फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   The then SDM Pooja Chavariya refused to conduct lie detector test

Yamuna Nagar News: तत्कालीन एसडीएम पूजा चावरिया ने लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने से किया मना

Thu, 01 Jun 2023 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Thu, 01 Jun 2023 02:11 AM IST
विज्ञापन
The then SDM Pooja Chavariya refused to conduct lie detector test
यमुनानगर। आरसी फर्जीवाड़े में जगाधरी की तत्कालीन एसडीएम पूजा चावरिया ने खराब स्वास्थ्य होने की बात कहकर लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने से मना कर दिया है। अदालत में सुनवाई के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य खराब होने की बात कहकर टेस्ट कराने की सहमति नहीं दी। अब इस मामले में पुलिस जांच ही बचती है, जिससे उनकी भूमिका का पता लगाया जाएगा। हालांकि अभी तक की जांच में उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं हुई है। उधर, तत्कालीन एसडीएम दर्शन सिंह ने लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए सहमति देते हुए अदालत में कहा कि वे इसके लिए तैयार हैं। जल्द ही पुलिस उनका लाई डिटेक्टर टेस्ट करा सकती है।
विज्ञापन

इस केस में मुख्य आरोपी माने जा रहे डीसी रेट के कर्मचारी रहे अमित को भगोड़ा घोषित करने की तैयारी है। वह कोर्ट में हुई कई सुनवाई में पेश नहीं हुआ है। उसके कनाडा में भागने की बात कही जा रही है। बता दें केस की जांच के लिए बनी एसआईटी में शामिल रादौर उप अधीक्षक ने एडिशनल सेशन जज आरपी सिंह की अदालत में दोनों एसडीएम के लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए आवेदन किया गया था। जिस पर अदालत में सुनवाई चल रही है। इसलिए दोनों अधिकारियों को अदालत ने समन भेजकर तलब किया था।
विज्ञापन


---------
ये है मामला -
सिरसा पुलिस ने 14 जनवरी 2021 को जगाधरी में पंजीकृत गाड़ियों को पकड़ा था। इनके रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी थी। इस मामले में केस दर्ज कर रोहतक के सुनील चितकारा को गिरफ्तार किया गया था। उसने जगाधरी एसडीएम कार्यालय के कर्मचारी राजेंद्र और अमित की मिलीभगत होने की बात कबूली थी। इसके बाद सिरसा सीआईए की टीम जगाधरी एसडीएम कार्यालय में रिकॉर्ड लेने पहुंची तो जांच में पता चला कि जिन तीन वाहनों को सिरसा पुलिस ने पकड़ा उनकी फाइलें गुम हैं। वहीं 16 फाइलों में गड़बड़ी मिली थी। इस पर उन्होंने भी एक एफआईआर सेक्टर-17 थाने में दर्ज कराई। इसके बाद बिलासपुर एसडीएम ने एफआईआर कराई कि उनके यहां से अमित ने 29 वाहनों का पंजीकरण कराया। अमित ने आठ फरवरी 2021 को सिरसा कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। इस फर्जीवाड़े में कई कर्मचारियों समेत कई दलाल गिरफ्तार किए गए । मामले के अनुसार 906 नीलाम वाहनों के फर्जी पंजीकरण किए गए थे। इसमें से 149 की रिकवरी हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed