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गांवों से गोशालाओं में लंपी वायरस की एंट्री, मिले 220 केस
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Virus entry from villages to cowsheds, 220 cases found
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। गांवों में मिले रहे लंपी वायरस का प्रभाव गोशालाओं व डेयरी कॉम्प्लेक्सों में भी दिखाई देने लगा है। गोशालाओं में सबसे ज्यादा केस दामला से हैं, जहां सभी सौ गायों में विभागीय टीम को पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण मिले हैं। ऐसे ही छछरौली गोशाला में 90, शहरी क्षेत्र में जगाधरी गोशाला में 30 व अन्य गोशालाओं में भी कई गायों में वायरस के लक्षण मिले हैं।
शहर के आउटर में बने डेयरी कॉम्प्लेक्स की गायों को भी वायरस चपेट में ले रहा है, जिनमें सबसे अधिक दड़वा में 20 गायों में वायरस के लक्षण हैं, वहीं औरंगाबाद में भी कई केस हैं। इस तरह लगातार बढ़ते लंपी वायरस के कुल 5401 केस हो गए हैं। इनमें 1276 गाय वायरस से रिकवर हो चुकी हैं। हालांकि साढौरा, रादौर व अन्य क्षेत्रों में पशु पालक वायरस ग्रस्त करीब 20 गायों की मौत बता रहे हैं, पर विभागीय अधिकारी वायरस से तीन ही मौत मान रहे हैं।
सोनीपत भेजे 70 सैंपल, वैक्सीन की भेजी डिमांड
लंपी वायरस के केस रादौर के गांवों में माहभर पहले आने शुरू हुए। जहां जुलाई में केस कम थे, पर अगस्त की शुरुआत से केस लगातार बढ़ने लगे। हरियाणा में सबसे अधिक केस यमुनानगर से होने पर पशु पालन एवं डेयरी विभाग के महानिदेशक ने भी गत दिनों विजिट कर अधिकारियों से स्थिति जानी। अभी तक वैक्सीन के अभाव में विभाग की गठित 18 टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पशु पालकों को वायरस को लेकर जागरूक कर रही थीं। विभाग के पशु चिकित्सक बुखार व जख्म की दवा दे रहे थे। अब वायरस के लक्षण व बिना लक्षण वाली गायों की सैंपलिंग भी शुरू कर दी है। दो दिन में करीब 70 सैंपल लेकर सोनीपत भेजे हैं, जिन्हें आगे भोपाल भेजा जाएगा। जहां से रिपोर्ट आने में एक हफ्ते से अधिक समय लग सकता है। वहीं वैक्सीन के लिए मुख्यालय में डिमांड भेज दी है।
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पशु पालकों का आरोप- नहीं आ रहीं टीमें
बहुत से पशु पालक उनके पास विभागीय टीमें न आने का आरोप लगा रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) भी ऐसे आरोप लगाते हुए डीसी को पशु पालकों के लिए प्रशासनिक मदद दिए जाने की मांग में ज्ञापन दे चुकी है। भारतीय किसान संघ भी प्रशासन व विभाग से पशु पालकों को सहयोग न मिलने के आरोप लगा रहे हैं। संघ के महामंत्री रामवीर सिंह चौहान ने कहा कि वायरस फैलते माहभर हो गए। वायरस से कई गायों की मौत भी हो गई है। इनमें उन्हेंडी में नंदन व रविंद्र की गाय भी मरी। उनका आरोप है कि विभाग की ओर से किए जा रहे गठित टीमों के पशु पालकों के पास विजिट करने की बात गलत है, चूंकि प्रभावित क्षेत्रों में न डॉक्टरों की टीम नहीं पहुंच रही है और न पशु पालकों को वायरस से बचाव के लिए कोई उपाय बताए जा रहे हैं। साथ लगते यूपी सरकार ने हर गांव में डॉक्टर भेज इलाज शुरू कर दिया है, लेकिन हरियाणा में कोई कदम नहीं उठाया है। पशुपालक झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे गायों का इलाज करा रहे हैं, जहां महंगी दवा व जानकारी के अभाव में पशु पालक लुट रहा है। संघ की मांग है कि जल्द हर गाय को वायरस से बचाने को वैक्सीन लगाई जाए।
वैक्सीन आई तो भी लगाने को स्टाफ कम
विभाग की ओर से भेजी डिमांड पर वैक्सीन आई तो भी वायरस के लक्षण और बिना लक्षण वाली गायों को लगाने के लिए स्टाफ की कमी आड़े आएगी। चूंकि जिले में 25 पशु अस्पताल हैं, जिन पर महज 18 डॉक्टर ही हैं।
अब तक लंपी वायरस के 5401 केस हो चुके हैं। विभागीय अधिकारी करीब तीन गायों की मौत वायरस के चलते मान रहे हैं। इसके अलावा अन्य गायों की मौत में मिक्स इंफेक्शन वजह लग रही है। सैंपलिंग के जरिए भी थिलेलिया पीड़ित गाय के सैंपल कराए थे, जिसमें बाद में वायरस के लक्षण मिले और उसकी मौत हो गई। ऐसे ही अन्य गायों की मौत में भी अकेले वायरस के बजाय अन्य बीमारी भी कारण लग रही है। अब मुख्यालय को वैक्सीन की डिमांड भेजने के साथ सैंपलिंग तेज की है।
- डॉ. प्रेम सिंह, उपनिदेशक, पशु पालन एवं डेयरी विभाग।
साढौरा में वायरस ग्रस्त 10 गायों की मौत, 400 में लक्षण
