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Yamuna Nagar News: खेल स्टेडियम में नसों में नशे का जहर घोल रहा युवा वर्ग
Wed, 13 May 2026 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 13 May 2026 12:24 AM IST
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तेजली खेल परिसर में टूटे पड़े डस्टबिन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले का सबसे बड़ा और करीब 65 एकड़ में फैला तेजली खेल स्टेडियम इन दिनों खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित अभ्यास स्थल की बजाय असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। परिसर में रनिंग ट्रैक के पास बनी एक बिल्डिंग में इस्तेमाल किए हुए इंजेक्शन पड़े मिले हैं।
खिलाड़ियों का कहना है कि शाम होते ही नशेड़ी यहां डेरा जमा लेते हैं और खुलेआम नशा करते हैं। ट्रैक के पास खिलाड़ियों के सामान रखने के लिए बनाए गए करीब 25 से 30 कमरों की हालत भी बेहद खराब है। कमरों में टूटी बोतलें, गंदगी और कबाड़ फैला हुआ है। कई कमरों के दरवाजे टूट चुके हैं, जबकि उनकी लंबे समय से कोई देखरेख नहीं की गई।
स्टेडियम में लगी अधिकांश हाईमास्ट लाइटें खराब पड़ी हैं। बिजली के कई पोल जर्जर हालत में हैं। खिलाड़ियों के अनुसार बरसात के दिनों में इन लोहे के खंभों में करंट आने का खतरा बना रहता है। शाम ढलते ही पूरा स्टेडियम अंधेरे में डूब जाता है, जिससे विशेषकर महिला खिलाड़ियों में भय का माहौल रहता है। सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने के कारण कई खिलाड़ी शाम के समय अभ्यास के लिए आने से कतराने लगे हैं।
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स्टेडियम परिसर के बीच से गुजर रहे खुले नाले से लगातार दुर्गंध फैल रही है। खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान सांस लेने में परेशानी होती है। हालांकि अब इस नाले का पानी पाइपों के जरिये बाहर निकाला जाएगा। जिस पर करीब 31 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
महिला खिलाड़ियों को सबसे अधिक परेशानी शौचालयों की खराब स्थिति के कारण उठानी पड़ रही है। स्टेडियम में बने तीन बाथरूम यूनिटों में से दो पर ताले लगे हुए हैं, जबकि मुख्य गेट के पास स्थित शौचालय की हालत बेहद दयनीय है। खिलाड़ियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वर्षों से सफाई न होने के कारण शौचालय जाम पड़े हैं।
मैदान में उगी लंबी घास और झाड़ियां भी खिलाड़ियों के लिए खतरा बनी हुई हैं। तेजली खेल परिसर में दो बास्केटबॉल कोर्ट, एथलेटिक्स मैदान, दो फुटबॉल मैदान, वॉलीबॉल कोर्ट, लॉन टेनिस कोर्ट, बॉक्सिंग रिंग, मल्टीपर्पज हॉल और आवासीय अकादमी जैसी करोड़ों रुपये की सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में ये खिलाड़ियों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पा रहीं। करीब 65 एकड़ में फैले इस विशाल परिसर की सुरक्षा केवल एक सिक्योरिटी गार्ड के भरोसे है।
सुरक्षाकर्मी मांगे : शिल्पा
जिला खेल अधिकारी शिल्पा गुप्ता ने बताया कि स्टेडियम का क्षेत्र बड़ा होने के कारण यहां चार से पांच सुरक्षा कर्मियों की आवश्यकता है। इसके लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। वहीं खराब पड़ी लाइटों को ठीक कराने के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है और जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी।
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यमुनानगर। जिले का सबसे बड़ा और करीब 65 एकड़ में फैला तेजली खेल स्टेडियम इन दिनों खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित अभ्यास स्थल की बजाय असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। परिसर में रनिंग ट्रैक के पास बनी एक बिल्डिंग में इस्तेमाल किए हुए इंजेक्शन पड़े मिले हैं।
खिलाड़ियों का कहना है कि शाम होते ही नशेड़ी यहां डेरा जमा लेते हैं और खुलेआम नशा करते हैं। ट्रैक के पास खिलाड़ियों के सामान रखने के लिए बनाए गए करीब 25 से 30 कमरों की हालत भी बेहद खराब है। कमरों में टूटी बोतलें, गंदगी और कबाड़ फैला हुआ है। कई कमरों के दरवाजे टूट चुके हैं, जबकि उनकी लंबे समय से कोई देखरेख नहीं की गई।
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स्टेडियम में लगी अधिकांश हाईमास्ट लाइटें खराब पड़ी हैं। बिजली के कई पोल जर्जर हालत में हैं। खिलाड़ियों के अनुसार बरसात के दिनों में इन लोहे के खंभों में करंट आने का खतरा बना रहता है। शाम ढलते ही पूरा स्टेडियम अंधेरे में डूब जाता है, जिससे विशेषकर महिला खिलाड़ियों में भय का माहौल रहता है। सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने के कारण कई खिलाड़ी शाम के समय अभ्यास के लिए आने से कतराने लगे हैं।
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स्टेडियम परिसर के बीच से गुजर रहे खुले नाले से लगातार दुर्गंध फैल रही है। खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान सांस लेने में परेशानी होती है। हालांकि अब इस नाले का पानी पाइपों के जरिये बाहर निकाला जाएगा। जिस पर करीब 31 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
महिला खिलाड़ियों को सबसे अधिक परेशानी शौचालयों की खराब स्थिति के कारण उठानी पड़ रही है। स्टेडियम में बने तीन बाथरूम यूनिटों में से दो पर ताले लगे हुए हैं, जबकि मुख्य गेट के पास स्थित शौचालय की हालत बेहद दयनीय है। खिलाड़ियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वर्षों से सफाई न होने के कारण शौचालय जाम पड़े हैं।
मैदान में उगी लंबी घास और झाड़ियां भी खिलाड़ियों के लिए खतरा बनी हुई हैं। तेजली खेल परिसर में दो बास्केटबॉल कोर्ट, एथलेटिक्स मैदान, दो फुटबॉल मैदान, वॉलीबॉल कोर्ट, लॉन टेनिस कोर्ट, बॉक्सिंग रिंग, मल्टीपर्पज हॉल और आवासीय अकादमी जैसी करोड़ों रुपये की सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में ये खिलाड़ियों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पा रहीं। करीब 65 एकड़ में फैले इस विशाल परिसर की सुरक्षा केवल एक सिक्योरिटी गार्ड के भरोसे है।
सुरक्षाकर्मी मांगे : शिल्पा
जिला खेल अधिकारी शिल्पा गुप्ता ने बताया कि स्टेडियम का क्षेत्र बड़ा होने के कारण यहां चार से पांच सुरक्षा कर्मियों की आवश्यकता है। इसके लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। वहीं खराब पड़ी लाइटों को ठीक कराने के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है और जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी।

तेजली खेल परिसर में टूटे पड़े डस्टबिन। संवाद

तेजली खेल परिसर में टूटे पड़े डस्टबिन। संवाद