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Yamuna Nagar News: बेलगाम डंपरों ने नहीं मिली निजात
Mon, 16 Sep 2024 02:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 16 Sep 2024 02:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। साढौरा विधानसभा क्षेत्र के राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, पर्याप्त विकास न होना जैसे मुद्दों के अलावा सड़कों पर बेलगाम दौड़ते ओवरलोड डंपर भी प्रमुख मुद्दा है। राजनीतिक संरक्षण में हो रहे अवैध खनन के कारण सड़कों पर डंपरों की दिनरात आवाजाही हो रही है।
तेज गति से दौड़ते इन डंपरों के कारण हुए हादसों में कई जान गंवा चुके हैं। प्रशासन इन डंपरों नकेल नहीं कस पा रहा है। राह चलते लोगों की जान के लिए खतरा बने इन वाहनों की जांच का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। इन हालात में इन विधानसभा चुनावों में बेलगाम दौड़ते डंपर भी प्रमुख मुद्दा बन चुका है। लोग बेलगाम डंपरों की समस्या ने निजात दिलाने की मांग उठा रहे हैं।
समाजसेवी संदीप गुप्ता ने कहा कि राजनीतिक संरक्षण में हो रहे अवैध खनन के कारण ओवरलोड डंपरों की दिनरात आवाजाही हो रही है। नतीजन क्षेत्र की कोई ऐसी सड़क नहीं बची है जहां गहरे गड्ढे न हो गए हों। डंपर तो इन गड्ढों से भी होकर दौड़ रहे है, लेकिन वाहन चालकों या पैदल चलने वालों को भी इन सड़कों से होकर गुजरना बहुत दूभर हो रहा है, लेकिन प्रशासन इन डंपरों की आवाजाही को नियंत्रित करने के अलावा सड़कों की मरम्मत करवाने में नाकाम है।
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अमित बांगा ने बताया कि सड़कों पर तेज गति से दौड़ रहे इन ओवरलोड डंपरों के कारण उस गुजरने वाले राहगीरों को भी खतरा बना हुआ है। यूं तो नगरपालिका ने बोर्ड लगाकर दिन के समय डंपरों को कस्बे से गुजरने की मनाही की हुई है। लेकिन इस मनाही को लागू न किए जाने के कारण दिनरात कस्बे की सड़कों से डंपर गुजर रहे हैं। जिसके कारण स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक बहुत चिंतित रहते हैं। इस बारे में प्रशासन को कई बार आगाह करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
गौतम भसीन ने कहा कि क्षेत्र की सड़कों पर तेज गति से दौड़ रहे अधिकतर डंपरों व ट्रैक्टर-ट्रालियों पर नंबर प्लेट ही नहीं होती है। कोई हादसा होने की हालत में इनकी पहचान करके पकड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा बगैर नंबर प्लेट डंपरों व ट्रैक्टर-ट्रालियों के परिचालन पर अंकुश लगाने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। इनमें से अधिकतर मिट्टी, रेत, बजरी जैसी खनन सामग्री लदे होते हैं।
कुलविंद्र सिंह चड्ढा ने कहा कि पुलिस अकसर जांच के नाम पर दोपहिया या कार चालकों का उत्पीड़न करती है। लेकिन अधिकतर बगैर के डंपर बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था, बिना रिफलेक्टरर्स, बिना कोई लाल रंग की सचेत करने वाली झंडी लगाए सड़कों पर दौड़ते हैं। यही नहीं अगर जांच की जाए तो इनके अधिकतर चालकों के पास न तो वैध ड्राइविंग लाइसेंस और न ही इनके वाहनों के पर्याप्त कागजात मिलेंगे।
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साढौरा। साढौरा विधानसभा क्षेत्र के राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, पर्याप्त विकास न होना जैसे मुद्दों के अलावा सड़कों पर बेलगाम दौड़ते ओवरलोड डंपर भी प्रमुख मुद्दा है। राजनीतिक संरक्षण में हो रहे अवैध खनन के कारण सड़कों पर डंपरों की दिनरात आवाजाही हो रही है।
तेज गति से दौड़ते इन डंपरों के कारण हुए हादसों में कई जान गंवा चुके हैं। प्रशासन इन डंपरों नकेल नहीं कस पा रहा है। राह चलते लोगों की जान के लिए खतरा बने इन वाहनों की जांच का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। इन हालात में इन विधानसभा चुनावों में बेलगाम दौड़ते डंपर भी प्रमुख मुद्दा बन चुका है। लोग बेलगाम डंपरों की समस्या ने निजात दिलाने की मांग उठा रहे हैं।
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समाजसेवी संदीप गुप्ता ने कहा कि राजनीतिक संरक्षण में हो रहे अवैध खनन के कारण ओवरलोड डंपरों की दिनरात आवाजाही हो रही है। नतीजन क्षेत्र की कोई ऐसी सड़क नहीं बची है जहां गहरे गड्ढे न हो गए हों। डंपर तो इन गड्ढों से भी होकर दौड़ रहे है, लेकिन वाहन चालकों या पैदल चलने वालों को भी इन सड़कों से होकर गुजरना बहुत दूभर हो रहा है, लेकिन प्रशासन इन डंपरों की आवाजाही को नियंत्रित करने के अलावा सड़कों की मरम्मत करवाने में नाकाम है।
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अमित बांगा ने बताया कि सड़कों पर तेज गति से दौड़ रहे इन ओवरलोड डंपरों के कारण उस गुजरने वाले राहगीरों को भी खतरा बना हुआ है। यूं तो नगरपालिका ने बोर्ड लगाकर दिन के समय डंपरों को कस्बे से गुजरने की मनाही की हुई है। लेकिन इस मनाही को लागू न किए जाने के कारण दिनरात कस्बे की सड़कों से डंपर गुजर रहे हैं। जिसके कारण स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक बहुत चिंतित रहते हैं। इस बारे में प्रशासन को कई बार आगाह करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
गौतम भसीन ने कहा कि क्षेत्र की सड़कों पर तेज गति से दौड़ रहे अधिकतर डंपरों व ट्रैक्टर-ट्रालियों पर नंबर प्लेट ही नहीं होती है। कोई हादसा होने की हालत में इनकी पहचान करके पकड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा बगैर नंबर प्लेट डंपरों व ट्रैक्टर-ट्रालियों के परिचालन पर अंकुश लगाने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। इनमें से अधिकतर मिट्टी, रेत, बजरी जैसी खनन सामग्री लदे होते हैं।
कुलविंद्र सिंह चड्ढा ने कहा कि पुलिस अकसर जांच के नाम पर दोपहिया या कार चालकों का उत्पीड़न करती है। लेकिन अधिकतर बगैर के डंपर बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था, बिना रिफलेक्टरर्स, बिना कोई लाल रंग की सचेत करने वाली झंडी लगाए सड़कों पर दौड़ते हैं। यही नहीं अगर जांच की जाए तो इनके अधिकतर चालकों के पास न तो वैध ड्राइविंग लाइसेंस और न ही इनके वाहनों के पर्याप्त कागजात मिलेंगे।