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असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले सभी श्रमिकों का यूनिक आईडी कार्ड बनेगा
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श्रम रोजगार मंत्रालय की ओर से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले सभी श्रमिकों का रिकॉर्ड एकत्र करके उन्हें यूनिक आईडी कार्ड जारी किया जाएगा। ये कार्य ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। राज्य सरकार को सौंपे गए इस पोर्टल पर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को नागरिक सुविधा केंद्रों पर जाकर पंजीकरण करवाना होगा। पूरी प्रक्रिया निशुल्क रखी गई है।
उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने बताया कि भवन एवं अन्य निर्माण कामगार, प्रवासी मजदूर, घरेलू नौकर, छोटे किसान, कृषि कार्य में लगे मजदूर, पशु पालक, स्वयं रोजगार कमी, स्ट्रीट वेंडर, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर इस पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा मछली पालक मजदूर, छोटे दुकानदार, रेहड़ी व फड़ी लगाने वाले, घरेलू कामगार, कारपेंटर, पलंबर, रिक्शा चालक, ऑटो चालक, टैक्सी चालक, मनरेगा श्रमिक, लोडिंग अनलोडिंग में लगे मजदूर भी इसके पात्र हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे श्रमिक जो पीएफ, ईएसआई व एनपीएस के खाताधारक व आयकर दाता नहीं हैं । उनकी आयु 18 से 59 वर्ष के बीच है तो वे अटल सेवा केंद्रों एवं नागरिक सेवा केंद्रों पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। उपायुक्त ने बताया कि इस पंजीकरण के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकारों के पास असंगठित श्रमिकों का राज्यवार आंकड़ा एकत्र हो जाएगा। इससे श्रमिकों को आसानी से चिन्हित किया जा सकेगा। इसके अलावा आपदा के समय इन असंगठित श्रमिकों की पहचान तथा उन्हें मूलभूत आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने में भी यह राष्ट्रीय असंगठित पंजीकरण डाटा बेस बहुत ही सहयोगी व लाभकारी सिद्ध होगा। पंजीकरण के समय आवेदक के पास अपना आधार कार्ड, बैंक खाते की कॉपी और मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है।
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उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने बताया कि भवन एवं अन्य निर्माण कामगार, प्रवासी मजदूर, घरेलू नौकर, छोटे किसान, कृषि कार्य में लगे मजदूर, पशु पालक, स्वयं रोजगार कमी, स्ट्रीट वेंडर, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर इस पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा मछली पालक मजदूर, छोटे दुकानदार, रेहड़ी व फड़ी लगाने वाले, घरेलू कामगार, कारपेंटर, पलंबर, रिक्शा चालक, ऑटो चालक, टैक्सी चालक, मनरेगा श्रमिक, लोडिंग अनलोडिंग में लगे मजदूर भी इसके पात्र हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे श्रमिक जो पीएफ, ईएसआई व एनपीएस के खाताधारक व आयकर दाता नहीं हैं । उनकी आयु 18 से 59 वर्ष के बीच है तो वे अटल सेवा केंद्रों एवं नागरिक सेवा केंद्रों पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। उपायुक्त ने बताया कि इस पंजीकरण के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकारों के पास असंगठित श्रमिकों का राज्यवार आंकड़ा एकत्र हो जाएगा। इससे श्रमिकों को आसानी से चिन्हित किया जा सकेगा। इसके अलावा आपदा के समय इन असंगठित श्रमिकों की पहचान तथा उन्हें मूलभूत आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने में भी यह राष्ट्रीय असंगठित पंजीकरण डाटा बेस बहुत ही सहयोगी व लाभकारी सिद्ध होगा। पंजीकरण के समय आवेदक के पास अपना आधार कार्ड, बैंक खाते की कॉपी और मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है।
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