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Yamuna Nagar News: करने जा रहे थे आत्महत्या, योग से मिला स्वस्थ जीवन
Fri, 21 Jun 2024 05:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 21 Jun 2024 05:11 AM IST
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राजेश कुमार
यमुनानगर। शहर की शिवपुरी-बी कॉलोनी निवासी 69 वर्षीय सतीश शर्मा आर्य के मन में 15 साल पहले आत्महत्या करने का ख्याल आया था। तनाव व कमर की बीमारी से परेशान होकर उन्होंने अपने पांव घर से कुछ दूरी पर स्थित रेलवे लाइन की तरफ कदम बढ़ा लिए थे। परंतु पता नहीं कैसे कदम बीच रास्ते में कैसे अपने आप रुक गए। इसके बाद योग ने उनका जीवन ऐसा बदला की आज न केवल स्वस्थ जीवन जी रहे हैं बल्कि अब दूसरों को भी योग सीखा रहे हैं।
वे 10 साल से योग शिक्षक हैं। सुबह-शाम लक्ष्मी नगर पार्क में महिला व पुरुषों को रोजाना योग कराते हैं। इससे वह खुद भी निरोग रहते हैं और दूसरों को भी इसके फायदों से अवगत करवा रहे हैं। सतीश आर्य इस्जेक कंपनी में नौकरी करते थे। कमर की बीमारी से होने वाले दर्द से कंपनी में काम करना भी मुश्किल हो गया था। उनका काम लगातार बढ़ रहा था।
बीमारी को देखते हुए इस्जेक की तरफ से उन्हें कहा गया कि वह काम तो कर नहीं सकता इसलिए नौकरी छोड़ दें। वह तनावग्रस्त हो गए और इसके उपचार के लिए सहारनपुर से लेकर मेरठ तक और यहां वहां डॉक्टरों से उपचार कराने पर करीब चार लाख रुपये खर्च कर दिए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
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हालात ऐसे हो गए कि वह अपने हाथ से चाय का कप भी उठाकर नहीं पी सकते थे। इससे परेशान होकर 15 साल पहले वह ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने के लिए चल पड़े। तब उनके दादा स्वतंत्रता सेनानी व आय समाजी महाशय तेलू राम आर्य ने उन्हें योग के बारे में बताया। संवाद
दादा ने सिखाया था योग करना
सतीश आर्य ने बताया कि उनके दादा ने खुद भी 90 साल की उम्र तक योग किया। दादा ने उन्हें एक-एक करके कई योग क्रियाएं कराई। जिसका असर दिखने लगा और वह ठीक हो गए। उन्हें इस्जेक से 2015 में रिटायर्ड हो जाना था, लेकिन अधिकारियों ने उनकी सेवा में 10 साल का विस्तार कर दिया। धीरे-धीरे वह इस्जेक के अधिकारियों व शुगर मिल कॉलोनी में भी लोगों को योग कराने लगे। तब उन्हें लगा कि उनकी तरह और भी लोग परेशान हो सकते हैं। इसलिए उन्हें भी योग सिखाया जाना चाहिए। उन्होंने पतंजलि योग पीठ से योग का ऑनलाइन प्रशिक्षण लिया। जिससे उन्हें योग शिक्षक की उपाधि मिली और अब वह शिविर लगाकर लोगों को योग करवा रहे हैं। वर्ष 2015 में जब पहली बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर चंडीगढ़ में कार्यक्रम हुआ था तो उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ योग करने का अवसर मिला।
योग से नई ऊर्जा का होता संचार : डॉ. शिवकुमार
जिला नागरिक अस्पताल के योगाचार्य डॉ. शिवकुमार सैनी ने बताया कि योग में बहुत ताकत है। योग से गंभीर रोग भी ठीक हो सकते हैं। योग की वजह से ही सतीश आर्य तनाव से बाहर आए और बीमारी को दूर भगाया। योग से शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए सभी को रोजाना योग जरूर करना चाहिए।
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यमुनानगर। शहर की शिवपुरी-बी कॉलोनी निवासी 69 वर्षीय सतीश शर्मा आर्य के मन में 15 साल पहले आत्महत्या करने का ख्याल आया था। तनाव व कमर की बीमारी से परेशान होकर उन्होंने अपने पांव घर से कुछ दूरी पर स्थित रेलवे लाइन की तरफ कदम बढ़ा लिए थे। परंतु पता नहीं कैसे कदम बीच रास्ते में कैसे अपने आप रुक गए। इसके बाद योग ने उनका जीवन ऐसा बदला की आज न केवल स्वस्थ जीवन जी रहे हैं बल्कि अब दूसरों को भी योग सीखा रहे हैं।
वे 10 साल से योग शिक्षक हैं। सुबह-शाम लक्ष्मी नगर पार्क में महिला व पुरुषों को रोजाना योग कराते हैं। इससे वह खुद भी निरोग रहते हैं और दूसरों को भी इसके फायदों से अवगत करवा रहे हैं। सतीश आर्य इस्जेक कंपनी में नौकरी करते थे। कमर की बीमारी से होने वाले दर्द से कंपनी में काम करना भी मुश्किल हो गया था। उनका काम लगातार बढ़ रहा था।
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बीमारी को देखते हुए इस्जेक की तरफ से उन्हें कहा गया कि वह काम तो कर नहीं सकता इसलिए नौकरी छोड़ दें। वह तनावग्रस्त हो गए और इसके उपचार के लिए सहारनपुर से लेकर मेरठ तक और यहां वहां डॉक्टरों से उपचार कराने पर करीब चार लाख रुपये खर्च कर दिए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
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हालात ऐसे हो गए कि वह अपने हाथ से चाय का कप भी उठाकर नहीं पी सकते थे। इससे परेशान होकर 15 साल पहले वह ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने के लिए चल पड़े। तब उनके दादा स्वतंत्रता सेनानी व आय समाजी महाशय तेलू राम आर्य ने उन्हें योग के बारे में बताया। संवाद
दादा ने सिखाया था योग करना
सतीश आर्य ने बताया कि उनके दादा ने खुद भी 90 साल की उम्र तक योग किया। दादा ने उन्हें एक-एक करके कई योग क्रियाएं कराई। जिसका असर दिखने लगा और वह ठीक हो गए। उन्हें इस्जेक से 2015 में रिटायर्ड हो जाना था, लेकिन अधिकारियों ने उनकी सेवा में 10 साल का विस्तार कर दिया। धीरे-धीरे वह इस्जेक के अधिकारियों व शुगर मिल कॉलोनी में भी लोगों को योग कराने लगे। तब उन्हें लगा कि उनकी तरह और भी लोग परेशान हो सकते हैं। इसलिए उन्हें भी योग सिखाया जाना चाहिए। उन्होंने पतंजलि योग पीठ से योग का ऑनलाइन प्रशिक्षण लिया। जिससे उन्हें योग शिक्षक की उपाधि मिली और अब वह शिविर लगाकर लोगों को योग करवा रहे हैं। वर्ष 2015 में जब पहली बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर चंडीगढ़ में कार्यक्रम हुआ था तो उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ योग करने का अवसर मिला।
योग से नई ऊर्जा का होता संचार : डॉ. शिवकुमार
जिला नागरिक अस्पताल के योगाचार्य डॉ. शिवकुमार सैनी ने बताया कि योग में बहुत ताकत है। योग से गंभीर रोग भी ठीक हो सकते हैं। योग की वजह से ही सतीश आर्य तनाव से बाहर आए और बीमारी को दूर भगाया। योग से शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए सभी को रोजाना योग जरूर करना चाहिए।