते हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर पर्व के दो दिन पूजन व स्नान करते हैं। इनमें सबसे अधिक लोग पश्चिमी यमुना नहर के चिट्टा मंदिर, बाडीमाजरा पुल, जमना गली व हमीदा हेड के समीप बने घाट व किनारों पर जुटते हैं। इस बार यह पर्व छह-सात नवंबर को हैं, यानि आज से इसका आगाज हो रहा है। बावजूद इसके सूरते हाल यह है कि हजारों लोगों की आस्था का केंद्र होने पर भी नहर के घाटों और किनारों की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। जगह-जगह गदंगी का आलम है वहीं, नहर में सीधे गिर रहे नालों से भी यमुना में गंदगी मिल रही है। इसके अतिरिक्त यहां तक पहुंचने के रास्ते भी खस्ताहाल हैं। पूजा-पाठ करने वाले समाज के लोग व उनसे जुड़ी समितियों व सभाओं के लोग खुद स्थिति दुरुस्त करने में लगे हैं। जबकि प्रशासन के इंतजाम नाकाफी दिख रहे हैं। दूसरी तरफ जिन लोगों की मन्नतें पूरी हुई हैं, उनकी ओर से घाट पर पूजा के लिए वैदियां बनाने का काम जोरशोर से चल रहा है।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं को करना पड़ेगा गड्ढों व धूल का सामना:
छठ पर्व पर शहर में सबसे अधिक श्रद्धालु बाडीमाजरा पुल व चिट्टा मंदिर के समीप पश्चिमी यमुना नहर के किनारे व घाट पर पहुंचते हैं। बीते वर्षों कच्ची पगडंडी को समानंतर करने के लिए मिट्टी डाली गई थी, जबकि इस बार ऐसा नहीं किया गया। ऐसे में मार्ग पर वाहनों की आवाजाही के बीच राहगीरों व चालकों को धुल का सामना करना पड़ेगा। इसी प्रकार सिटी सेंटर रोड की तरफ से मार्ग खस्ताहाल होने से आने-जाने वालों का गड्ढों से गुजरना पड़ेगा।
विज्ञापन
सीढ़ियां न होने और फिसलन से हादसे की आशंका:
श्रद्धालु घाट पर और नहर के पानी में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं, लेकिन नहर के दोनों ओर किनारों व घाटों की स्थिति काफी खराब है। किनारे कच्चे हैं और न तो किसी प्रकार की सीढ़ियां हैं और न सुरक्षा के लिए पकड़ने के लिए संगल हैं। जबकि किनारों व घाटों पर काफी फिसलन होने से छठ पूजा के दिन उमड़ने वाली हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच बड़ा हादसा हो सकता है।
स्वयं दस मजदूर लगाकर करवा रहे सफाई:
पूर्वोत्तर मानव कल्याण समिति के प्रधान परमानंद यादव ने कहा कि उनकी ओर से हमीदा हेड के साथ पश्चिमी यमुना नहर के किनारे गढ़ी रोड, पुराना हमीदा में आयोजन किया जाएगा। यहां पर्व बतौर मुख्यातिथि के रूप में विधायक घनश्यामदास अरोड़ा मौजूद रहेंगे। आयोजन को लेकर वह सप्ताहभर से तैयारी में जुटे हैं, किंतु अभी भी सफाई को लेकर काफी काम बाकी है। इस दिशा में नगर निगम की ओर से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला है। कर्मचारी आते हैं और खानापूर्ति कर लौट जाते हैं।
सिंचाई विभाग व नगर निगम अधिकारियों को दिए आदेश:
यमुनानगर विधायक घनश्यामदास अरोड़ा ने छठ पर्व को लेकर हो रहे आयोजन स्थलों का दौरा किया। उन्होंने सिंचाई विभाग व नगर निगम के अधिकारियों से कहा कि नहर के किनारों व घाटों की सफाई की जाए। वहीं, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस सुरक्षा मुहैया हो, ताकि कोई शरारती तत्व आपराधिक घटना न कर सके। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति से निपटने को मौके पर गोताखोर तैनात किए जाएं। मौके पर विधायक के साथ कैलाश चंद अग्रवाल, रमन गोयल, नीतीश दुआ आदि मौजूद थे।