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पहाड़ों में हुई बारिश से हथिनी कुंड बैराज पर जलस्तर बढ़ा
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पहाड़ों में हुई बारिश से हथिनी कुंड बैराज पर पानी की आपूर्ति में भी सुधार आना शुरू हो गया है। 24 घंटे पहले मात्र 6000 क्यूसिक पानी हथिनी कुंड बैराज से बह रहा था लेकिन लगातार हो रही बारिश की वजह से हथिनी कुंड बैराज की डिमांड पूरी हो गई है। पर्याप्त पानी मिलने के बाद कुछ पानी मेन यमुना में भी छोड़ दिया गया है। जिसको पिछले काफी समय से पानी कम होने की वजह से बंद कर दिया गया था। फिलहाल पश्चिमी नहर, यमुना व यूपी को पानी पर्याप्त मात्रा में मिलना शुरू हो गया है।
पहाड़ों में बर्फ जमी होने की वजह से फिलहाल बारिश का पानी हथिनी कुंड बैराज पर पहुंचा है, हालांकि बर्फ पिघलने पर यमुना के जलस्तर में वृद्धि होना स्वभाविक है। हथिनी कुंड बैराज कार्यालय के गेज रीडर शेर सिंह ने बताया कि पहाड़ों में हो रही बारिश से हथिनी कुंड बैराज पर 9 जनवरी शाम 5 बजे कुल 8676 क्यूसिक पानी दर्ज किया गया। जिसमें से पश्चिमी नहर 6005 मेन यमुना 18 69 व यूपी को 802 क्यूसेक पानी दिया गया है। यह पानी डिमांड के हिसाब से छोड़ा जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से हो रही बारिश से हाइडल प्रोजेक्ट की चारों इकाइयां सुचारू रूप से चल रही है।
हाइडल प्रोजेक्ट की चारों इकाइयों को चलाने के लिए कम से कम 5400 क्यूसिक पानी चाहिए। पानी बढ़ने के साथ-साथ हरियाणा को 600 क्यूसिक पानी बढ़ाकर दिया गया है। हथिनी कुंड बैराज कार्यालय के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने के चलते फिलहाल बर्फबारी ज्यादा है। हथनीकुंड बैराज पर यह केवल बारिश का पानी है। जैसे-जैसे पहाड़ी इलाकों में मौसम साफ होगा धूप निकलने पर बर्फ पिघलेगी और जल स्तर भी बढ़ेगा।
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पहाड़ों में बर्फ जमी होने की वजह से फिलहाल बारिश का पानी हथिनी कुंड बैराज पर पहुंचा है, हालांकि बर्फ पिघलने पर यमुना के जलस्तर में वृद्धि होना स्वभाविक है। हथिनी कुंड बैराज कार्यालय के गेज रीडर शेर सिंह ने बताया कि पहाड़ों में हो रही बारिश से हथिनी कुंड बैराज पर 9 जनवरी शाम 5 बजे कुल 8676 क्यूसिक पानी दर्ज किया गया। जिसमें से पश्चिमी नहर 6005 मेन यमुना 18 69 व यूपी को 802 क्यूसेक पानी दिया गया है। यह पानी डिमांड के हिसाब से छोड़ा जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से हो रही बारिश से हाइडल प्रोजेक्ट की चारों इकाइयां सुचारू रूप से चल रही है।
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हाइडल प्रोजेक्ट की चारों इकाइयों को चलाने के लिए कम से कम 5400 क्यूसिक पानी चाहिए। पानी बढ़ने के साथ-साथ हरियाणा को 600 क्यूसिक पानी बढ़ाकर दिया गया है। हथिनी कुंड बैराज कार्यालय के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने के चलते फिलहाल बर्फबारी ज्यादा है। हथनीकुंड बैराज पर यह केवल बारिश का पानी है। जैसे-जैसे पहाड़ी इलाकों में मौसम साफ होगा धूप निकलने पर बर्फ पिघलेगी और जल स्तर भी बढ़ेगा।
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