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Yamuna Nagar News: ट्रामा सेंटर का किया जाएगा नवीनीकरण, नहीं रिसेगा पानी
Mon, 29 Jul 2024 04:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 29 Jul 2024 04:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल परिसर में बने ट्रामा सेंटर की छत से अब बारिश का पानी नहीं टपकेगा। इसके लिए ट्रामा सेंटर का नवीनीकरण किया जाएगा। नवीनीकरण पर 36 लाख 35 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने ट्रामा सेंटर का टेंडर लगाकर एजेंसी को वर्क अलॉट कर दिया है।
वर्क अलॉट होते ही एजेंसी व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने ट्रामा सेंटर का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की। जो खामियां अभी तक ट्रामा सेंटर के भवन में हैं उन सभी को नवीनीकरण के दौरान दूर किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने जल्द ही ट्रामा सेंटर का मरम्मत का कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया। एजेंसी को मरम्मत कार्य चार माह में पूरा करना होगा।
ट्रामा सेंटर के नवीनीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग से करीब 37 लाख रुपये का बजट मिला था। यह राशि स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर कर दी थी। ट्रामा सेंटर को जमीन से आधा फीट ऊपर भी उठाया जाएगा। साथ ही ट्रामा सेंटर की मरम्मत होगी और इसमें आगजनी से निपटने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। यह उपकरण अग्निकांड होने पर अपने आप ही एक्टिवेट हो जाएंगे, जिससे आग पर समय रहते काबू पाया जा सकेगा।
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जिला नागरिक अस्पताल का 200 बेड का नया भवन 105 करोड़ रुपये से गत वर्ष ही बनकर तैयार हुआ था। अस्पताल का नया भवन बनाने के साथ ही इसके आसपास के खाली परिसर में इंटरलॉक टाइलें लगाई गई थी। अस्पताल के बी ब्लॉक के साथ ही ट्रामा सेंटर का भवन भी बना हुआ है। जिला अस्पताल तो जमीन से अब करीब तीन फीट ऊंचा हो गया है।
वहीं इंटरलॉक टाइलें लगने से ट्रामा सेंटर नीचा रह गया है। ऐसे में बारिश होने पर पानी घुसने का खतरा है। जिससे मेडिकल उपकरणों को भी नुकसान होने की संभावना है। वहीं बारिश होने पर ट्रामा सेंटर के भवन से पानी टपकने लगता है। कई बार तो सीटी स्कैन वाले भवन में भी पानी टपक चुका है। इस पानी को रोकने के लिए छत पर तिरपाल डाली हुई है।
दो बार लग चुकी है आग
भवन की मरम्मत से पहले ही ट्रामा सेंटर से जिला नागरिक अस्पताल के नए भवन में शिफ्ट किया जा चुका है। ट्रामा सेंटर में चल रहा एक्सरे रूम को भी अस्पताल में शिफ्ट हो चुका है। ट्रामा सेंटर में सबसे जरूरी आधुनिक फायर सेफ्टी यंत्रों का होना जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब इसमें मरीज भर्ती रहते थे तो इसमें दो बार आग लग चुकी है। एक बार तो ऑपरेशन थियेटर में ही आग लग गई थी।
जल्द काम शुरू कर देंगे : सिंह
पीडब्ल्यूडी के एसडीओ जसमेर सिंह का कहना है कि ट्रामा सेंटर के नवीनीकरण का टेंडर होने के बाद एजेंसी को वर्क अलाट कर दिया है। भवन में जो कमियां थी उनके बारे में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों से डिटेल मांगी है ताकि उन्हें भी दूर किया जा सके। जल्द ही ट्रामा सेंटर की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल परिसर में बने ट्रामा सेंटर की छत से अब बारिश का पानी नहीं टपकेगा। इसके लिए ट्रामा सेंटर का नवीनीकरण किया जाएगा। नवीनीकरण पर 36 लाख 35 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने ट्रामा सेंटर का टेंडर लगाकर एजेंसी को वर्क अलॉट कर दिया है।
वर्क अलॉट होते ही एजेंसी व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने ट्रामा सेंटर का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की। जो खामियां अभी तक ट्रामा सेंटर के भवन में हैं उन सभी को नवीनीकरण के दौरान दूर किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने जल्द ही ट्रामा सेंटर का मरम्मत का कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया। एजेंसी को मरम्मत कार्य चार माह में पूरा करना होगा।
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ट्रामा सेंटर के नवीनीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग से करीब 37 लाख रुपये का बजट मिला था। यह राशि स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर कर दी थी। ट्रामा सेंटर को जमीन से आधा फीट ऊपर भी उठाया जाएगा। साथ ही ट्रामा सेंटर की मरम्मत होगी और इसमें आगजनी से निपटने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। यह उपकरण अग्निकांड होने पर अपने आप ही एक्टिवेट हो जाएंगे, जिससे आग पर समय रहते काबू पाया जा सकेगा।
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जिला नागरिक अस्पताल का 200 बेड का नया भवन 105 करोड़ रुपये से गत वर्ष ही बनकर तैयार हुआ था। अस्पताल का नया भवन बनाने के साथ ही इसके आसपास के खाली परिसर में इंटरलॉक टाइलें लगाई गई थी। अस्पताल के बी ब्लॉक के साथ ही ट्रामा सेंटर का भवन भी बना हुआ है। जिला अस्पताल तो जमीन से अब करीब तीन फीट ऊंचा हो गया है।
वहीं इंटरलॉक टाइलें लगने से ट्रामा सेंटर नीचा रह गया है। ऐसे में बारिश होने पर पानी घुसने का खतरा है। जिससे मेडिकल उपकरणों को भी नुकसान होने की संभावना है। वहीं बारिश होने पर ट्रामा सेंटर के भवन से पानी टपकने लगता है। कई बार तो सीटी स्कैन वाले भवन में भी पानी टपक चुका है। इस पानी को रोकने के लिए छत पर तिरपाल डाली हुई है।
दो बार लग चुकी है आग
भवन की मरम्मत से पहले ही ट्रामा सेंटर से जिला नागरिक अस्पताल के नए भवन में शिफ्ट किया जा चुका है। ट्रामा सेंटर में चल रहा एक्सरे रूम को भी अस्पताल में शिफ्ट हो चुका है। ट्रामा सेंटर में सबसे जरूरी आधुनिक फायर सेफ्टी यंत्रों का होना जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब इसमें मरीज भर्ती रहते थे तो इसमें दो बार आग लग चुकी है। एक बार तो ऑपरेशन थियेटर में ही आग लग गई थी।
जल्द काम शुरू कर देंगे : सिंह
पीडब्ल्यूडी के एसडीओ जसमेर सिंह का कहना है कि ट्रामा सेंटर के नवीनीकरण का टेंडर होने के बाद एजेंसी को वर्क अलाट कर दिया है। भवन में जो कमियां थी उनके बारे में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों से डिटेल मांगी है ताकि उन्हें भी दूर किया जा सके। जल्द ही ट्रामा सेंटर की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।