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Yamuna Nagar News: विदेश भेजने के नाम पर दो युवकों से 55 लाख हड़पे
Fri, 28 Nov 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 28 Nov 2025 01:02 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर/साढौरा। अमेरिका से 26 अक्तूबर डिपोर्ट होकर घर पहुंचे गांव अजीजपुर कलां के सागर व अभिषेक ने एक माह बाद पुलिस को आपबीती बताई।
उन्होंने अमेरिका भेजने के नाम पर 55 लाख रुपये हड़पने के आरोप में गांव महम्दपुर निवासी एजेंट पवन कुमार व अन्य के खिलाफ साढौरा पुलिस को तहरीर दी। इसमें दोनों ने डंकी रूट पर झेली यातनाएं बताई। साढौरा पुलिस ने तहरीर के आधार पर पवन व अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली।
पुलिस को दी तहरीर में गांव अजीजपुर कलां निवासी सागर व अभिषेक ने बताया कि वर्ष-2023 में उन्होंने विदेश जाने की योजना बनाई थी। तब पता चला था कि गांव महम्दपुर निवासी पवन कुमार व उसका परिवार लोगों को विदेश भेजने का काम करते हैं। इनका गांव रसूलपुर में दफ्तर है, जहां विदेश जाने के लिए पवन से बात की। पवन ने बताया कि अमेरिका भेजने का 45 लाख रुपये खर्च आएगा।
अक्तूबर-2023 में पवन को साढौरा आईटीआई के पास एक लाख रुपये व पासपोर्ट दिए। बाद में पवन ने मुंबई में सीडीसी कोर्स के नाम पर तीन लाख रुपये लिए फिर मुंबई में 45 दिन का कोर्स कराया। मुंबई से लौटने पर पवन को साढौरा में दोसड़का के पास चार लोगों के सामने 10 लाख रुपये दिए। तब पवन पहले मुंबई फिर दुबई ले गया। कुछ दिन मुंबई व दुबई में रखा और इस दौरान पवन ने चार लाख रुपये ले लिए। बाद में पवन उन्हें दुबई से वापस घर ले आया।
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जुलाई-2024 में पवन दिल्ली ले गया, वहां उसने 16 लाख रुपये लिए। एक दिन के बाद पवन ने उन्हें दिल्ली से मुंबई भेज दिया। मुंबई में उन्हें अंधेरी के पास होटल में रखा। मुंबई से 17 जुलाई 2024 को उन्हें गयाना देश भेज दिया। पांच दिन बाद पवन के एजेंट उन्हें गयाना से टैक्सी पर ब्राजील ले गए। तब पवन ने उनके परिवार के लोगों से कहा कि अभिषेक व सागर को आगे तब भेजेगा, जब उसे पांच लाख रुपये और दिए जाएंगे। तब परिवार के लोगों ने पवन को पांच लाख रुपये दिए।
ब्राजील से टैक्सी पर बोलीविया से पेरु फिर इक्वाडोर, कोलम्बिया पहुंचे। कोलम्बिया से पैनामा जंगल में 6-7 दिन पैदल चले, जहां से निकालने के लिए पवन के जरिए एजेंटों ने परिवार के लोगों से छह लाख रुपये ले लिए। जंगल पार करने पर वह पैनामा फैजी कैंप पहुंचे। यहां फिर एजेंटों ने रुपयों की मांग की।
धमकी दी गई कि अगर रुपये नहीं दिए तो वापस भेज देंगे। तब परिवार के लोगों ने पांच लाख रुपये एजेंटों को भिजवाए। तब बस से पैनामा सिटी पार कर अलग-अलग जगहों से मैक्सिको पहुंचे। यहां कुछ दिन रहे फिर परिवार के लोगों से पवन ने दो लाख रुपये ले लिए। तब एजेंटों ने उन्हें पुराने घर के बीच अंधेरे में रखा गया और उनके फोन भी ले लिए। कहा कि बॉर्डर पार करने पर फोन मिल जाएंगे।
बाद में गलत तरीके से बॉर्डर पार कराने लगे, उन्हें ऐसा करने से इंकार किया तो उन्होंने सिर पर बंदूक रख बॉर्डर पार कराया। वहां फौजियों ने उन्हें पकड़ लिया और पिटाई की। बाद में मैक्सिको सेना को सौंप दिया। मैक्सिको से पवन को फोन किया तो एजेंट उन्हें मैक्सिको के एक घर ले गए, जहां पहली मंजिल पर बने कमरे में कई दिन भूखा-प्यासा रखा, जहां भूतल पर कुत्ते छोड़े हुए थे।
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यमुनानगर/साढौरा। अमेरिका से 26 अक्तूबर डिपोर्ट होकर घर पहुंचे गांव अजीजपुर कलां के सागर व अभिषेक ने एक माह बाद पुलिस को आपबीती बताई।
उन्होंने अमेरिका भेजने के नाम पर 55 लाख रुपये हड़पने के आरोप में गांव महम्दपुर निवासी एजेंट पवन कुमार व अन्य के खिलाफ साढौरा पुलिस को तहरीर दी। इसमें दोनों ने डंकी रूट पर झेली यातनाएं बताई। साढौरा पुलिस ने तहरीर के आधार पर पवन व अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली।
पुलिस को दी तहरीर में गांव अजीजपुर कलां निवासी सागर व अभिषेक ने बताया कि वर्ष-2023 में उन्होंने विदेश जाने की योजना बनाई थी। तब पता चला था कि गांव महम्दपुर निवासी पवन कुमार व उसका परिवार लोगों को विदेश भेजने का काम करते हैं। इनका गांव रसूलपुर में दफ्तर है, जहां विदेश जाने के लिए पवन से बात की। पवन ने बताया कि अमेरिका भेजने का 45 लाख रुपये खर्च आएगा।
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अक्तूबर-2023 में पवन को साढौरा आईटीआई के पास एक लाख रुपये व पासपोर्ट दिए। बाद में पवन ने मुंबई में सीडीसी कोर्स के नाम पर तीन लाख रुपये लिए फिर मुंबई में 45 दिन का कोर्स कराया। मुंबई से लौटने पर पवन को साढौरा में दोसड़का के पास चार लोगों के सामने 10 लाख रुपये दिए। तब पवन पहले मुंबई फिर दुबई ले गया। कुछ दिन मुंबई व दुबई में रखा और इस दौरान पवन ने चार लाख रुपये ले लिए। बाद में पवन उन्हें दुबई से वापस घर ले आया।
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जुलाई-2024 में पवन दिल्ली ले गया, वहां उसने 16 लाख रुपये लिए। एक दिन के बाद पवन ने उन्हें दिल्ली से मुंबई भेज दिया। मुंबई में उन्हें अंधेरी के पास होटल में रखा। मुंबई से 17 जुलाई 2024 को उन्हें गयाना देश भेज दिया। पांच दिन बाद पवन के एजेंट उन्हें गयाना से टैक्सी पर ब्राजील ले गए। तब पवन ने उनके परिवार के लोगों से कहा कि अभिषेक व सागर को आगे तब भेजेगा, जब उसे पांच लाख रुपये और दिए जाएंगे। तब परिवार के लोगों ने पवन को पांच लाख रुपये दिए।
ब्राजील से टैक्सी पर बोलीविया से पेरु फिर इक्वाडोर, कोलम्बिया पहुंचे। कोलम्बिया से पैनामा जंगल में 6-7 दिन पैदल चले, जहां से निकालने के लिए पवन के जरिए एजेंटों ने परिवार के लोगों से छह लाख रुपये ले लिए। जंगल पार करने पर वह पैनामा फैजी कैंप पहुंचे। यहां फिर एजेंटों ने रुपयों की मांग की।
धमकी दी गई कि अगर रुपये नहीं दिए तो वापस भेज देंगे। तब परिवार के लोगों ने पांच लाख रुपये एजेंटों को भिजवाए। तब बस से पैनामा सिटी पार कर अलग-अलग जगहों से मैक्सिको पहुंचे। यहां कुछ दिन रहे फिर परिवार के लोगों से पवन ने दो लाख रुपये ले लिए। तब एजेंटों ने उन्हें पुराने घर के बीच अंधेरे में रखा गया और उनके फोन भी ले लिए। कहा कि बॉर्डर पार करने पर फोन मिल जाएंगे।
बाद में गलत तरीके से बॉर्डर पार कराने लगे, उन्हें ऐसा करने से इंकार किया तो उन्होंने सिर पर बंदूक रख बॉर्डर पार कराया। वहां फौजियों ने उन्हें पकड़ लिया और पिटाई की। बाद में मैक्सिको सेना को सौंप दिया। मैक्सिको से पवन को फोन किया तो एजेंट उन्हें मैक्सिको के एक घर ले गए, जहां पहली मंजिल पर बने कमरे में कई दिन भूखा-प्यासा रखा, जहां भूतल पर कुत्ते छोड़े हुए थे।