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ईएचसी और रीडर को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े परिजन, पहले शव लेने से मना किया, पुलिस के समझाने पर माने

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Sep 2022 02:00 AM IST
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The relatives, adamant on the demand to arrest EHC and Reader, first refused to take the dead body, obeyed the police's persuasion
यमुनानगर। पुलिस विभाग में कार्यरत वाटर कैरियर गुरनाम सिंह की मौत के बाद रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पर काफी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार एकत्रित हुए। परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि जब तक वह गुरनाम सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले थाना शहर जगाधरी के ईएचसी सतबीर सिंह व डीएसपी जगाधरी के रीडर गुरदयाल सिंह को गिरफ्तार नहीं करते तब तक वह शव का पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे। भले ही शव को 10 दिन ही घर पर क्यों न रखना पड़े। परिजनों ने रोड जाम करने की भी बात कही। उन्होंने डीएसपी जगाधरी राजेंद्र कुमार पर केस दर्ज करने की भी मांग की। इसके लिए परिजनों ने रविवार को सीआरपीसी की धारा 175 के तहत अपने बयान पुलिस को लिखित में दिए। पुलिस द्वारा मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन शांत हुए और शव का पोस्टमार्टम कराने की कार्रवाई शुरू हुई। डॉक्टरों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया गया।
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नौकरी से हटाने की देते थे धमकी
मृतक गुरनाम सिंह के साले गांव बिजौली निवासी रामकुमार ने रविवार को 175 के तहत दिए बयान में कहा कि उसके जीजा गुरनाम सिंह ने ईएचसी सतबीर सिंह के खिलाफ जो केस दर्ज कराया था उसमें फैसला करने के लिए डीएसपी जगाधरी राजिंद्र कुमार, ईएचसी सतबीर सिंह व डीएसपी रीडर गुरदयाल सिंह दबाव बना रहे थे। बाद में उसे पता चला कि उसका दर्ज कराया गया हुआ मुकदमा निरस्त कर दिया है। जब वह इसके बारे में उनसे बात करने गया तो उसे नौकरी से हटाने की धमकी देते थे। उनसे परेशान होकर गुरनाम सिंह ने जहर खा लिया। इसलिए तीनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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केस में डीएसपी ही थे आईओ, दोबारा जांच की मांग
तीन मार्च को थाने में गुरनाम सिंह ने ईएचसी सतबीर सिंह पर मारपीट व एससी-एसटी एक्ट के तहत जो केस दर्ज कराया था उसके जांच अधिकारी डीएसपी राजिंद्र सिंह ही थे। परिजनों ने बंद किए गए उस केस को दोबारा ओपन करके फिर से जांच करने की मांग की है। साथ ही मृतक के परिवार से एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है। सेवानिवृत्त एसआई जगमाल व भीम आर्मी के जिला प्रधान प्रदीप गौतम भी टीम के साथ पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे।
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पुलिसकर्मी जसबीर सिंह के खिलाफ भी शिकायत
गुरनाम सिंह के छोटे भाई गांव बिजौली निवासी दलविंद्र ने थाना शहर जगाधरी के पुलिस कर्मचारी जसबीर सिंह के खिलाफ भी शिकायत दी। दरअसल गुरनाम सिंह की मौत के बाद शनिवार शाम थाना शहर जगाधरी पुलिस ने ईएचसी सतबीर सिंह व रीडर गुरदयाल सिंह पर केस दर्ज कर लिया था। एफआईआर पुलिसकर्मी जसबीर सिंह ने दर्ज की थी। जसबीर सिंह ने डीएसपी पर केस दर्ज करने के बजाय यह लिख दिया था कि डीएसपी साहब का नाम जानबूझकर बाद में अफसरों पर दबाव बनाने के लिए लिखवाया गया है, जिसकी अलग से तस्दीक कराई जाए। इसी बात पर लोग भड़क गए थे। दलविंद्र व रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि जसबीर सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए डीएसपी के बचाव में एफआईआर में यह बात अपनी मर्जी से लिखी। जबकि उन्होंने सबूतों के आधार पर डीएसपी का नाम शिकायत में दिया था। उन्होंने जसबीर सिंह पर कार्रवाई करते हुए उसका तबादला यमुनानगर से नूंह में करने की मांग की।

निष्पक्ष जांच की जाएगी : रजत गुलिया
मौके पर पहुंचे डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि गुरनाम सिंह की मौत का केवल उन्हें ही नहीं बल्कि पूरे पुलिस विभाग को दुख है। परिजनों ने जो शिकायत दी है उसके आधार पर निष्पक्ष जांच कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस विभाग की तरफ से गुरनाम सिंह के परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।
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