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Yamuna Nagar News: बारिश के पानी से घर की कच्ची छत ढही
Mon, 07 Jul 2025 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 07 Jul 2025 12:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। कस्बे के आंबेडकर नगर में रहने वाले बलदेव के घर की कच्ची छत ढह गई। छत क्षतिग्रस्त होने से बलदेव के पास अब रहने का ठिकाना भी नहीं रहा। उन्होंने पत्नी व तीन बेटियों के साथ गुरु रविदास मंदिर परिसर में बने हॉल में आश्रय लिया है। बलदेव ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने की गुहार लगाई है।
बलदेव ने बताया कि वह मजदूरी करके परिवार का गुजारा करता है। मजदूरी भी कभी मिल जाती है और कभी नहीं। उसके पास तीन बेटियां हैं, जो स्कूल में पढ़ती हैं। उसके घर की छत कच्ची है। छत काफी पुरानी हो चुकी थी इसलिए जब भी बारिश होती तो इसमें से पानी टपकता था। गत सप्ताह तीन दिन तक जो बारिश हुई उससे घर की छत को काफी नुकसान पहुंचा।
लगातार पानी रिसने से छत अब टूट कर ढह चुकी है। गनीमत यह रही कि उसके परिवार का कोई भी सदस्य छत के मलबे की चपेट में नहीं आया। उसके पास रहने को घर नहीं है। इस पर उसने गुरु रविदास मंदिर परिसर में बने हॉल में आश्रम लिया है और अब परिवार के साथ मंदिर में ही रह रहा है। बलदेव ने बताया कि उसने कई बार पक्के घर के लिए आवेदन किया लेकिन लाभ नहीं मिला।
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व्यासपुर। कस्बे के आंबेडकर नगर में रहने वाले बलदेव के घर की कच्ची छत ढह गई। छत क्षतिग्रस्त होने से बलदेव के पास अब रहने का ठिकाना भी नहीं रहा। उन्होंने पत्नी व तीन बेटियों के साथ गुरु रविदास मंदिर परिसर में बने हॉल में आश्रय लिया है। बलदेव ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने की गुहार लगाई है।
बलदेव ने बताया कि वह मजदूरी करके परिवार का गुजारा करता है। मजदूरी भी कभी मिल जाती है और कभी नहीं। उसके पास तीन बेटियां हैं, जो स्कूल में पढ़ती हैं। उसके घर की छत कच्ची है। छत काफी पुरानी हो चुकी थी इसलिए जब भी बारिश होती तो इसमें से पानी टपकता था। गत सप्ताह तीन दिन तक जो बारिश हुई उससे घर की छत को काफी नुकसान पहुंचा।
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लगातार पानी रिसने से छत अब टूट कर ढह चुकी है। गनीमत यह रही कि उसके परिवार का कोई भी सदस्य छत के मलबे की चपेट में नहीं आया। उसके पास रहने को घर नहीं है। इस पर उसने गुरु रविदास मंदिर परिसर में बने हॉल में आश्रम लिया है और अब परिवार के साथ मंदिर में ही रह रहा है। बलदेव ने बताया कि उसने कई बार पक्के घर के लिए आवेदन किया लेकिन लाभ नहीं मिला।
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