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Yamuna Nagar News: वेंटिलेटर ठप, मरीजों को किया जा रहा पीजीआई रेफर
Fri, 26 Jul 2024 05:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 26 Jul 2024 05:34 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल से रोजाना औसतन दो मरीजों को गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया जाता है। इनमें कुछ मरीज तो ऐसे होते हैं जिनका उपचार करना यहां कार्यरत डॉक्टरों के बस की भी बात नहीं होती। वहीं कुछ ऐसे हैं, जिनकी हालत वेंटिलेटर न होने से खराब हो जाती है और उन्हें रेफर करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो जनवरी से जून तक छह माह में जिला नागरिक अस्पताल से 289 मरीजों को रेफर किया जा चुका है।
अस्पताल में दो तरह के मरीजों को रेफर किया जाता है। एक मरीज वह होते हैं जो अस्पताल में आते ही गंभीर हालत में हैं। जैसे सड़क दुर्घटना या फिर झगड़े में लगी चोट के कारण। दूसरा उन मरीजों को रेफर किया जाता है जिनका उपचार कई दिन से अस्पताल में ही चल रहा होता है, लेकिन सुधार नहीं होने पर उनकी हालत पहले से ज्यादा खराब होने लगती है।
ऐसी स्थिति में अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को पीजीआई या फिर एमएम कॉलेज मुलाना में रेफर कर देते हैं। गत छह माह में जिन 289 मरीजों को रेफर किया गया है वह सब अस्पताल में भर्ती थे। जीवन रक्षक उपकरण न होने से मरीजों की हालत बिगड़ती चली जाती है। इससे रेफर मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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क्योंकि कई दिनों तक उन्हें घर से दूर पीजीआई में रहना पड़ता है। जिससे लोगों का काम-धंधा तो छूटता ही है साथ ही वहां बार-बार चक्कर लगाने में भी परेशानी होती है। परंतु स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इससे कोई सरोकार नहीं है। अधिकारियों की लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ रही है।
जिन वेंटिलेटर को इमरजेंसी में होना चाहिए वह स्टोर में पड़े-पड़े खराब हो रहे हैं। अधिकारियों ने कभी इन्हें चलवाने का प्रयास ही नहीं किया। वेंटिलेटर अस्पताल में बेकार पड़े हैं। यहां तक की वेंटिलेटर की मरम्मत कराने की भी जहमत नहीं उठाई गई। 40 में से 15 वेंटिलेटर स्टोर में ही खराब हो गए। यहां तक की कंपनी द्वारा वारंटी समय में जो सर्विस की जानी थी वह भी अधिकारियों ने नहीं करवाई।
रेफर करने के कई कारण : पीएमओ
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि अस्पताल से जो मरीज रेफर किए जाते हैं, उसके कई कारण होते हैं। यह मरीज की हालत पर निर्भर करता है। प्रयास यही रहता है कि मरीजों को रेफर न करना पड़े। वेंटिलेटर को चलाने की दिशा में भी काम हो रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल में ओपीडी व रेफर केस
माह रेफर मरीज ओपीडी
जनवरी 49 22828
फरवरी 67 28340
मार्च 42 31335
अप्रैल 61 31235
मई 25 36064
जून 45 31540
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यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल से रोजाना औसतन दो मरीजों को गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया जाता है। इनमें कुछ मरीज तो ऐसे होते हैं जिनका उपचार करना यहां कार्यरत डॉक्टरों के बस की भी बात नहीं होती। वहीं कुछ ऐसे हैं, जिनकी हालत वेंटिलेटर न होने से खराब हो जाती है और उन्हें रेफर करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो जनवरी से जून तक छह माह में जिला नागरिक अस्पताल से 289 मरीजों को रेफर किया जा चुका है।
अस्पताल में दो तरह के मरीजों को रेफर किया जाता है। एक मरीज वह होते हैं जो अस्पताल में आते ही गंभीर हालत में हैं। जैसे सड़क दुर्घटना या फिर झगड़े में लगी चोट के कारण। दूसरा उन मरीजों को रेफर किया जाता है जिनका उपचार कई दिन से अस्पताल में ही चल रहा होता है, लेकिन सुधार नहीं होने पर उनकी हालत पहले से ज्यादा खराब होने लगती है।
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ऐसी स्थिति में अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को पीजीआई या फिर एमएम कॉलेज मुलाना में रेफर कर देते हैं। गत छह माह में जिन 289 मरीजों को रेफर किया गया है वह सब अस्पताल में भर्ती थे। जीवन रक्षक उपकरण न होने से मरीजों की हालत बिगड़ती चली जाती है। इससे रेफर मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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क्योंकि कई दिनों तक उन्हें घर से दूर पीजीआई में रहना पड़ता है। जिससे लोगों का काम-धंधा तो छूटता ही है साथ ही वहां बार-बार चक्कर लगाने में भी परेशानी होती है। परंतु स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इससे कोई सरोकार नहीं है। अधिकारियों की लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ रही है।
जिन वेंटिलेटर को इमरजेंसी में होना चाहिए वह स्टोर में पड़े-पड़े खराब हो रहे हैं। अधिकारियों ने कभी इन्हें चलवाने का प्रयास ही नहीं किया। वेंटिलेटर अस्पताल में बेकार पड़े हैं। यहां तक की वेंटिलेटर की मरम्मत कराने की भी जहमत नहीं उठाई गई। 40 में से 15 वेंटिलेटर स्टोर में ही खराब हो गए। यहां तक की कंपनी द्वारा वारंटी समय में जो सर्विस की जानी थी वह भी अधिकारियों ने नहीं करवाई।
रेफर करने के कई कारण : पीएमओ
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि अस्पताल से जो मरीज रेफर किए जाते हैं, उसके कई कारण होते हैं। यह मरीज की हालत पर निर्भर करता है। प्रयास यही रहता है कि मरीजों को रेफर न करना पड़े। वेंटिलेटर को चलाने की दिशा में भी काम हो रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल में ओपीडी व रेफर केस
माह रेफर मरीज ओपीडी
जनवरी 49 22828
फरवरी 67 28340
मार्च 42 31335
अप्रैल 61 31235
मई 25 36064
जून 45 31540