फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Tiles stripped from hospital walls

Yamuna Nagar News: अस्पताल की दीवारों से टाइलें उखाड़ीं अब पेंट कराने के लिए मांगे 87 लाख

Wed, 12 Aug 2026 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 12 Aug 2026 12:57 AM IST
विज्ञापन
Tiles stripped from hospital walls
जिला नागरिक अस्पताल की दीवारों से उतारी गईं टाइलें। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल की दीवारों से टाइलें उखाड़ने के बाद अब उन्हें पेंट करने की तैयारी है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने स्वास्थ्य विभाग से करीब 87 लाख रुपये का बजट मांगा है। अब पीडब्ल्यूडी की ओर से टाइलों की जगह बाहरी दीवारों पर पेंट कराने को बेहतर विकल्प बताया जा रहा है।
करीब 105 करोड़ रुपये की लागत से 200 बेड का पांच मंजिला जिला नागरिक अस्पताल भवन तैयार किया गया था। भवन तैयार होने के बाद दीवारों पर लगी टाइलें लगातार गिरने लगीं। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा को देखते हुए यह मामला गंभीर हो गया था। टाइलें गिरने के कारण कई स्थानों पर दीवारें बदसूरत दिखाई देने लगी थीं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच करवाई और कमजोर टाइलों को दीवारों से उतार दिया। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार अस्पताल भवन की डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) मई माह में समाप्त हो चुकी है। डीएलपी के दौरान निर्माण संबंधी कमियों को ठीक कराने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होती है। अब डीएलपी मई में खत्म होने के कारण भवन की मरम्मत और रखरखाव के लिए विभाग को अलग से बजट उपलब्ध कराना होगा।
विज्ञापन

अधिकारियों का कहना है कि दीवारों पर दोबारा टाइलें लगाना उचित समाधान नहीं होगा। लगातार टाइलें गिरने की समस्या को देखते हुए अब बाहरी दीवारों पर पेंट कराया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए करीब 87 लाख रुपये की राशि का अनुमान लगाया गया है। पीडब्ल्यूडी ने स्वास्थ्य विभाग से यह बजट उपलब्ध कराने के लिए मांग भेजी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

टाइलें हटाए जाने के बाद अस्पताल की बाहरी दीवारें काफी बदसूरत दिखाई दे रही हैं। जगह-जगह दीवारों पर टाइलों के अवशेष और सीमेंट दिखाई दे रहा है। ऐसे में अस्पताल की सूरत सुधारने के लिए पेंट कराने की योजना बनाई गई है। स्वास्थ्य विभाग के सामने अब यह सवाल भी है कि जिस भवन पर पहले ही करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, उसकी दीवारों की खराब टाइलों को हटाने के बाद दोबारा बेहतर रूप देने के लिए इतनी बड़ी राशि अतिरिक्त रूप से खर्च करनी पड़ेगी।
एक साल से गिर रही टाइलें तो अब पैसे क्यों
एडवोकेट वरयाम सिंह का कहना है कि जिला नागरिक अस्पताल की दीवारों से टाइलें एक साल से गिर रही हैं। जब टाइलें गिरने लगी थी तो यह डीएलपी में थी। सारी टाइलों की जांच करवा कर इन्हें दोबारा लगाने की जिम्मेदारी भवन निर्माण करने वाली एजेंसी की थी। इस बात की जांच होनी चाहिए कि क्या पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने जानबूझ कर इसमें देरी की ताकि डीएलपी समय निकल जाए और एजेंसी को फायदा हो।

अस्पताल की बाहरी दीवारों से जो टाइलें गिरने वाली थी उन्हें पीडब्ल्यूडी ने उतरवा दिया है। अब करीब 87 लाख रुपये का बजट मांगा जा रहा है ताकि बाहर पेंट करवाया जा सके। विभागीय स्तर पर मंथन चल रहा है। - डॉ. पुनीत कालड़ा, डिप्टी सिविल सर्जन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed