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Yamuna Nagar News: नकटी नदी का उफान दे गया जख्म
Tue, 13 Aug 2024 03:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 13 Aug 2024 03:44 AM IST
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साहिल घई
साढौरा। क्षेत्र में दो दिन से लगातार हो रही बरसात के अलावा पहाड़ी क्षेत्र में हुई बरसात से अचानक नकटी नदी में आए उफान के कारण मोहल्ला वास्तियान, नई टोली, शिव कॉलोनी व कच्चा किला के निचले हिस्से के घरों व दुकानों में घुसा बरसाती पानी तो प्रशासन के प्रयासों नकटी नदी में उतार दिया गया। 3 माह बाद फिर यह पानी दोबारा से जख्म दे गया।
पीड़ित का कहना है कि बाढ़ राहत से बचाव के लिए हर वर्ष करोड़ों खर्च किए जाते है। उसके बावजूद जलभराव से निपटने के लिए कोई प्रबंध नहीं किए जाते है। प्रशासन को समय रहते ही मानसून से निपटने के लिए व्यापक प्रबंध करने चाहिए थे। जिससे आमजन को नुकसान सहने से बचाया जा सकता था। फिलहाल तीसरे दिन भी सुबह के समय बादल छाने से पीड़ितों के चेहरों पर मायूसी छाई रही। दोपहर को धूप निकलने पर पीड़ितों ने भीगा घरेलू सामान को सुखाना शुरू किया।
लोगों का मानना है कि अगर पहाड़ी क्षेत्र में बरसात जारी रही तो नदी में उफान आने पर दोबारा से यह पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर सकता है। इन तीनों मोहल्लों में जलभराव के कारण संजय खेतरपाल, धर्मपाल, नसीरुद्दीन, पवन कुमार, प्रेम दुआ, लक्ष्मी देवी, यामीन, पार्षद सुनीता रानी, सुरेश सैनी, शिवचरण, मायाराम, शिव कुमार,पंकज, सुरजीत सैनी, प्रेम, बीरु, रिखी राम, जीत राम, दर्शन व कुशलवीर बख्शी सहित करीब 60 लोगों के घरों व दुकानों में तीन से चार फुट पानी भर गया।
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जलभराव के कारण इन लोगों के घरों का घरेलू सामान, बिजली उपकरण, फर्नीचर, अनाज व राशन कतई नष्ट हो गया है। इनमें से कुछ परिवार तो इस नुकसान की क्षमता सहने में समर्थ है तो अधिकतर दिहाड़ीदार है। इनके लिए यह नुकसान सहना बहुत मुश्किल है। मोहल्ला वास्तियान के संजय खेत्रपाल, पवन कुमार व धर्मपाल ने बताया कि मानसून के सीजन में हर वर्ष नकटी नदी का उफनता पानी दर्जनों घरों में घुस जाता है। हर वर्ष घरेलू सामान खराब होने के अलावा बिजली के उपकरण क्षतिग्रस्त हो जाते है। जिससे काफी आर्थिक नुकसान होता है।
दिहाड़ीदार पवन कुमार ने बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी के लिए दान दहेज का सामान जोड़कर रखा था। बरसाती पानी के इस कहर ने सब कुछ तबाह कर दिया। अब दोबारा से यह सामान बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। वहीं रविवार देर शाम को बिलासपुर के एसडीएम देवेन्द्र शर्मा ने मौके पर पहुंचकर जलभराव की समस्या से निपटने के लिए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए।
नायब तहसीलदार कुलदीप सिंह व नपा सचिव भम्बुल सिंह द्वारा जल निकासी के प्रबंध शुरू करवाए। नगर पालिका प्रशासन ने पंप लगवाने के अलावा बाईपास के पास जेसीबी से खुदाई करवाकर पानी की निकासी संभव करवाई। जिसके कारण पानी नकटी नदी में उतरना शुरू हो गया है। देर शाम तक बरसाती पानी उतरने की संभावना है। संवाद
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साढौरा। क्षेत्र में दो दिन से लगातार हो रही बरसात के अलावा पहाड़ी क्षेत्र में हुई बरसात से अचानक नकटी नदी में आए उफान के कारण मोहल्ला वास्तियान, नई टोली, शिव कॉलोनी व कच्चा किला के निचले हिस्से के घरों व दुकानों में घुसा बरसाती पानी तो प्रशासन के प्रयासों नकटी नदी में उतार दिया गया। 3 माह बाद फिर यह पानी दोबारा से जख्म दे गया।
पीड़ित का कहना है कि बाढ़ राहत से बचाव के लिए हर वर्ष करोड़ों खर्च किए जाते है। उसके बावजूद जलभराव से निपटने के लिए कोई प्रबंध नहीं किए जाते है। प्रशासन को समय रहते ही मानसून से निपटने के लिए व्यापक प्रबंध करने चाहिए थे। जिससे आमजन को नुकसान सहने से बचाया जा सकता था। फिलहाल तीसरे दिन भी सुबह के समय बादल छाने से पीड़ितों के चेहरों पर मायूसी छाई रही। दोपहर को धूप निकलने पर पीड़ितों ने भीगा घरेलू सामान को सुखाना शुरू किया।
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लोगों का मानना है कि अगर पहाड़ी क्षेत्र में बरसात जारी रही तो नदी में उफान आने पर दोबारा से यह पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर सकता है। इन तीनों मोहल्लों में जलभराव के कारण संजय खेतरपाल, धर्मपाल, नसीरुद्दीन, पवन कुमार, प्रेम दुआ, लक्ष्मी देवी, यामीन, पार्षद सुनीता रानी, सुरेश सैनी, शिवचरण, मायाराम, शिव कुमार,पंकज, सुरजीत सैनी, प्रेम, बीरु, रिखी राम, जीत राम, दर्शन व कुशलवीर बख्शी सहित करीब 60 लोगों के घरों व दुकानों में तीन से चार फुट पानी भर गया।
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जलभराव के कारण इन लोगों के घरों का घरेलू सामान, बिजली उपकरण, फर्नीचर, अनाज व राशन कतई नष्ट हो गया है। इनमें से कुछ परिवार तो इस नुकसान की क्षमता सहने में समर्थ है तो अधिकतर दिहाड़ीदार है। इनके लिए यह नुकसान सहना बहुत मुश्किल है। मोहल्ला वास्तियान के संजय खेत्रपाल, पवन कुमार व धर्मपाल ने बताया कि मानसून के सीजन में हर वर्ष नकटी नदी का उफनता पानी दर्जनों घरों में घुस जाता है। हर वर्ष घरेलू सामान खराब होने के अलावा बिजली के उपकरण क्षतिग्रस्त हो जाते है। जिससे काफी आर्थिक नुकसान होता है।
दिहाड़ीदार पवन कुमार ने बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी के लिए दान दहेज का सामान जोड़कर रखा था। बरसाती पानी के इस कहर ने सब कुछ तबाह कर दिया। अब दोबारा से यह सामान बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। वहीं रविवार देर शाम को बिलासपुर के एसडीएम देवेन्द्र शर्मा ने मौके पर पहुंचकर जलभराव की समस्या से निपटने के लिए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए।
नायब तहसीलदार कुलदीप सिंह व नपा सचिव भम्बुल सिंह द्वारा जल निकासी के प्रबंध शुरू करवाए। नगर पालिका प्रशासन ने पंप लगवाने के अलावा बाईपास के पास जेसीबी से खुदाई करवाकर पानी की निकासी संभव करवाई। जिसके कारण पानी नकटी नदी में उतरना शुरू हो गया है। देर शाम तक बरसाती पानी उतरने की संभावना है। संवाद