फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   villegers, decision

भिखारियों और कबाड़ियों के गांव में घुसने पर प्रतिबंध लगाया

Sun, 11 Aug 2019 11:30 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 11 Aug 2019 11:30 PM IST
विज्ञापन
villegers, decision
गांव पांसरा में आए कबाड़ी को समझाते गांववासी - फोटो : YAMUNA NAGAR
जिले में बच्चा चोर गिरोह घुसने की अफवाहों से लोग सहमे हुए हैं। हर गांव व चौपाल में चोर गिरोह चर्चा का विषय बन चुका है। मामला इतना बढ़ गया है कि एसपी को सभी थाना इंचार्जों को एडवाइजरी तक जारी करनी पड़ी। इसके बावजूद लोगों में मन बैठा डर निकल नहीं रहा है। पांसरा गांव में ग्रामीणों ने भिखारी, कबाड़ियों व अन्य फेरी वालों के घुसने पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन

रविवार को इस संबंध में युवाओं की एक मीटिंग भी हुई। जिसमें युवाओं ने राय रखी। बैठक में फैसला लिया गया कि रात के वक्त ठीकरी पहरा भी दिया जाएगा। जिसमें 10 से 15 लोगों को शामिल किया गया है। इसी दौरान कुछ कबाड़ी वाले वहां से निकले तो युवाओं ने उन्हें गांव से बाहर चले जाने की हिदायत दी।
विज्ञापन

वायरल विडियो से दहशत : गांव पांसरा निवासी रिंकू कंबोज, संदीप कंबोज, मुकेश कंबोज, सुभाष कंबोज, काला, मजनू व प्रवीन आदि ने बताया कि सोशल मीडिया पर बच्चा उठाने की वीडियो वायरल हो रही है। इसमें कितनी सच्चाई है, यह तो पता नहीं, लेकिन सावधानी के तौर पर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके बारे में पुलिस प्रशासन को भी अवगत करवाया जाएगा ताकि इस तरह के लोगों पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा गांव में ठीकरी पहरा भी शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हिंसक भीड़ का हिस्सा बनने से बचें : जिला पुलिस की तरफ से आमजन को एडवाइजरी जारी की है कि वे हिंसक भीड़ का हिस्सा ना बनें। क्योंकि बेकसूरों को पीटना क्राइम है और कानून को हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं है। अगर कोई बेकसूर लोगों के साथ मारपीट करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जिले से अभी तक बच्चा चोरी का एक भी केस सामने नहीं आया है। इस लोग खुद भी जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें।
छह घटनाएं हो चुकी हैं : जिले में बच्चा चोर समझ कर कई लोगों की पिटाई हो चुकी है। इस तरह के छह मामले सामने आ चुके हैं। इनमें बिलासपुर, जगाधरी और रादौर में दो-दो मामले आएं। इन सभी मामलों में हिंसक भीड़ ने बेकसूर लोगों की पिटाई कर डाली। पिटने वालों में अधिकतर मंदबुद्धि और भिखारी रहे। बुड़िया में तो भीड़ ने दिव्यांग भिखारी को भी नहीं बख्शा।
यह रखे सावधानियां
1. सोशल मीडिया पर आए मैसेज के आधार पर अफवाहों से भयग्रस्त न हो, न ही इन्हें प्रसारित करें।
2. आसपास संदिग्ध व्यक्ति नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, अफवाह न फैलाएं।
3. हिंसक भीड़ का हिस्सा न बनें, किसी बेकसूर की पिटाई होने से रोके।
4. घरों पर कोई भी अजनबी व्यक्ति को जैसे कोई सामग्री बेचने वाला आदि को अंदर न आने दें।
5. स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे चालू हों व गेट पर सुरक्षा के इंतजाम हों।
6. बच्चों को यह भी समझाए कि कोई अनजान व्यक्ति कुछ खाने पीने की चीजें दे तो वह उसे न लें।
कौन हैं हिंसक भीड़ का हिस्सा : अशिक्षित, बेरोजगार युवक जो गांवों व बस्तियों में दिन भर खाली बैठे रहते हैं, वे इस तरह का शोर मचा रहे हैं। इसे पुलिस द्वारा चोर का शोर मचाकर पीटने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से रोका जा सकता है। सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाह की रोकथाम और इस तरह के मामलों में पीड़ित के बारे में लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से सही जानकारी देकर अफवाह को रोक सकते हैं।

अभी तक जिले में बच्चा चोरी का एक भी मामला सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर केवल कोरी अफवाह फैल रही है। इस तरह के मैसेज को अनदेखा करें। उन्हें फॉरवर्ड न करें। अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। इसके लिए अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं। ऐसी घटनाएं रोकने के लिए आरडब्ल्यूए व पंचायत सदस्यों की मदद से लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्हें समझाया जाएगा।
- कुलदीप सिंह, एसपी, यमुनानगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed