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Yamuna Nagar News: व्यापारियों को स्थानीय कर से चाहिए मुक्ति, सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा
Fri, 20 Sep 2024 04:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 20 Sep 2024 04:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। विधानसभा चुनाव के मतदान में ज्यादा दिन नहीं है। ऐसे में लोगों में चुनाव व भावी सरकार को लेकर चर्चाओं का दौर चल रहा है। शहर के तमाम स्थानों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को राजनीति पर सामान्य चर्चा करते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान लोग अपनी समस्याओं व मांगों को लेकर भी मुखर हो रहे हैं।
वहीं पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए कार्यों व लागू नीतियों पर लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इन चर्चाओं में सभी वर्ग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं। वहीं, इसमें व्यापारी भी अपनी मांगों व समस्याओं को लेकर खुलकर चर्चा कर रहे हैं। व्यापारियों की सबसे बड़ी मांग सरकार की ओर से लगाए विभिन्न टैक्स व लाइसेंसी फीस से छुटकारा है। कारोबारियों का कहना है कि यदि सरकार व्यापार के सुगम व छोटे नियम लाती है तो इससे हर क्षेत्र को संजीवनी मिलेगी। इसे लेकर कारोबारियों ने अपने विचार साझा किए।
व्यापारी ने सुमित ने कहा कि व्यापार को लेकर सरकार ने बहुत पेचीदा व सख्त नियम बना दिए हैं। व्यापारी कागजी कार्रवाई में ही उलझ कर रह गए हैं। वहीं, तमाम तरह के टैक्स से भी व्यापारी बहुत परेशान हैं। ऐसे में व्यापार करना मुश्किल हो गया है। इसके लिए व्यापारी कई बार आवाज उठा चुके हैं। वहीं स्थानीय कर व अधिकारियों की दखल से भी व्यापारी बहुत तंग है। इस पर अंकुश लगने से उन्हें काफी राहत मिलेगी।
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कारोबारी कमल धीमान ने कहा कि कारोबारी व्यापार कम कर रहा है, लेकिन टैक्स भरपूर दे रहा है। व्यापार करने के लिए तमाम तरह के लाइसेंस लेने के लिए फीस देनी पड़ती है। उसके बाद उसका टैक्स भी देना पड़ता है। इसके बाद जीएसटी व अन्य तरह के टैक्स भी चुकाने पड़ते हैं। सरकार को इसे सरल बनाना चाहिए। जबकि सरकार ने एक देश एक टैक्स के नाम पर जीएसटी लागू की है। जिसमें राज्य व केंद्र सरकार दोनों को कर मिलता है। ऐसे में स्थानीय कर से मुक्ति मिलनी चाहिए।
व्यापारी महेश पासी ने बताया कि सरकार की नीतियों के चलते कारोबार करना मुश्किल हो गया है। व्यापारी सरकार के नियमों व टैक्स में ही उलझ कर रहे हैं। वहीं, बिजली की दरों ने बाकी कसर पूरी कर दी है। व्यावसायिक बिजली कनेक्शन का बिल की दर पहले ही ज्यादा है। उसके बाद उस पर विभिन्न तरह की अदायगी भी निर्धारित है। व्यापारी इससे राहत चाहते है। औद्योगिक इकाइयों को सस्ती बिजली देने के अलावा निर्बाध आपूर्ति की जाए।
विशाल गुप्ता ने कहा कि सरकार को जन व व्यापारी सुविधाओं पर भी ध्यान देना चाहिए। जिले के तमाम बाजारों की हालात खस्ता है। बाजारों में न लोगों के लिए और न ही व्यापारियों के लिए सुविधा है। बाजारों में शौचालय, पेयजल इत्यादि मूल सुविधाएं तक नहीं है। इससे लोग बाजार में आने से भी गुरेज करते हैं। यदि बाजारों में सुविधा मिले तो इसका असर व्यापार पर होगा। कारोबार अच्छा होगा तो हर क्षेत्र पर असर देखने को मिलेगा।
व्यापारी एवं व्यापार मंडल के कार्यकारिणी अध्यक्ष संजय मित्तल ने कहा कि ट्रेड लाइसेंस कारोबारियों के लिए परेशानी बना हुआ है। इससे व्यापार व व्यापारियों पर अफसरशाही हावी हो गई है। कई तरह की व्यापारियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इससे उनका कारोबार करना मुश्किल हो गया है। इसे लेकर व्यापारी प्रदर्शन भी कर चुके हैं। उम्मीद है कि नई सरकार में व्यापारियों की सबसे बड़ी समस्या का समाधान होगा।
दुकानदार मुकेश सैनी ने कहा कि सरकार को व्यापारी सुरक्षा पर काम करना चाहिए। व्यापारी किसी तरह से सुरक्षित नहीं है। लूट, डकैती की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। फिरौती व धमकी से व्यापारियों में दहशत का माहौल है। ऐसे में कारोबार ठप होता जा रहा है। व्यापारी किसी तरह से स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। सरकार को इस दिशा में आवश्यक व कड़े कदम उठाने चाहिए। इससे कारोबारियों को ही नहीं बल्कि लोगों को भी राहत मिलेगी।
