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Yamuna Nagar News: जलभराव से बढ़ी आफत, लोगों ने झेली दुश्वारियां
Fri, 02 Aug 2024 05:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 02 Aug 2024 05:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में बुधवार और वीरवार की सुबह तेज बारिश से कई जगह पर जलभराव हो गया। नाले ओवरफ्लो हो गए और प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे हो गए कई जगहों पर पानी से एक से डेढ़ फीट तक जलभराव हो गया। जिले में औसतन 45 एमएम बारिश हुई।
सबसे ज्यादा बारिश सरस्वती नगर, छछरौली, बिलासपुर में हुई। वहीं प्रतापनगर, साढौरा व रादौर के अलावा शहर में भी अच्छी बारिश होने से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। शहर में कन्हैया साहिब चौक के नजदीक हरियाणा वेयरहाउस के गोदाम के अलावा बस स्टैंड यमुनानगर के बाहर, औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों, शक्ति नगर, आजाद नगर, लाजपत नगर, जगाधरी बस स्टैंड, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के रास्ते पर, गंगा नगर कॉलोनी, टाउन हॉल जगाधरी में भी बारिश का पानी काफी देर तक सड़कों पर भरा रहा।
यमुनानगर में बारिश से नगर निगम के सारे दावे फेल साबित हुए। बारिश के चलते शहर के ग्रीन पार्क, चुना भट्टी रोड, ओपी जिंदल पार्क, रोड लाजपत नगर, आजाद नगर में पानी सड़कों पर आ गया। यमुनानगर की सड़कों पर कई फीट पानी बहता देखा गया। यमुनानगर बस स्टैंड के अलावा ससौली रोड पर बारिश के पानी से हालात काफी खराब रहे। लोगों को दूसरे छोर जाने के लिए कॉलोनी की अन्य गलियों का सहारा लेना पड़ा।
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इन इलाकों में पानी निकासी का उचित प्रबंध नहीं है। जिसके चलते हर साल लोगों को कई तरह की दिक्कत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पानी निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने व अपग्रेड करने के लिए कई बार प्रोजेक्ट बने लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। इसके कारण इन इलाकों में थोड़ी सी बारिश के बाद सड़कों पर जलभराव हो जाता है और पानी लोगों के घरों में घुस जाता है।
फसलों को हुआ फायदा
मानसून की बारिश होने से फसलों को फायदा हुआ है। रूक-रूक कर बारिश होने इससे सबसे ज्यादा धान व गन्ने के अलावा पशु चारे की फसलाें को भी फायदा हुआ है। बारिश न होने से धान के खेत सूखने लगे थे। खेतों में दरारें तक आ गई थी। यही हाल गन्ने की फसल का था। गन्ने की पत्तियां सूख चुकी थी, जिससे फसल की बढ़वार रुक गई थी। बारिश होने से किसानों के चेहरे पर भी मुस्कान देखने को मिल रही है।
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यमुनानगर। जिले में बुधवार और वीरवार की सुबह तेज बारिश से कई जगह पर जलभराव हो गया। नाले ओवरफ्लो हो गए और प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे हो गए कई जगहों पर पानी से एक से डेढ़ फीट तक जलभराव हो गया। जिले में औसतन 45 एमएम बारिश हुई।
सबसे ज्यादा बारिश सरस्वती नगर, छछरौली, बिलासपुर में हुई। वहीं प्रतापनगर, साढौरा व रादौर के अलावा शहर में भी अच्छी बारिश होने से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। शहर में कन्हैया साहिब चौक के नजदीक हरियाणा वेयरहाउस के गोदाम के अलावा बस स्टैंड यमुनानगर के बाहर, औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों, शक्ति नगर, आजाद नगर, लाजपत नगर, जगाधरी बस स्टैंड, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के रास्ते पर, गंगा नगर कॉलोनी, टाउन हॉल जगाधरी में भी बारिश का पानी काफी देर तक सड़कों पर भरा रहा।
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यमुनानगर में बारिश से नगर निगम के सारे दावे फेल साबित हुए। बारिश के चलते शहर के ग्रीन पार्क, चुना भट्टी रोड, ओपी जिंदल पार्क, रोड लाजपत नगर, आजाद नगर में पानी सड़कों पर आ गया। यमुनानगर की सड़कों पर कई फीट पानी बहता देखा गया। यमुनानगर बस स्टैंड के अलावा ससौली रोड पर बारिश के पानी से हालात काफी खराब रहे। लोगों को दूसरे छोर जाने के लिए कॉलोनी की अन्य गलियों का सहारा लेना पड़ा।
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इन इलाकों में पानी निकासी का उचित प्रबंध नहीं है। जिसके चलते हर साल लोगों को कई तरह की दिक्कत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पानी निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने व अपग्रेड करने के लिए कई बार प्रोजेक्ट बने लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। इसके कारण इन इलाकों में थोड़ी सी बारिश के बाद सड़कों पर जलभराव हो जाता है और पानी लोगों के घरों में घुस जाता है।
फसलों को हुआ फायदा
मानसून की बारिश होने से फसलों को फायदा हुआ है। रूक-रूक कर बारिश होने इससे सबसे ज्यादा धान व गन्ने के अलावा पशु चारे की फसलाें को भी फायदा हुआ है। बारिश न होने से धान के खेत सूखने लगे थे। खेतों में दरारें तक आ गई थी। यही हाल गन्ने की फसल का था। गन्ने की पत्तियां सूख चुकी थी, जिससे फसल की बढ़वार रुक गई थी। बारिश होने से किसानों के चेहरे पर भी मुस्कान देखने को मिल रही है।