साढौरा। लंपी वायरस के साढौरा क्षेत्र में करीब 400 गायों में लक्षण मिल चुके हैं। साथ ही अब तक लंपी वायरस ग्रस्त 10 गायों की मौत हो चुकी है। गांव गलौड़ी व निजामपुर में लंपी वायरस ग्रस्त दो-दो गायों की मौत हुई। ऐसे ही सबड़ी, उधमगढ़, रठाली, झंडा, सालेहपुर व ठसका में 1-1 गाय की मौत हुई।
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शहर के आउटर में बने डेयरी कॉम्प्लेक्स की गायों को भी वायरस चपेट में ले रहा है, जिनमें सबसे अधिक दड़वा में 20 गायों में वायरस के लक्षण हैं, वहीं औरंगाबाद में भी कई केस हैं। इस तरह लगातार बढ़ते लंपी वायरस के कुल 5401 केस हो गए हैं। इनमें 1276 गाय वायरस से रिकवर हो चुकी हैं। हालांकि साढौरा, रादौर व अन्य क्षेत्रों में पशु पालक वायरस ग्रस्त करीब 20 गायों की मौत बता रहे हैं, पर विभागीय अधिकारी वायरस से तीन ही मौत मान रहे हैं।
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सोनीपत भेजे 70 सैंपल, वैक्सीन की भेजी डिमांड
लंपी वायरस के केस रादौर के गांवों में माहभर पहले आने शुरू हुए। जहां जुलाई में केस कम थे, पर अगस्त की शुरुआत से केस लगातार बढ़ने लगे। हरियाणा में सबसे अधिक केस यमुनानगर से होने पर पशु पालन एवं डेयरी विभाग के महानिदेशक ने भी गत दिनों विजिट कर अधिकारियों से स्थिति जानी। अभी तक वैक्सीन के अभाव में विभाग की गठित 18 टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पशु पालकों को वायरस को लेकर जागरूक कर रही थीं। विभाग के पशु चिकित्सक बुखार व जख्म की दवा दे रहे थे। अब वायरस के लक्षण व बिना लक्षण वाली गायों की सैंपलिंग भी शुरू कर दी है। दो दिन में करीब 70 सैंपल लेकर सोनीपत भेजे हैं, जिन्हें आगे भोपाल भेजा जाएगा। जहां से रिपोर्ट आने में एक हफ्ते से अधिक समय लग सकता है। वहीं वैक्सीन के लिए मुख्यालय में डिमांड भेज दी है।
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पशु पालकों का आरोप- नहीं आ रहीं टीमें
बहुत से पशु पालक उनके पास विभागीय टीमें न आने का आरोप लगा रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) भी ऐसे आरोप लगाते हुए डीसी को पशु पालकों के लिए प्रशासनिक मदद दिए जाने की मांग में ज्ञापन दे चुकी है। भारतीय किसान संघ भी प्रशासन व विभाग से पशु पालकों को सहयोग न मिलने के आरोप लगा रहे हैं। संघ के महामंत्री रामवीर सिंह चौहान ने कहा कि वायरस फैलते माहभर हो गए। वायरस से कई गायों की मौत भी हो गई है। इनमें उन्हेंडी में नंदन व रविंद्र की गाय भी मरी। उनका आरोप है कि विभाग की ओर से किए जा रहे गठित टीमों के पशु पालकों के पास विजिट करने की बात गलत है, चूंकि प्रभावित क्षेत्रों में न डॉक्टरों की टीम नहीं पहुंच रही है और न पशु पालकों को वायरस से बचाव के लिए कोई उपाय बताए जा रहे हैं। साथ लगते यूपी सरकार ने हर गांव में डॉक्टर भेज इलाज शुरू कर दिया है, लेकिन हरियाणा में कोई कदम नहीं उठाया है। पशुपालक झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे गायों का इलाज करा रहे हैं, जहां महंगी दवा व जानकारी के अभाव में पशु पालक लुट रहा है। संघ की मांग है कि जल्द हर गाय को वायरस से बचाने को वैक्सीन लगाई जाए।
वैक्सीन आई तो भी लगाने को स्टाफ कम
विभाग की ओर से भेजी डिमांड पर वैक्सीन आई तो भी वायरस के लक्षण और बिना लक्षण वाली गायों को लगाने के लिए स्टाफ की कमी आड़े आएगी। चूंकि जिले में 25 पशु अस्पताल हैं, जिन पर महज 18 डॉक्टर ही हैं।
अब तक लंपी वायरस के 5401 केस हो चुके हैं। विभागीय अधिकारी करीब तीन गायों की मौत वायरस के चलते मान रहे हैं। इसके अलावा अन्य गायों की मौत में मिक्स इंफेक्शन वजह लग रही है। सैंपलिंग के जरिए भी थिलेलिया पीड़ित गाय के सैंपल कराए थे, जिसमें बाद में वायरस के लक्षण मिले और उसकी मौत हो गई। ऐसे ही अन्य गायों की मौत में भी अकेले वायरस के बजाय अन्य बीमारी भी कारण लग रही है। अब मुख्यालय को वैक्सीन की डिमांड भेजने के साथ सैंपलिंग तेज की है।
- डॉ. प्रेम सिंह, उपनिदेशक, पशु पालन एवं डेयरी विभाग।
साढौरा में वायरस ग्रस्त 10 गायों की मौत, 400 में लक्षण
साढौरा। लंपी वायरस के साढौरा क्षेत्र में करीब 400 गायों में लक्षण मिल चुके हैं। साथ ही अब तक लंपी वायरस ग्रस्त 10 गायों की मौत हो चुकी है। गांव गलौड़ी व निजामपुर में लंपी वायरस ग्रस्त दो-दो गायों की मौत हुई। ऐसे ही सबड़ी, उधमगढ़, रठाली, झंडा, सालेहपुर व ठसका में 1-1 गाय की मौत हुई।