{"_id":"61254c2b8ebc3e74e77fbf28","slug":"the-road-from-nathanpur-to-lakkad-is-in-bad-shape-yamunanagar-yamuna-nagar-news-knl809808195","type":"story","status":"publish","title_hn":"नत्थनपुर से लाक्कड़ जाने वाली सड़क खस्ताहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नत्थनपुर से लाक्कड़ जाने वाली सड़क खस्ताहाल
विज्ञापन
गांव नत्थनपुर से लाक्कड़ जाने वाली खस्ताहाल सड़क। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। नत्थनपुर से लाक्कड़ भीलपुरा जाने वाली सड़क खस्ता हाल है। इससे लोगों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि यहां आए दिन कोई न कोई राहगीर गिरकर चोटिल होता रहता है। बरसात में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी विभाग ने कुछ नहीं किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि लोक निर्माण विभाग ने जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं करवाया तो आंदोलन किया जाएगा।
स्थानीय निवासी संजीव, दीपचंद, मोहित, राहुल, दीपक ने बताया कि नत्थनपुर से भीलपुरा जाने वाली सड़क में बिल्कुल ही टूट चुकी है। हर तरफ गड्ढ़े नजर आते हैं और सड़क का निशान तक नहीं है। बरसात में यह समस्या और विकराल हो जाती है। ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और गड्ढ़े गहरे होते जा रहे हैं। इस सड़क से गुजरना छोटे वाहनों, दोपहिया चालकों, साइकिल सवार, बुजुर्गों व बच्चों के लिए जोखिम भरा है। ग्रामीणों ने कहा कि गड्ढ़े इतने गहरे हो चुके हैं कि हल्की बारिश में ही सड़क तालाब सी नजर आती है। गहरे गड्ढों में कई बार राहगीर गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। पानी भरने से गड्ढ़ों का पता नहीं चलता है और राहगीर हादसे का शिकार हो जाते हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि नत्थपुर से भीलपुरा जाने में मात्र तीन मिनट लगते हैं। खस्ता हाल सड़क व गड्ढ़ों के कारण यह सफर 30 मिनट में भी नहीं पूरा होता है। समय की बर्बादी तो होती ही है, साथ ही ईंधन व धन का भी भारी नुकसान हो रहा है। मरीज ले जाते समय एंबुलेंस को यहां से गुजरने में भारी परेशानी होती है। हिचकौले लगने से मरीज की हालत और अधिक खराब हो जाती है। ग्रामीणों ने कहा कि इस बारे कई बार विभाग को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विभाग ने जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं करवाया तो वे सड़क पर उतरेंगे और प्रदर्शन करें।
विज्ञापन
नत्थनपुर से लाक्कड़ भीलपुरा जाने वाली सड़क के बारे में जानकारी है। बरसात में सड़क का निर्माण या मरम्मत नहीं की जा सकती है। बरसात के बाद सड़क दुरुस्त करवा दी जाएगी। -अनिल कांबोज, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
प्रतापनगर। नत्थनपुर से लाक्कड़ भीलपुरा जाने वाली सड़क खस्ता हाल है। इससे लोगों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि यहां आए दिन कोई न कोई राहगीर गिरकर चोटिल होता रहता है। बरसात में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी विभाग ने कुछ नहीं किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि लोक निर्माण विभाग ने जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं करवाया तो आंदोलन किया जाएगा।
स्थानीय निवासी संजीव, दीपचंद, मोहित, राहुल, दीपक ने बताया कि नत्थनपुर से भीलपुरा जाने वाली सड़क में बिल्कुल ही टूट चुकी है। हर तरफ गड्ढ़े नजर आते हैं और सड़क का निशान तक नहीं है। बरसात में यह समस्या और विकराल हो जाती है। ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और गड्ढ़े गहरे होते जा रहे हैं। इस सड़क से गुजरना छोटे वाहनों, दोपहिया चालकों, साइकिल सवार, बुजुर्गों व बच्चों के लिए जोखिम भरा है। ग्रामीणों ने कहा कि गड्ढ़े इतने गहरे हो चुके हैं कि हल्की बारिश में ही सड़क तालाब सी नजर आती है। गहरे गड्ढों में कई बार राहगीर गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। पानी भरने से गड्ढ़ों का पता नहीं चलता है और राहगीर हादसे का शिकार हो जाते हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने कहा कि नत्थपुर से भीलपुरा जाने में मात्र तीन मिनट लगते हैं। खस्ता हाल सड़क व गड्ढ़ों के कारण यह सफर 30 मिनट में भी नहीं पूरा होता है। समय की बर्बादी तो होती ही है, साथ ही ईंधन व धन का भी भारी नुकसान हो रहा है। मरीज ले जाते समय एंबुलेंस को यहां से गुजरने में भारी परेशानी होती है। हिचकौले लगने से मरीज की हालत और अधिक खराब हो जाती है। ग्रामीणों ने कहा कि इस बारे कई बार विभाग को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विभाग ने जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं करवाया तो वे सड़क पर उतरेंगे और प्रदर्शन करें।
विज्ञापन
नत्थनपुर से लाक्कड़ भीलपुरा जाने वाली सड़क के बारे में जानकारी है। बरसात में सड़क का निर्माण या मरम्मत नहीं की जा सकती है। बरसात के बाद सड़क दुरुस्त करवा दी जाएगी। -अनिल कांबोज, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी