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दुराचारी ससुर को दस साल की कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, जगाधरी।
Updated Thu, 17 Jul 2014 12:42 AM IST
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बहु से दुराचार के दोषी ससुर को कोर्ट ने 10 साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा होगी। यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट में करीब एक साल तक चली सुनवाई के दौरान 12 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत बुधवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।
सात मई 2013 को शहर थाना जगाधरी के अंतर्गत आने वाली एक कॉलोनी निवासी महिला ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि छह मई 2001 में उसकी शादी कुरुक्षेत्र के जिले के एक गांव में हुई थी। इसके कुछ दिन बाद उनका परिवार जगाधरी की एक कॉलोनी में रहने लगा।
28 अप्रैल की रात को वह बच्चों के साथ घर में सो रही थी। रात को करीब साढे़ 8 बजे उसका ससुर गुरमेल सिंह घर आया। उसने ससुर को खाना खिलाया, इसके बाद वह बच्चों के कमरे में चली गई। रात को उसका पति किसी काम से घर से बाहर चला गया। पीड़िता के मुताबिक रात को करीब साढे़ 11 बजे उसके ससुर ने उसे पानी के लिए आवाज लगाई। जब वह पानी लेकर कमरे में आई, तो उसके ससुर ने अंदर की कुंडी लगा दी।
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साथ ही उसकी कनपटी पर देसी कट्टा तानकर उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता के मुताबिक उसने बचने का प्रयास किया, लेकिन उसके ससुर ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म कर दिया।
29 अप्रैल को उसका ससुर नन्हेड़ा (उत्तर प्रदेश) चला गया। कुछ घंटों के बाद उसका ससुर, सास के साथ घर पर आया। उसने रात की घटना के बारे में अपनी सास को बताया, लेकिन उसकी सास ने इस घटना का किसी से जिक्र न करने की हिदायत दी।
इसी बीच उसकी ननद उनके घर पर आई, जिसको उसने घटना के बारे में बताया। लेकिन उसने भी उसकी एक नहीं सुनी। दो मई को जब उसका पति घर पर आया, तो उसने दुष्कर्म की घटना के बारे में बताया। लेकिन उसके पति ने उसका साथ देने की बजाए, उसके साथ ही मारपीट करनी शुरू कर दी।
पीड़िता के मुताबिक चार मई को उसका पति उसे ईस्माइलाबाद के बस अड्डे पर छोड़कर घर वापस आ गया। यहां उसे मौसी का लड़का मिला, जो उसे मायके लेकर आ गया। यहां पर उसे पूरी घटना के बारे में परिजनों को अवगत कराया। सात मई को उसने अपने ससुर गुरमेल सिंह के खिलाफ पुलिस को दी शिकायत दी। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर गुरमेल सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने आठ मई 2013 को गुरमेल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में करीब एक साल तक चली सुनवाई के दौरान 12 लोगोें की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितु गर्ग की कोर्ट ने गुरमेल को बहु के साथ दुराचार का दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।
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सात मई 2013 को शहर थाना जगाधरी के अंतर्गत आने वाली एक कॉलोनी निवासी महिला ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि छह मई 2001 में उसकी शादी कुरुक्षेत्र के जिले के एक गांव में हुई थी। इसके कुछ दिन बाद उनका परिवार जगाधरी की एक कॉलोनी में रहने लगा।
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28 अप्रैल की रात को वह बच्चों के साथ घर में सो रही थी। रात को करीब साढे़ 8 बजे उसका ससुर गुरमेल सिंह घर आया। उसने ससुर को खाना खिलाया, इसके बाद वह बच्चों के कमरे में चली गई। रात को उसका पति किसी काम से घर से बाहर चला गया। पीड़िता के मुताबिक रात को करीब साढे़ 11 बजे उसके ससुर ने उसे पानी के लिए आवाज लगाई। जब वह पानी लेकर कमरे में आई, तो उसके ससुर ने अंदर की कुंडी लगा दी।
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साथ ही उसकी कनपटी पर देसी कट्टा तानकर उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता के मुताबिक उसने बचने का प्रयास किया, लेकिन उसके ससुर ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म कर दिया।
29 अप्रैल को उसका ससुर नन्हेड़ा (उत्तर प्रदेश) चला गया। कुछ घंटों के बाद उसका ससुर, सास के साथ घर पर आया। उसने रात की घटना के बारे में अपनी सास को बताया, लेकिन उसकी सास ने इस घटना का किसी से जिक्र न करने की हिदायत दी।
इसी बीच उसकी ननद उनके घर पर आई, जिसको उसने घटना के बारे में बताया। लेकिन उसने भी उसकी एक नहीं सुनी। दो मई को जब उसका पति घर पर आया, तो उसने दुष्कर्म की घटना के बारे में बताया। लेकिन उसके पति ने उसका साथ देने की बजाए, उसके साथ ही मारपीट करनी शुरू कर दी।
पीड़िता के मुताबिक चार मई को उसका पति उसे ईस्माइलाबाद के बस अड्डे पर छोड़कर घर वापस आ गया। यहां उसे मौसी का लड़का मिला, जो उसे मायके लेकर आ गया। यहां पर उसे पूरी घटना के बारे में परिजनों को अवगत कराया। सात मई को उसने अपने ससुर गुरमेल सिंह के खिलाफ पुलिस को दी शिकायत दी। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर गुरमेल सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने आठ मई 2013 को गुरमेल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में करीब एक साल तक चली सुनवाई के दौरान 12 लोगोें की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितु गर्ग की कोर्ट ने गुरमेल को बहु के साथ दुराचार का दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।