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Yamuna Nagar News: कलेसर पार्क में फिर टाइगर के पदचिह्न, जांच में जुटे वन्यकर्मी
Sat, 22 Apr 2023 02:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 22 Apr 2023 02:49 AM IST
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यमुनानगर। जिले के कलेसर नेशनल पार्क में एक बार फिर टाइगर की चहलकदमी के निशान मिले हैं, हालांकि बाघ की एक्टिविटी जंगल में लगे सीसीटीवी में कैद नहीं हो पाई। वन्य प्राणी विभाग का दावा है 14 सेंटीमीटर के जो पदचिह्न मिल हैं, वो बाघ के ही हो सकते हैं। चूंकि इससे छोटे 11 सेंटीमीटर के पदचिह्न केवल लेपर्ड के होते हैं।
बता दें पूर्वी हिस्से में स्थित शिवालिकों की निचली पहाड़ियों की गोद में यह जगह 11570 एकड़ क्षेत्र कलेसर जंगल उत्तराखंड कॉर्बेट नेशनल पार्क से जुड़ा हुआ है। इसके चलते यहां जंगली जानवरों को आना जाना लगा रहता है। कई बार जंगली जानवर भटक कर रिहायशी एरिया में आ जाते हैं। कलेसर जंगल में तेंदुआ, हाथी, भौंकने वाले हिरण, जंगली सूअर, सांभर सहित जंगली जानवरों और पक्षियों की कई अन्य प्रजातियां पाई जाती हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश का मशहूर सिपलवाड़ा पार्क भी बिल्कुल पास है और यमुना नदी भी इसी इलाके से गुजरती है। यहां पास ही आदिबद्री धाम के अलावा सरस्वती नदी का उद्गम स्थल भी मौजूद है।
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जंगल में टाइगर के संदिग्ध पगमार्क दिखाई दिए हैं, क्योंकि 14 सेंटीमीटर के पगमार्क टाइगर के ही हो सकते हैं। जिस जगह पर पगमार्क मिले हैं वहां सीसीटीवी भी लगे हैं लेकिन उनमें टाइगर की एक्टिविटी नहीं दिखी।
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- सुनील, निरीक्षक, वन्य प्राणी विभाग।
नोट : पहले भी मिले थे टाइगर के पदचिह्न, भेजे गए सैंपल की जांच रिपोर्ट का अभी इंतजार-- -अलग से यह इनसेट भेजा जाएगा।
बता दें पूर्वी हिस्से में स्थित शिवालिकों की निचली पहाड़ियों की गोद में यह जगह 11570 एकड़ क्षेत्र कलेसर जंगल उत्तराखंड कॉर्बेट नेशनल पार्क से जुड़ा हुआ है। इसके चलते यहां जंगली जानवरों को आना जाना लगा रहता है। कई बार जंगली जानवर भटक कर रिहायशी एरिया में आ जाते हैं। कलेसर जंगल में तेंदुआ, हाथी, भौंकने वाले हिरण, जंगली सूअर, सांभर सहित जंगली जानवरों और पक्षियों की कई अन्य प्रजातियां पाई जाती हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश का मशहूर सिपलवाड़ा पार्क भी बिल्कुल पास है और यमुना नदी भी इसी इलाके से गुजरती है। यहां पास ही आदिबद्री धाम के अलावा सरस्वती नदी का उद्गम स्थल भी मौजूद है।
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जंगल में टाइगर के संदिग्ध पगमार्क दिखाई दिए हैं, क्योंकि 14 सेंटीमीटर के पगमार्क टाइगर के ही हो सकते हैं। जिस जगह पर पगमार्क मिले हैं वहां सीसीटीवी भी लगे हैं लेकिन उनमें टाइगर की एक्टिविटी नहीं दिखी।
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- सुनील, निरीक्षक, वन्य प्राणी विभाग।
नोट : पहले भी मिले थे टाइगर के पदचिह्न, भेजे गए सैंपल की जांच रिपोर्ट का अभी इंतजार