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Yamuna Nagar News: सांसद वरुण मुलाना के पैतृक गांव मिल्क खास में स्कूल भवन जर्जर

Wed, 20 Aug 2025 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 20 Aug 2025 01:19 AM IST
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The school building is dilapidated in MP Varun Mullana's native village Milk Khas
मिल्क खास स्कूल का क्षतिग्रस्त भवन। संवाद - फोटो : credit
संवाद न्यूज एजेंसी
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व्यासपुर। राजकीय उच्च विद्यालय मिल्क खास की इमारत जर्जर हालात में है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह स्कूल अंबाला लोकसभा सांसद वरुण मुलाना का पैतृक गांव है। स्कूल के चार कमरे पूरी तरह से गिरने की कगार पर पहुंच चुके हैं, वहीं छत से बारिश का पानी लगातार टपक रहा है। इन कमरों को कंडम घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद कमरों को अभी तक ढहाने की कार्रवाई नहीं की गई है।
अक्सर छुट्टी के दौरान विद्यार्थी खेलते हुए इन कमरों की तरफ चले जाते हैं। ऐसे में कभी भी बच्चों के साथ कोई भी हादसा खतरा बना रहता है। ऐसे में अध्यापकों को भी पढ़ाई बीच में ही छोड़ कर बच्चों को इन कमरों की तरफ जाने से रोकने के लिए बार-बार जाना पड़ता है। स्कूल के शौचालयों की स्थिति भी बेहद खस्ता है, जिससे बच्चों और स्टाफ को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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सरपंच, ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन की ओर से इस समस्या के बारे में कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। बीईओ व्यासपुर और बीआरसी को भी पिछले एक साल में कई बार शिकायतें भेजी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर भवन में बच्चों की पढ़ाई कराना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है।
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यदि समय रहते भवन की मरम्मत या नया निर्माण नहीं किया गया तो किसी भी दिन गंभीर दुर्घटना हो सकती है। अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि बच्चों की शिक्षा सुरक्षित वातावरण में जारी रह सके। स्कूल के मुख्याध्यापक कर्म सिंह राठी का कहना है कि चार कमरों इतने खस्ता हाल हैं कि कभी भी गिर सकते हैं।

इनके बारे में करीब एक वर्ष से संबंधित विभाग को लिखकर दिया हुआ हैं। कर्म सिंह राठी ने बताया कि स्कूल की पूरी व आधी छुट्टी के समय एक टीचर की ड्यूटी लगाई जाती है कि बच्चे इस भवन के पास न जाएं। फिर भी बच्चे कई बार उस तरफ निकल जाते हैं। उन्हें डर लगा रहता है कि कही बच्चों के साथ कोई अनहोनी न हो जाएं।
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