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जगाधरी। विधानसभा चुनाव के मतदान में ज्यादा दिन नहीं है। ऐसे में लोगों में चुनाव व भावी सरकार को लेकर चर्चाओं का दौर चल रहा है। शहर के तमाम स्थानों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को राजनीति पर सामान्य चर्चा करते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान लोग अपनी समस्याओं व मांगों को लेकर भी मुखर हो रहे हैं।
वहीं पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए कार्यों व लागू नीतियों पर लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इन चर्चाओं में सभी वर्ग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं। वहीं, इसमें व्यापारी भी अपनी मांगों व समस्याओं को लेकर खुलकर चर्चा कर रहे हैं। व्यापारियों की सबसे बड़ी मांग सरकार की ओर से लगाए विभिन्न टैक्स व लाइसेंसी फीस से छुटकारा है। कारोबारियों का कहना है कि यदि सरकार व्यापार के सुगम व छोटे नियम लाती है तो इससे हर क्षेत्र को संजीवनी मिलेगी। इसे लेकर कारोबारियों ने अपने विचार साझा किए।
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व्यापारी ने सुमित ने कहा कि व्यापार को लेकर सरकार ने बहुत पेचीदा व सख्त नियम बना दिए हैं। व्यापारी कागजी कार्रवाई में ही उलझ कर रह गए हैं। वहीं, तमाम तरह के टैक्स से भी व्यापारी बहुत परेशान हैं। ऐसे में व्यापार करना मुश्किल हो गया है। इसके लिए व्यापारी कई बार आवाज उठा चुके हैं। वहीं स्थानीय कर व अधिकारियों की दखल से भी व्यापारी बहुत तंग है। इस पर अंकुश लगने से उन्हें काफी राहत मिलेगी।
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कारोबारी कमल धीमान ने कहा कि कारोबारी व्यापार कम कर रहा है, लेकिन टैक्स भरपूर दे रहा है। व्यापार करने के लिए तमाम तरह के लाइसेंस लेने के लिए फीस देनी पड़ती है। उसके बाद उसका टैक्स भी देना पड़ता है। इसके बाद जीएसटी व अन्य तरह के टैक्स भी चुकाने पड़ते हैं। सरकार को इसे सरल बनाना चाहिए। जबकि सरकार ने एक देश एक टैक्स के नाम पर जीएसटी लागू की है। जिसमें राज्य व केंद्र सरकार दोनों को कर मिलता है। ऐसे में स्थानीय कर से मुक्ति मिलनी चाहिए।
व्यापारी महेश पासी ने बताया कि सरकार की नीतियों के चलते कारोबार करना मुश्किल हो गया है। व्यापारी सरकार के नियमों व टैक्स में ही उलझ कर रहे हैं। वहीं, बिजली की दरों ने बाकी कसर पूरी कर दी है। व्यावसायिक बिजली कनेक्शन का बिल की दर पहले ही ज्यादा है। उसके बाद उस पर विभिन्न तरह की अदायगी भी निर्धारित है। व्यापारी इससे राहत चाहते है। औद्योगिक इकाइयों को सस्ती बिजली देने के अलावा निर्बाध आपूर्ति की जाए।
विशाल गुप्ता ने कहा कि सरकार को जन व व्यापारी सुविधाओं पर भी ध्यान देना चाहिए। जिले के तमाम बाजारों की हालात खस्ता है। बाजारों में न लोगों के लिए और न ही व्यापारियों के लिए सुविधा है। बाजारों में शौचालय, पेयजल इत्यादि मूल सुविधाएं तक नहीं है। इससे लोग बाजार में आने से भी गुरेज करते हैं। यदि बाजारों में सुविधा मिले तो इसका असर व्यापार पर होगा। कारोबार अच्छा होगा तो हर क्षेत्र पर असर देखने को मिलेगा।
व्यापारी एवं व्यापार मंडल के कार्यकारिणी अध्यक्ष संजय मित्तल ने कहा कि ट्रेड लाइसेंस कारोबारियों के लिए परेशानी बना हुआ है। इससे व्यापार व व्यापारियों पर अफसरशाही हावी हो गई है। कई तरह की व्यापारियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इससे उनका कारोबार करना मुश्किल हो गया है। इसे लेकर व्यापारी प्रदर्शन भी कर चुके हैं। उम्मीद है कि नई सरकार में व्यापारियों की सबसे बड़ी समस्या का समाधान होगा।
दुकानदार मुकेश सैनी ने कहा कि सरकार को व्यापारी सुरक्षा पर काम करना चाहिए। व्यापारी किसी तरह से सुरक्षित नहीं है। लूट, डकैती की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। फिरौती व धमकी से व्यापारियों में दहशत का माहौल है। ऐसे में कारोबार ठप होता जा रहा है। व्यापारी किसी तरह से स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। सरकार को इस दिशा में आवश्यक व कड़े कदम उठाने चाहिए। इससे कारोबारियों को ही नहीं बल्कि लोगों को भी राहत मिलेगी।