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कालका से कलेसर तक विकसित किया जाएगा पर्यटन हब : सीएम
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर/प्रतापनगर। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कलेसर, अपने समृद्ध वन्य जीवन और घने जंगलों के लिए जाना जाता है। यह न केवल पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटकों, प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षक स्थल है। ऐसे में कालका से लेकर कलेसर तक के पूरे क्षेत्र को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सोमवार को खंड प्रतापनगर के कलेसर में राज्यस्तरीय वन महोत्सव में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने पहुंचे थे।
इस दौरान उन्होंने पौधरोपण भी किया। साथ ही वन विभाग के नवनिर्मित विश्राम गृह का उद्घाटन व हरियाणा फोरेस्ट न्यूज और वायु प्राण देवता पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया। वहीं कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध कालेश्वर महादेव मठ मंदिर में जाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि वन क्षेत्रों को बढ़ाने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस पर दिल्ली के बुद्ध जयंती पार्क में पौधरोपण करते हुए एक पेड़ मां के नाम से एक अनूठा अभियान शुरू किया था। इसी कड़ी में एक पेड़ मां के नाम के पहले चरण में हरियाणा में एक करोड़ 60 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था।
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हमने लक्ष्य से बढ़कर एक करोड़ 87 लाख पौधे लगाए। इस साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम के दूसरे चरण की शुरूआत की है। दूसरे चरण में 90 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, इस साल अन्य योजनाओं में प्रदेश में कुल एक करोड़ 20 लाख पौधे और लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार प्रदेश में दो करोड़ 10 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 75 साल से अधिक आयु के वृक्षों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए प्राणवायु देवता पेंशन स्कीम शुरू की है। इस योजना के तहत 75 साल से अधिक आयु के वृक्षों के रखरखाव के लिए 3000 रुपये प्रति वर्ष प्रति पेड़ पेंशन का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत 3800 वृक्षों के संरक्षकों के खातों में एक करोड़ रुपये की धनराशि डाली जा चुकी है। अक्तूबर 2014 से अब तक प्रदेश में लगभग 18 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। वन विभाग द्वारा पहले से लगे हुए और हर वर्ष होने वाले पौधारोपण की जीओ टैंगिंग ड्रोन द्वारा नियमित मैंपिंग की जाएगी तथा 5 वर्ष तक हुई उनकी ग्रोथ पर नजर रखी जाएगी।
खैर के तस्करों पर कसेंगे शिकंजा, बन रही योजना
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। खैर के पेड़ों की सुरक्षा के लिए योजना तैयार की जा रही है, जिससे तस्करों पर शिकंजा कसा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष अप्रैल, अक्तूबर और फरवरी माह में 8 से 10 हाथियों का समूह यहां देखा गया। बनसंतौर में हाथियों का पुनर्वास किया गया है। सरकार ने दक्षिण हरियाणा में हरित अरावली कार्य योजना का भी शुभारंभ किया है। केंद्र व राज्य सरकारों की यह परियोजना अरावली पहाड़ियों के चार राज्यों में लागू की जाएगी, जिनमें हरियाणा भी शामिल है। इन चार राज्यों में 29 जिलों का चयन किया गया है, जिनमें पांच जिले हरियाणा के हैं।
एक पेड़ मां के नाम मुहिम के दूरगामी परिणाम आएंगे सामने
पर्यावरण एवं वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से शुरू किए गए एक पेड़ मां के नाम अभियान के दूरगामी परिमाण सामने आएंगे। हमें इस अभियान में शामिल होते हुए पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे रोपित करने चाहिए। पौधे लगाने के साथ हमें उनकी देखभाल भी करनी चाहिए।
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यमुनानगर/प्रतापनगर। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कलेसर, अपने समृद्ध वन्य जीवन और घने जंगलों के लिए जाना जाता है। यह न केवल पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटकों, प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षक स्थल है। ऐसे में कालका से लेकर कलेसर तक के पूरे क्षेत्र को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सोमवार को खंड प्रतापनगर के कलेसर में राज्यस्तरीय वन महोत्सव में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने पहुंचे थे।
इस दौरान उन्होंने पौधरोपण भी किया। साथ ही वन विभाग के नवनिर्मित विश्राम गृह का उद्घाटन व हरियाणा फोरेस्ट न्यूज और वायु प्राण देवता पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया। वहीं कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध कालेश्वर महादेव मठ मंदिर में जाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की।
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मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि वन क्षेत्रों को बढ़ाने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस पर दिल्ली के बुद्ध जयंती पार्क में पौधरोपण करते हुए एक पेड़ मां के नाम से एक अनूठा अभियान शुरू किया था। इसी कड़ी में एक पेड़ मां के नाम के पहले चरण में हरियाणा में एक करोड़ 60 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था।
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हमने लक्ष्य से बढ़कर एक करोड़ 87 लाख पौधे लगाए। इस साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम के दूसरे चरण की शुरूआत की है। दूसरे चरण में 90 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, इस साल अन्य योजनाओं में प्रदेश में कुल एक करोड़ 20 लाख पौधे और लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार प्रदेश में दो करोड़ 10 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 75 साल से अधिक आयु के वृक्षों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए प्राणवायु देवता पेंशन स्कीम शुरू की है। इस योजना के तहत 75 साल से अधिक आयु के वृक्षों के रखरखाव के लिए 3000 रुपये प्रति वर्ष प्रति पेड़ पेंशन का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत 3800 वृक्षों के संरक्षकों के खातों में एक करोड़ रुपये की धनराशि डाली जा चुकी है। अक्तूबर 2014 से अब तक प्रदेश में लगभग 18 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। वन विभाग द्वारा पहले से लगे हुए और हर वर्ष होने वाले पौधारोपण की जीओ टैंगिंग ड्रोन द्वारा नियमित मैंपिंग की जाएगी तथा 5 वर्ष तक हुई उनकी ग्रोथ पर नजर रखी जाएगी।
खैर के तस्करों पर कसेंगे शिकंजा, बन रही योजना
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। खैर के पेड़ों की सुरक्षा के लिए योजना तैयार की जा रही है, जिससे तस्करों पर शिकंजा कसा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष अप्रैल, अक्तूबर और फरवरी माह में 8 से 10 हाथियों का समूह यहां देखा गया। बनसंतौर में हाथियों का पुनर्वास किया गया है। सरकार ने दक्षिण हरियाणा में हरित अरावली कार्य योजना का भी शुभारंभ किया है। केंद्र व राज्य सरकारों की यह परियोजना अरावली पहाड़ियों के चार राज्यों में लागू की जाएगी, जिनमें हरियाणा भी शामिल है। इन चार राज्यों में 29 जिलों का चयन किया गया है, जिनमें पांच जिले हरियाणा के हैं।
एक पेड़ मां के नाम मुहिम के दूरगामी परिणाम आएंगे सामने
पर्यावरण एवं वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से शुरू किए गए एक पेड़ मां के नाम अभियान के दूरगामी परिमाण सामने आएंगे। हमें इस अभियान में शामिल होते हुए पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे रोपित करने चाहिए। पौधे लगाने के साथ हमें उनकी देखभाल भी करनी चाहिए।