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वीरेन की मौत पर हर आंख में आंसू, गांव गमगीन
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जिस घर में बच्चे के अठखेलियां व हंसी की आवाज गूंजती थी। आज उस आंगन में रूदन व चित्कार की आवाज सुनाई पड़ती है। वीरेन की मौत के बाद पूरा गांव शोक में डूबा है। छुट्टी के कारण शनिवार व रविवार को गुंदियाना में बच्चे गांव की गलियों में शोर करते दौड़ते खेलते नजर आते थे। लेकिन रविवार को गांव की गलियां सूनी मिली। वीरेन के घर में सैकड़ों लोग जमा थे, लेकिन वहां शून्य की खामोशी भी थी। बस रोने, चीखने चिल्लाने की आवाजें सुनाई पड़ रही थी। लोग थे सब शांत, मायूस, उदास बैठे थे। सबके चेहरे व आंखों से दुख झलक कर बाहर आ रहा था। हर कोई वीरेन के परिवार को संभालने की कोशिश कर रहा है। मां कोमल का अब भी बुरा हाल है। वीरेन का नाम लेकर वह बार बार बेहोश हो जाती है। सब जानते हैं कि वीरेन अब कभी वापिस नहीं आए, लेकिन ममता भरी रूदन आवाज अब भी यही आस लगाए बैठी है कि अब वीरेन आकर मां को पुकारेगा। रविवार को यह दर्दनाक नजारा अपने ही स्कूल बस के नीचे आकर जान गवांने वाले साढ़े तीन वर्षीय वीरेन के घर का था। गांव गुंदियाना सहित आसपास के गांव के लोग उन्हें सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। लेकिन परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वीरेन तो चला गया, लेकिन इसी के साथ कई सवाल भी खड़े हो गए हैं। किसी की लापरवाही और किसी की दुनिया उजड़ गई। पुलिस ने चालक व एक दिन के परिचालक चौकीदार को गिरफ्तार कर लिया। स्कूल प्रबंधन ने परिजनों के सामने दुख जताया और हादसे के लिए चौकीदार को जिम्मेदार बता पल्ला झाड़ दिया। लेकिन हर कोई इस बात से नाराज है कि ऐसा हादसा हुआ क्यों। भविष्य में भी ऐसे हादसे होते जाएंगे क्या। इस पर रोक कैसे लगेगी।
जिनकी लापरवाही से मारा हुई मासूम वीरेन की मौत,वे एक रात लॉकअप में काट पहुंच गए घर
जिनकी लापरवाही से एक हंसता खेलता आंगन सूना हो गया। एक घर का इकलौता चिराग बुझ गया। वे एक रात लॉकअप में काट कर अपने अपने घर पहुंच गए। लेकिन उसके कारण एक घर के आंगन में अंधेरा छा गया। हादसे के बाद रादौर पुलिस ने स्कूल बस चालक सुखचैन व परिचालक रिषीपाल को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया था। रविवार को पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जमानत मिल गई। एक परिवार की दुनिया उजाड़ चालक व परिचालक रविवार दोपहर को अपने अपने घर चले गए।
पुलिस ने चालक परिचालक को रविवार ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। जहां से दोनों को जमानत मिल गई। पुलिस मामले की जांच कर है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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जसबीर सिंह, इंचार्ज, चौकी लख्खा सिंह खेड़ी।
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जिनकी लापरवाही से मारा हुई मासूम वीरेन की मौत,वे एक रात लॉकअप में काट पहुंच गए घर
जिनकी लापरवाही से एक हंसता खेलता आंगन सूना हो गया। एक घर का इकलौता चिराग बुझ गया। वे एक रात लॉकअप में काट कर अपने अपने घर पहुंच गए। लेकिन उसके कारण एक घर के आंगन में अंधेरा छा गया। हादसे के बाद रादौर पुलिस ने स्कूल बस चालक सुखचैन व परिचालक रिषीपाल को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया था। रविवार को पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जमानत मिल गई। एक परिवार की दुनिया उजाड़ चालक व परिचालक रविवार दोपहर को अपने अपने घर चले गए।
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पुलिस ने चालक परिचालक को रविवार ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। जहां से दोनों को जमानत मिल गई। पुलिस मामले की जांच कर है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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जसबीर सिंह, इंचार्ज, चौकी लख्खा सिंह खेड़ी।