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Yamuna Nagar News: बढ़े वायरल के मरीज, जिला अस्पताल में दवा का टोटा
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मौसम बार-बार करवट ले रहा है। दिन में गर्मी पसीने छुड़ा रही है तो रात को ठंड लगने लगती है। इससे मरीज वायरल के शिकार हो रहे हैं। वहीं खांसी, जुकाम, बुखार समेत अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोग उपचार के लिए मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे हैं। फिर भी मरीजों को अस्पताल से सभी दवाइयां नहीं मिल रही।
कुछ दवाई तो मिल रही है, लेकिन बाकी की अस्पताल परिसर में बने प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्र या फिर बाजार में मेडिकल स्टोर से खरीदने को बोल दिया जाता है। ऐसे में मरीज बिना दवाइयों के परेशान हो गए हैं। वह भी तब जब त्योहार चल रहे हैं और अस्पताल में दवाइयों के लिए मरीजों की लाइन लगी हुई है।
जिला नागरिक अस्पताल में गर्भवतियों के कैल्यिशम, जोड़ों के दर्द में इस्तेमाल होने वाला जैल, यूरिक एसिड कम करने की दवा, गर्म पट्टी समेत अन्य दवाइयों की कमी है। एक तो अस्पताल में लंबी-लंबी लाइनें लगी रहती हैं और जब नंबर आता है तो उन्हें सारी दवाई भी नहीं मिलती।
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सुबह आठ बजे से पहले ही मरीज दवा के लिए जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचने शुरू हो जाते हैं। क्योंकि रोजाना अस्पताल में 1000 से 1300 तक मरीजों की ओपीडी होती है। हर कोई चाहता है कि ज्यादा लंबी लाइन में नहीं लगना पड़े और जल्दी दवाई मिल जाए। परंतु जैसे-जैसे समय बीतने लगा है तो मरीजों की लाइन भी बढ़ जाती है। सबसे पहले तो अस्पताल में पर्ची बनवाना ही किसी पहाड़ से कम नहीं है।
पर्ची के लिए करीब 8 से 10 लाइनें लगती हैं, इसके बावजूद काफी देर में नंबर आता है। इसके बाद डॉक्टर से चेकअप के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान डॉक्टर कभी चाय के लिए ब्रेक ले लेते हैं तो कभी फ्रेश होने की बात कह कर सीट से उठ जाते हैं। ऐसे में मरीज डॉक्टर का इंतजार करते रहते हैं।
इसके बाद रोग का पता लगाने के लिए टेस्ट कराने के लिए सैंपल देना और फिर रिपोर्ट का इंतजार और आखिर में दवाई के लिए लंबी लाइन में लगना। यहां भी जब खिड़की पर पहुंचते हैं तो स्टाफ का रटा सा जवाब मिलता है कि बाकी दवाई बाहर से खरीद लेना।
हमीदा निवासी शकील व राहुल ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती है। डॉक्टर से चेकअप के बाद वह काउंटर पर गए तो केवल तीन दवाई ही मिली। कैल्शियम की दवाई अस्पताल से नहीं मिली। इसी तरह जगाधरी के रामकुमार ने बताया कि उसके पिता के घुटनों में कई दिनों से दर्द हो रहा है। अब मौसम ठंडा होने के कारण उनसे चला भी नहीं जा रहा था। इसलिए चेकअप के बाद दवा लेने के लिए लाइन में लगा। परंतु डॉक्टर का लिखा हुआ दर्द निवारक जैल भी नहीं मिला।
जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. नवजोत कौर ने कहा कई बार दवाई का स्टॉक खत्म हो जाता है। इसलिए उसे मंगवा लिया जाता है। अब स्टाफ को कहा गया है कि जो भी दवा खत्म होने वाली हो उसे मंगवाने की प्रक्रिया तीन माह पहले ही शुरू कर दें।
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यमुनानगर। मौसम बार-बार करवट ले रहा है। दिन में गर्मी पसीने छुड़ा रही है तो रात को ठंड लगने लगती है। इससे मरीज वायरल के शिकार हो रहे हैं। वहीं खांसी, जुकाम, बुखार समेत अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोग उपचार के लिए मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे हैं। फिर भी मरीजों को अस्पताल से सभी दवाइयां नहीं मिल रही।
कुछ दवाई तो मिल रही है, लेकिन बाकी की अस्पताल परिसर में बने प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्र या फिर बाजार में मेडिकल स्टोर से खरीदने को बोल दिया जाता है। ऐसे में मरीज बिना दवाइयों के परेशान हो गए हैं। वह भी तब जब त्योहार चल रहे हैं और अस्पताल में दवाइयों के लिए मरीजों की लाइन लगी हुई है।
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जिला नागरिक अस्पताल में गर्भवतियों के कैल्यिशम, जोड़ों के दर्द में इस्तेमाल होने वाला जैल, यूरिक एसिड कम करने की दवा, गर्म पट्टी समेत अन्य दवाइयों की कमी है। एक तो अस्पताल में लंबी-लंबी लाइनें लगी रहती हैं और जब नंबर आता है तो उन्हें सारी दवाई भी नहीं मिलती।
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सुबह आठ बजे से पहले ही मरीज दवा के लिए जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचने शुरू हो जाते हैं। क्योंकि रोजाना अस्पताल में 1000 से 1300 तक मरीजों की ओपीडी होती है। हर कोई चाहता है कि ज्यादा लंबी लाइन में नहीं लगना पड़े और जल्दी दवाई मिल जाए। परंतु जैसे-जैसे समय बीतने लगा है तो मरीजों की लाइन भी बढ़ जाती है। सबसे पहले तो अस्पताल में पर्ची बनवाना ही किसी पहाड़ से कम नहीं है।
पर्ची के लिए करीब 8 से 10 लाइनें लगती हैं, इसके बावजूद काफी देर में नंबर आता है। इसके बाद डॉक्टर से चेकअप के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान डॉक्टर कभी चाय के लिए ब्रेक ले लेते हैं तो कभी फ्रेश होने की बात कह कर सीट से उठ जाते हैं। ऐसे में मरीज डॉक्टर का इंतजार करते रहते हैं।
इसके बाद रोग का पता लगाने के लिए टेस्ट कराने के लिए सैंपल देना और फिर रिपोर्ट का इंतजार और आखिर में दवाई के लिए लंबी लाइन में लगना। यहां भी जब खिड़की पर पहुंचते हैं तो स्टाफ का रटा सा जवाब मिलता है कि बाकी दवाई बाहर से खरीद लेना।
हमीदा निवासी शकील व राहुल ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती है। डॉक्टर से चेकअप के बाद वह काउंटर पर गए तो केवल तीन दवाई ही मिली। कैल्शियम की दवाई अस्पताल से नहीं मिली। इसी तरह जगाधरी के रामकुमार ने बताया कि उसके पिता के घुटनों में कई दिनों से दर्द हो रहा है। अब मौसम ठंडा होने के कारण उनसे चला भी नहीं जा रहा था। इसलिए चेकअप के बाद दवा लेने के लिए लाइन में लगा। परंतु डॉक्टर का लिखा हुआ दर्द निवारक जैल भी नहीं मिला।
जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. नवजोत कौर ने कहा कई बार दवाई का स्टॉक खत्म हो जाता है। इसलिए उसे मंगवा लिया जाता है। अब स्टाफ को कहा गया है कि जो भी दवा खत्म होने वाली हो उसे मंगवाने की प्रक्रिया तीन माह पहले ही शुरू कर दें।