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Yamuna Nagar News: रोडवेज में 180 बसों का बेड़ा पर रात आठ बजे के बाद पसर जाता है सन्नाटा
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यमुनानगर। बसों की कुल संख्या 180 होने के बावजूद यमुनानगर डिपो की रात आठ बजे के बाद कोई बस सेवा नहीं है। यही नहीं कहने को ही डिपो की बस का आखिरी समय रात आठ बजे हैं पर शाम सात से आठ बजे के बीच करनाल व कुरुक्षेत्र रूट पर एक-एक ही बस हैं। इससे पहले शाम छह से सात बजे के बीच भी रूटों पर बसों के समय नाममात्र ही हैं। ऐसे में रात आठ बजे के बाद डिपो में सन्नाटा पसर जाता है और रोडवेज यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञात हो कि 10 साल पहले भी यमुनानगर डिपो पर हरियाणा रोडवेज की बसों की संख्या करीब 190 थी। तब डिपो की बसों की रात नौ बजे तक करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला व दिल्ली के लिए सर्विस थी। साथ ही जिले के ग्रामीण रूटों पर सात से लेकर आठ बजे तक बसों के समय थे। इसके बाद बसों की संख्या घटती गई, जिससे शाम छह से रात नौ बजे के बीच चलने वाली डिपो की बस सेवा कम होती गई। मौजूदा समय में डिपो पर बसों की संख्या 180 हो गई है, पर शाम छह बजे के बाद से अधिकांश रूटों पर बसें नहीं हैं। देर शाम सात से रात आठ बजे के बीच करनाल व कुरुक्षेत्र की एक-एक बस हैं। शाम छह से रात आठ बजे के बीच भी नाममात्र रूटों पर बसों के समय हैं। ऐसे में शाम छह के बाद से रात तक विभिन्न रूटों पर बस न मिलने से यात्री भटकते दिखते हैं। उन्हें शहर व जिले से बाहर जाने के लिए रेल, टैक्सी, ऑटो या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
रात के समय बढ़ाई जानी चाहिए बस सेवा
शहर के महाराणा प्रताप चौक पर शाम आठ बजे खड़े मिले दशमेश कॉलोनी के सतेंद्र और गांधीनगर के जसविंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें अंबाला व कुरुक्षेत्र जाना है पर बस स्टैंड से कोई रोडवेज बस नहीं है। इसलिए अन्य साधन की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यमुनानगर डिपो की बसों के दिल्ली, चंडीगढ़, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, सहारनपुर, पांवटा, नारायणगढ़ के लिए रात आठ व नौ बजे बस होनी चाहिए, जिसमें जिले के मुख्य ग्रामीण रूट के स्टॉपेज भी कवर हो जाते हैं।
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रोडवेज डिपो में सभी रूटों पर यात्रियों की मांग के मुताबिक ही बसों की सेवा है। यदि रात्रि के समय बसों के संचालन की मांग यात्रियों की ओर से की जाती है तो उस पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाएगी।
- संजय रावल, जीएम रोडवेज, यमुनानगर।
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ज्ञात हो कि 10 साल पहले भी यमुनानगर डिपो पर हरियाणा रोडवेज की बसों की संख्या करीब 190 थी। तब डिपो की बसों की रात नौ बजे तक करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला व दिल्ली के लिए सर्विस थी। साथ ही जिले के ग्रामीण रूटों पर सात से लेकर आठ बजे तक बसों के समय थे। इसके बाद बसों की संख्या घटती गई, जिससे शाम छह से रात नौ बजे के बीच चलने वाली डिपो की बस सेवा कम होती गई। मौजूदा समय में डिपो पर बसों की संख्या 180 हो गई है, पर शाम छह बजे के बाद से अधिकांश रूटों पर बसें नहीं हैं। देर शाम सात से रात आठ बजे के बीच करनाल व कुरुक्षेत्र की एक-एक बस हैं। शाम छह से रात आठ बजे के बीच भी नाममात्र रूटों पर बसों के समय हैं। ऐसे में शाम छह के बाद से रात तक विभिन्न रूटों पर बस न मिलने से यात्री भटकते दिखते हैं। उन्हें शहर व जिले से बाहर जाने के लिए रेल, टैक्सी, ऑटो या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
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रात के समय बढ़ाई जानी चाहिए बस सेवा
शहर के महाराणा प्रताप चौक पर शाम आठ बजे खड़े मिले दशमेश कॉलोनी के सतेंद्र और गांधीनगर के जसविंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें अंबाला व कुरुक्षेत्र जाना है पर बस स्टैंड से कोई रोडवेज बस नहीं है। इसलिए अन्य साधन की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यमुनानगर डिपो की बसों के दिल्ली, चंडीगढ़, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, सहारनपुर, पांवटा, नारायणगढ़ के लिए रात आठ व नौ बजे बस होनी चाहिए, जिसमें जिले के मुख्य ग्रामीण रूट के स्टॉपेज भी कवर हो जाते हैं।
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रोडवेज डिपो में सभी रूटों पर यात्रियों की मांग के मुताबिक ही बसों की सेवा है। यदि रात्रि के समय बसों के संचालन की मांग यात्रियों की ओर से की जाती है तो उस पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाएगी।
- संजय रावल, जीएम रोडवेज, यमुनानगर।