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Yamuna Nagar News: जिला अस्पताल में इलाज से पहले घंटों का इंतजार

Wed, 18 Feb 2026 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 18 Feb 2026 01:34 AM IST
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Waiting for hours before treatment in the district hospital
अस्पताल में पर्ची बनवाने के लिए लगी महिलाओं की भीड़। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में मंगलवार सुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी। पर्ची काउंटर के बाहर लंबी कतारें, गलियारों में बैठे मरीजों को यहां इलाज से पहले इंतजार की परीक्षा देनी पड़ रही है। मरीजों का आरोप है कि डॉक्टरों के सीट पर न मिलने से घंटों इंतजार करना पड़ता है। कोई ओटी का हवाला देकर उठ जाता है तो कोई वार्ड राउंड की बात कहकर चला जाता है।
ओपीडी की पर्ची बनवाने के लिए इतनी भीड़ रही कि व्यवस्था संभालने को पुलिस तक तैनात करनी पड़ी। महिलाओं की लाइन सबसे लंबी दिखी। कई महिलाएं दोपहर तक भी अपनी बारी आने को लेकर आशंकित रहीं। पर्ची बनवाने में ही एक से डेढ़ घंटा लग रहा है। इसके बाद संबंधित डॉक्टर के कक्ष के बाहर फिर इंतजार।
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जांच लिखी गई तो लैब के बाहर अलग कतार और अंत में दवा लेने के लिए फार्मेसी पर लंबी लाइन, इन सबके बीच मरीजों का पूरा दिन अस्पताल में ही बीता जा रहा है। यहां तक की फिजिशियन भी सीट पर नहीं मिल रहे। हड्डी रोग विशेषज्ञ ऑपरेशन थियेटर में हैं और मरीज चेकअप के लिए उनके केबिन के बाहर इंतजार करते दिखे।
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मरीजों ने बताया कि वे सुबह नौ बजे से अस्पताल में हैं, लेकिन दोपहर तक जांच पूरी नहीं हो पाई। डॉक्टर कमरे में आते हैं, कुछ देर बैठते हैं और फिर चले जाते हैं। ऐसे में नंबर आने के बावजूद मरीजों को फिर इंतजार करना पड़ता है। तीमारदारों की परेशानी भी कम नहीं। कभी पर्ची के लिए तो कभी दवा के लिए कतार में लगना पड़ता है। मरीज को अकेला छोड़ना मजबूरी बन जाती है।
मरीजों का तर्क है कि यदि डॉक्टरों की उपस्थिति का समय स्पष्ट हो और काउंटरों पर पर्याप्त स्टाफ लगाया जाए तो स्थिति सुधर सकती है। जिला अस्पताल जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए एकमात्र भरोसा है, वहां व्यवस्था की यह तस्वीर चिंता बढ़ा रही है। इलाज की आस लेकर आने वाले मरीजों को दवा से पहले इंतजार की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है।
डेढ़ घंटे बाद मिली दवा
गांव अलाहर निवासी 67 साल की ओम देवी ने बताया कि डेढ़ घंटे बाद दवा मिली है। उनके कमर पर बेल्ट बंधी है और हाथ में छड़ी थी। उन्होंने बताया कि वह सुबह सात बजे से घर से खाली पेट चली थी। क्योंकि शुगर टेस्ट करानी थी। पहले पर्ची के लिए इतनी लंबी कतार में लगना पड़ा। पर्ची बनवाने के बाद जब टेस्ट के लिए लाइन में लगी तो नर्स ने मना कर दिया। नर्स उपचार के बजाय अभद्र व्यवहार करती हैं। चेकअप हुआ तो दवा के लिए लाइन में लगी। सुबह से भूखा रहने के कारण हाथ कांपने लगे हैं।
नगला गांव की जोगिंद्रो देवी ने बताया कि वह कई दिन पहले घर में ही गिर गई थी, जिससे उसकी टांग टूट गई थी। उसका उपचार जिला नागरिक अस्पताल में चल रहा है। वह सुबह से आई हुई है। व्हील चेयर पर बैठाकर परिजन उसे यहां से वहां लेकर घूम रहे हैं। डॉक्टर भी सीट पर नहीं मिले। काफी देर के बाद डॉक्टर आए तो चेकअप के बाद दवाई लिखी। अब उसे व्हील चेयर पर छोड़ कर परिजन दवा के लिए लाइन में लगे हैं। पता नहीं कितनी देर के बाद दवा मिल सकेगी।

डॉक्टरों से कहा गया है कि ड्यूटी के समय केवल ओपीडी ही देखेंगे। यदि किसी मरीज को देखने जा रहे हैं तो बताकर जाएं। यदि डॉक्टर ज्यादा देर तक सीट से नदारद रह रहे हैं तो इसका पता कराया जाएगा। - डॉ. जितेंद्र सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।

अस्पताल में पर्ची बनवाने के लिए लगी महिलाओं की भीड़। संवाद

अस्पताल में पर्ची बनवाने के लिए लगी महिलाओं की भीड़। संवाद

अस्पताल में पर्ची बनवाने के लिए लगी महिलाओं की भीड़। संवाद

अस्पताल में पर्ची बनवाने के लिए लगी महिलाओं की भीड़। संवाद

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