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यमुनानगर: गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत पर हंगामा, परिजनों ने सिविल अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया

Mon, 06 Feb 2023 09:03 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जगाधरी, यमुनानगर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जगाधरी, यमुनानगर (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 06 Feb 2023 09:03 PM IST
सार

परिजनों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस सुविधा नहीं मिली और अल्ट्रासाउंड के लिए पति पत्नी को लेकर भटकता रहा। बच्चे की मौत हो चुकी है। जिससे उनमें रोष है। लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर पर कार्रवाई की जाए। 

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Uproar over the death of an unborn child in the civil hospital of Yamunanagar
डॉक्टरों पर आरोप लगाता रजत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के यमुनानगर-जगाधरी सिविल अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सिविल अस्पताल में हंगामा किया। महिला के पति का आरोप है कि जब उसकी पत्नी के पेट में दर्द हुआ तो उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बोला गया।

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वह अपनी बाइक पर पत्नी को यमुनानगर के सिविल अस्पताल में गया। रविवार होने के कारण अल्ट्रासाउंड डॉक्टर छुट्टी पर था। अधिकतर निजी डायग्नोस्टिक सेंटर भी बंद मिले। बाद में निजी लैब से अल्ट्रासाउंड कराया गया तो पता लगा कि बच्चे की मौत हो चुकी है। जिससे उनमें रोष है। लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर पर कार्रवाई की जाए। 
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गांव माधोबांस निवासी रजत ने बताया कि उसकी पत्नी  29 वर्षीय सुमन गर्भवती थी। शनिवार दोपहर बाद दर्द होने पर वह अपनी पत्नी को सिविल अस्पताल जगाधरी में लेकर आए। उसे डिलीवरी के लिए भर्ती कर लिया गया। आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
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उसकी पत्नी दर्द से कराहती रही। डॉक्टर ने रविवार दोपहर को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बोला। जगाधरी सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। अल्ट्रासाउंड की  मशीन सिविल अस्पताल यमुनानगर में है। 

आरोप है कि अल्ट्रासाउंड के लिए अस्पताल की ओर से उन्हें एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं कराई गई। वह अपनी पत्नी को बाइक पर ही अल्ट्रासाउंड कराने के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर ले गया। वहां पर पहुंचे तो रविवार की छुट्टी होने की वजह से वह बंद मिला।

कई अन्य निजी डायग्नोस्टिक सेंटर भी बंद मिले। काफी चक्कर काटने के बाद उन्होंने निजी डायग्नोस्टिक सेंटर से अल्ट्रासाउंड कराया। इस पर पता लगा कि दोपहर एक बजे ही पेट में पल रहे बच्चे की मौत हो चुकी थी। आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से ही उनके बच्चे की मौत हो गई। मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।   

परिजनों का कहना है कि उन्होंने महिला को शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि यहां पर अस्पताल के स्टाफ का व्यवहार भी सही नहीं है। रजत का आरोप है कि भर्ती कराने के बाद उसकी पत्नी की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। सरकार अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की बात करती है।

लेकिन यहां सरकार की स्वास्थ्य सेवाएं खोखले साबित हो रही है। गर्भवती को निशुल्क एंबुलेंस सेवा दी जाती है। लेकिन उन्हें बोलने के बाद भी एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरन उसने अपनी पत्नी के बाइक पर ले जाना पड़ा। 


उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार का कहना है कि करीब दो बजे बच्चे की धड़कन न मिलने की वजह से परिजनों को अल्ट्रासाउंड के लिए बोला गया था। एक ही सरकारी अल्ट्रासाउंड मशीन सिविल अस्पताल यमुनानगर में है, जिसे चलाने के वाला रविवार को अवकाश पर था। जिस कारण महिला की जांच अस्पताल में नहीं हो पाई। महिला की रिपोर्ट में सामने आया कि गर्भ में पल रहा बच्चा मर चुका है, लेकिन महिला ठीक है।

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