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Yamuna Nagar News: दो हजार ट्रक रास्ते में फंसे
Mon, 01 Sep 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 01 Sep 2025 01:27 AM IST
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पुराने सहारनपुर रोड पर लगी ट्रकों की कतार। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पंजाब, हिमाचल व जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जिले के दो हजार ट्रकों के पहिये बीच रास्ते में थम गए हैं। भूस्खलन व जलभराव के कारण रास्ते बंद पड़े हैं। ऐसे में आवाजाही का इंतजार है। माल की आवाजाही रुकने के कारण ट्रांसपोर्टरों को 40 से 50 प्रतिशत नुकसान हुआ है।
जिले में साढ़े तीन हजार से अधिक ट्रक हैं। और इस कारोबार से छोटे-बड़े 200 ट्रांसपोर्टर जुड़े हैं। इसलिए यमुनानगर ट्रांसपोर्ट का भी हब है। इसलिए दूसरे राज्यों के कारोबारी माल ढोहने के लिए यहां के ट्रांसपोर्टरों से टाइअप रखते हैं।
पंजाब में आलू, पॉपुलर व सफेदे की काफी खेती होती है। इसलिए वहां के कारोबारी माल को ट्रकों के माध्यम से यमुनानगर में भेजते हैं। पॉपुलर व सफेदा यमुनानगर की प्लाईवुड में आता है। इस पूरे कार्य के यहां के ट्रांसपोर्टरों के एक हजार ट्रक लगे हुए हैं। लेकिन पंजाब में जिलों में बाढ़ से वहां की आलू की खेती प्रभावित हो गई।
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उधर, पठानकोट में रावी नदी का जलस्तर बढ़ने से गुरदासपुर के घोनेवाले में धुस्सी बांध टूट जाने के कारण ट्रक बीच रास्ते ही खड़े हैं। जम्मू-कश्मीर से ट्रकों में आने वाला सेब भी रुक गया। लोड ट्रक रास्ते में ही खड़े हैं।
सरकार को देना चाहिए ध्यान
नागरा ट्रांसपोर्ट के संचालक विक्की नागरा का कहना है बाढ़ के कारण पहली बार इतना नुकसान देखने को मिल रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में माल उठ नहीं पा रहा है और जिन ट्रकों में माल लोड है वह इस तरफ आ नहीं पा रहे। सरकार को रास्तों को जल्द से जल्द चलाना चाहिए।
ऑर्डर नहीं मिलने से नुकसान
अशोका ट्रांसपोर्ट के संचालक अश्विनी माेंगा का कहना है पंजाब, जम्मू-कश्मीर उनके ट्रक जाते हैं, लेकिन वहां भारी बारिश व भूस्खलन के कारण कई ट्रक फंसे हैं। रास्ते बंद हो जाने के कारण आगे के ऑर्डर नहीं मिल पा रहे। ऐसे मी 40 से 50 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।
बाढ़ के कारण कार्य प्रभावित
माजा ट्रांसपोर्ट के मालिक सरदार गुरबाज सिंह संधू का कहना है बारिश और भूस्खलन के कारण उनका सारा कार्य प्रभावित हो गया है। बाढ़ के कारण रावी नदी का पुल टूटने से पठानकोट के पास काफी संख्या में ट्रक रुके पड़े हैं। रास्ते बंद होने से माल आगे नहीं जा पा रहा है।
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यमुनानगर। पंजाब, हिमाचल व जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जिले के दो हजार ट्रकों के पहिये बीच रास्ते में थम गए हैं। भूस्खलन व जलभराव के कारण रास्ते बंद पड़े हैं। ऐसे में आवाजाही का इंतजार है। माल की आवाजाही रुकने के कारण ट्रांसपोर्टरों को 40 से 50 प्रतिशत नुकसान हुआ है।
जिले में साढ़े तीन हजार से अधिक ट्रक हैं। और इस कारोबार से छोटे-बड़े 200 ट्रांसपोर्टर जुड़े हैं। इसलिए यमुनानगर ट्रांसपोर्ट का भी हब है। इसलिए दूसरे राज्यों के कारोबारी माल ढोहने के लिए यहां के ट्रांसपोर्टरों से टाइअप रखते हैं।
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पंजाब में आलू, पॉपुलर व सफेदे की काफी खेती होती है। इसलिए वहां के कारोबारी माल को ट्रकों के माध्यम से यमुनानगर में भेजते हैं। पॉपुलर व सफेदा यमुनानगर की प्लाईवुड में आता है। इस पूरे कार्य के यहां के ट्रांसपोर्टरों के एक हजार ट्रक लगे हुए हैं। लेकिन पंजाब में जिलों में बाढ़ से वहां की आलू की खेती प्रभावित हो गई।
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उधर, पठानकोट में रावी नदी का जलस्तर बढ़ने से गुरदासपुर के घोनेवाले में धुस्सी बांध टूट जाने के कारण ट्रक बीच रास्ते ही खड़े हैं। जम्मू-कश्मीर से ट्रकों में आने वाला सेब भी रुक गया। लोड ट्रक रास्ते में ही खड़े हैं।
सरकार को देना चाहिए ध्यान
नागरा ट्रांसपोर्ट के संचालक विक्की नागरा का कहना है बाढ़ के कारण पहली बार इतना नुकसान देखने को मिल रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में माल उठ नहीं पा रहा है और जिन ट्रकों में माल लोड है वह इस तरफ आ नहीं पा रहे। सरकार को रास्तों को जल्द से जल्द चलाना चाहिए।
ऑर्डर नहीं मिलने से नुकसान
अशोका ट्रांसपोर्ट के संचालक अश्विनी माेंगा का कहना है पंजाब, जम्मू-कश्मीर उनके ट्रक जाते हैं, लेकिन वहां भारी बारिश व भूस्खलन के कारण कई ट्रक फंसे हैं। रास्ते बंद हो जाने के कारण आगे के ऑर्डर नहीं मिल पा रहे। ऐसे मी 40 से 50 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।
बाढ़ के कारण कार्य प्रभावित
माजा ट्रांसपोर्ट के मालिक सरदार गुरबाज सिंह संधू का कहना है बारिश और भूस्खलन के कारण उनका सारा कार्य प्रभावित हो गया है। बाढ़ के कारण रावी नदी का पुल टूटने से पठानकोट के पास काफी संख्या में ट्रक रुके पड़े हैं। रास्ते बंद होने से माल आगे नहीं जा पा रहा है।