फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Threat to Hathnikund barrage and embankment increased

सुरक्षा के लिए लगाएं सीमेंटेड ब्लॉक बहने से हथिनीकुंड बैराज और तटबंध के लिए खतरा बढ़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jul 2021 12:39 AM IST
विज्ञापन
Threat to Hathnikund barrage and embankment increased
यमुना में वीरवार को जलस्तर घटने के बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है और लोगों को भी लगा कि आफत टल गई, लेकिन इस पानी के उतर जाने के बाद जो तस्वीर सामने आई है, उसने सभी को चौंका दिया है। दरअसल बुधवार को एक लाख 60 हजार क्यूसेक जो पानी यमुना नदी में आया था, उसने हथनीकुंड बैराज के तटबंध की सुरक्षात्मक सरंचना यानी स्पर और स्टड को क्षतिग्रस्त कर दिया और इसको काफी नुकसान पहुंचाया है। अब यह आशंका जताई जा रही है कि यदि सुरक्षात्मक संरचना के लिए बनाएं गए सीसी ब्लॉक की जल्द मरम्मत नहीं की गई तो यह पानी को बर्दाश्त नहीं कर पाएगा। ऐसे में अगर एक बार फिर से पहाड़ों में बरसात हुई तो तटबंध भी क्षतिग्रस्त होगा। जिसकी चलते तटबंध में दरार आ सकती है और यह टूट भी सकता है। यदि तटबंध टूटा तो यमुना का सारा पानी जिले में घुस जाएगा और बाढ़ जैसे हालात हो जाएंगे। वहीं हथिनीकुंड बैराज को भी नुकसान पहुंच सकता है। इस साल पुणे स्थित जल आयोग के रिसर्च सेंटर से अनुमति नहीं मिलने की वजह से सिंचाई विभाग की तरफ से हथिनीकुंड बैराज और तटबंध की सुरक्षा के लिए मरम्मत का कोई काम भी नहीं हुआ। जिसके चलते सीमेंटेड ब्लॉक डेढ़ लाख क्यूसेक का बहाव भी नहीं झेल सके और स्थिति खतरनाक बन गई।
विज्ञापन

सिंचाई विभाग की तरफ से प्रोजेक्ट बनाकर जल आयोग के रिसर्च सेंटर में भेजा गया था, लेकिन वहां से अनुमति नहीं मिली। जिसके चलते हथिनी कुंड बैराज पर इस बार मरम्मत कार्य नहीं हो पाया। अब हथिनी कुंड बैराज की सुरक्षा राम भरोसे है। जब तक वहां से अनुमति नहीं मिल मिलती, तब तक सिंचाई विभाग यहां कोई कार्य नहीं कर सकता। मरम्मत कार्य न होना हथिनी कुंड बैराज के लिए खतरे की घंटी है। विभागीय जानकारी के अनुसार जब से यह पुल बनकर तैयार हुआ है तब से हर वर्ष 4 से 5 करोड़ रुपये का यहां मरम्मत कार्य करवाया जाता है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक लगभग 20 दिन पहले भी विभाग की तरफ से यहां पर होने वाले मरम्मत कार्यों के लिए अनुमति मांगी गई थी। हर बार इसकी मंजूरी वाटर कमीशन रिसर्च सेंटर द्वारा ही दी जाती है, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है, जब रिसर्च सेंटर की तरफ से अनुमति नहीं मिली।
विज्ञापन

सिंचाई विभाग की तरफ से लगाए गए सूचना पटों को भी लोग अनदेखा कर यमुना में उतर रहे हैं। यहां कुछ लोग मछलियां पकड़ रहे हैं तो कुछ नहा रहे हैं, लेकिन विभाग की तरफ से अलर्ट जारी किया हुआ है कि कभी भी पानी छोड़ा जा सकता है। इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर यमुना में उतर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिंचाई विभाग यमुना जल सेवाएं के एसडीओ धर्मपाल सिंह ने बताया कि हथिनी कुंड बैराज के नीचे व आसपास मरम्मत कार्य करवाने के लिए पुणे के रिसर्च सेंटर से अनुमति लेनी पड़ती है। हर वर्ष हथिनी कुंड बैराज पर लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिवर्ष मरम्मत कार्य होता आया है। हमने प्रपोजल बनाकर रिसर्च सेंटर भेजा हुआ है। जैसे ही अनुमति मिलेगी तो बरसात के सीजन के बाद मरम्मत कार्य करवा दिया जाएगा। अभी बारिश चल रही है, इसलिए कार्य संभव नहीं है। हथिनी कुंड बैराज पुल की सुरक्षा में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed