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पीला पंजा चलाकर घर तोड़ने का डेहा बस्ती के लोगों ने किया विरोध
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बिलासपुर। नगर पालिका की ओर से साढौरा डेहा बस्ती में पीला पंजा चलाकर घरों को तोड़ने के विरोध में मंगलवार डेहा बस्ती के निवासी एसडीएम बिलासपुर से मिले। यहां उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन देकर इंसाफ दिलाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि नगर पालिका द्वारा रंजिशन उनके खिलाफ कार्रवाई कर उनके घरों को तोड़ा है। इसलिए नगर पालिका सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर करवाई जाए।
ग्रामीण सतपाल, नाजर, सुहेल, रोहित, राकेश, आंसू, गुलाब, रणवीर, कंजू, जॉनी, सागर, मीना, सावन, जुल्फान व राजू ने बताया कि 30 दिसंबर को साढौरा नगर पालिका की ओर से डेहा बस्ती साढौरा में जेसीबी चलाकर मकानों को तोड़ा था। ग्रामीणों का कहना है कि डेहा बस्ती में पिछले 20-25 सालों से रह रहे हैं। उसके बावजूद भी गरीब परिवारों के मकान जेसीबी की मदद से धराशायी कर दिए गए। जबकि उनके नाम पर पानी बिजली कनेक्शन, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, स्थाई निवासी प्रमाण पत्र, सभी सरकारी दस्तावेज मौजूद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सभी मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। अपनी जमा पूंजी से उन्होंने घर बनाए थे। सर्दी के मौसम में इन परिवारों की महिलाएं छोटे बच्चे खुले आसमान के नीचे रात गुजारने पर विवश हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि नगर पालिका द्वारा रंजिशन उनके खिलाफ कार्रवाई कर उनके घरों को तोड़ा है। इसलिए नगर पालिका सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर करवाई जाए।
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ग्रामीण सतपाल, नाजर, सुहेल, रोहित, राकेश, आंसू, गुलाब, रणवीर, कंजू, जॉनी, सागर, मीना, सावन, जुल्फान व राजू ने बताया कि 30 दिसंबर को साढौरा नगर पालिका की ओर से डेहा बस्ती साढौरा में जेसीबी चलाकर मकानों को तोड़ा था। ग्रामीणों का कहना है कि डेहा बस्ती में पिछले 20-25 सालों से रह रहे हैं। उसके बावजूद भी गरीब परिवारों के मकान जेसीबी की मदद से धराशायी कर दिए गए। जबकि उनके नाम पर पानी बिजली कनेक्शन, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, स्थाई निवासी प्रमाण पत्र, सभी सरकारी दस्तावेज मौजूद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सभी मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। अपनी जमा पूंजी से उन्होंने घर बनाए थे। सर्दी के मौसम में इन परिवारों की महिलाएं छोटे बच्चे खुले आसमान के नीचे रात गुजारने पर विवश हैं।
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