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Yamuna Nagar News: डाटा का मिलान न होने से रुक गई बुजुर्गों की पेंशन
Wed, 17 Dec 2025 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 17 Dec 2025 12:48 AM IST
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समाज कल्याण विभाग का कार्यालय। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। दस्तावेजों का सत्यापन और अद्यतन (डॉक्यूमेंट्स अपडेटेशन) पेंशन पात्रों के लिए मुसीबत बना गया है। इस दौरान जिले के दर्जनों लोगों का डाटा मिस मैच हो गया है। इससे उनकी पेंशन बंद हो गई है। पेंशन बंद होने से बुजुर्गाें की टेंशन बढ़ गई है। पेंशन के लिए लोगों को समाज कल्याण कार्यालय के धक्के खाने पड़ रहे हैं। यह दिक्कत सबसे ज्यादा बुढ़ापा पेंशन में देखने को मिल रही है। ऐसा आधार कार्ड और फैमली आईडी का मिलान न होने के कारण हुआ है।
वहीं जिनकी पेंशन रुक गई है, उनका विभाग के पास कोई डाटा नहीं है। प्रतिदिन आठ से दस लोग पेंशन रुकने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इसमें कई पात्र ऐसे हैं, जिनकी पेंशन तीन महीने से रुकी हुई है। रुकी पेंशन जारी करवाने के लिए पात्र कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन वहां उन्हें इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है।
अब इन बुजुर्गों को अपनी आय सत्यापित करवाकर दस्तावेज सही करवाने होंगे। यदि इनके दस्तावेज सही नहीं हुए तो विभाग 12 प्रतिशत ब्याज के साथ लाभ राशि वसूलेगा। इससे बुजुर्गाें की टेंशन और भी ज्यादा बढ़ गई है। बुजुर्ग कार्यालय पहुंचकर इसकी शिकायत कर रहे हैं। प्रतिदिन आठ से दस मामले ऐसे सामने आ रहे हैं।
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वहीं विभाग ऐसे पात्रों की सूची तैयार कर रहा है। विभाग के अनुसार जिले में अनुमानित ऐसे करीब 900 मामले हो सकते हैं। चूंकि पेंशन मुख्यालय से बंद की गई है, इसलिए जिला विभाग के पास इसकी सटीक जानकारी नहीं है। लेकिन इसके लिए प्रतिदिन आठ से दस लोग पहुंच रहे हैं।
फैमिली आईडी से कर रहे जन्मतिथि का मिलान
दरअसल सरकार द्वारा फैमिली आईडी से पेंशन पात्रों के जन्मतिथि का मिलान किया जा रहा है। फैमिली आईडी बनने से पहले विभाग द्वारा वोटर आईडी की जन्मतिथि और मेडिकल बोर्ड की जांच के आधार पर दर्ज आयु अनुसार बुढ़ापा पेंशन बनाई जाती थी। परंतु अब फैमिली आईडी पर दर्ज जानकारी के अनुसार पेंशन बनाई जाती है। वहीं, पहले से जारी पेंशन पात्रों के दस्तावेजों का मिलान फैमिली आईडी किया जा रहा है, जो मेल नहीं खा रहा है। इससे यह दिक्कत आई है।
पेंशन बंद होने वाले लोगों की जानकारी है। प्रतिदिन जो मामले सामने आ रहे हैं, वे रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। इस परेशानी से बचने के लिए लोगों को अपनी आयु सीएसी सेंटर से पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। जो मामले सही होंगे वे ऑटोमेटिक ठीक हो जाएंगे। - सुरजीत कौर, अतिरिक्त जिला समाज कल्याण अधिकारी।
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जगाधरी। दस्तावेजों का सत्यापन और अद्यतन (डॉक्यूमेंट्स अपडेटेशन) पेंशन पात्रों के लिए मुसीबत बना गया है। इस दौरान जिले के दर्जनों लोगों का डाटा मिस मैच हो गया है। इससे उनकी पेंशन बंद हो गई है। पेंशन बंद होने से बुजुर्गाें की टेंशन बढ़ गई है। पेंशन के लिए लोगों को समाज कल्याण कार्यालय के धक्के खाने पड़ रहे हैं। यह दिक्कत सबसे ज्यादा बुढ़ापा पेंशन में देखने को मिल रही है। ऐसा आधार कार्ड और फैमली आईडी का मिलान न होने के कारण हुआ है।
वहीं जिनकी पेंशन रुक गई है, उनका विभाग के पास कोई डाटा नहीं है। प्रतिदिन आठ से दस लोग पेंशन रुकने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इसमें कई पात्र ऐसे हैं, जिनकी पेंशन तीन महीने से रुकी हुई है। रुकी पेंशन जारी करवाने के लिए पात्र कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन वहां उन्हें इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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अब इन बुजुर्गों को अपनी आय सत्यापित करवाकर दस्तावेज सही करवाने होंगे। यदि इनके दस्तावेज सही नहीं हुए तो विभाग 12 प्रतिशत ब्याज के साथ लाभ राशि वसूलेगा। इससे बुजुर्गाें की टेंशन और भी ज्यादा बढ़ गई है। बुजुर्ग कार्यालय पहुंचकर इसकी शिकायत कर रहे हैं। प्रतिदिन आठ से दस मामले ऐसे सामने आ रहे हैं।
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वहीं विभाग ऐसे पात्रों की सूची तैयार कर रहा है। विभाग के अनुसार जिले में अनुमानित ऐसे करीब 900 मामले हो सकते हैं। चूंकि पेंशन मुख्यालय से बंद की गई है, इसलिए जिला विभाग के पास इसकी सटीक जानकारी नहीं है। लेकिन इसके लिए प्रतिदिन आठ से दस लोग पहुंच रहे हैं।
फैमिली आईडी से कर रहे जन्मतिथि का मिलान
दरअसल सरकार द्वारा फैमिली आईडी से पेंशन पात्रों के जन्मतिथि का मिलान किया जा रहा है। फैमिली आईडी बनने से पहले विभाग द्वारा वोटर आईडी की जन्मतिथि और मेडिकल बोर्ड की जांच के आधार पर दर्ज आयु अनुसार बुढ़ापा पेंशन बनाई जाती थी। परंतु अब फैमिली आईडी पर दर्ज जानकारी के अनुसार पेंशन बनाई जाती है। वहीं, पहले से जारी पेंशन पात्रों के दस्तावेजों का मिलान फैमिली आईडी किया जा रहा है, जो मेल नहीं खा रहा है। इससे यह दिक्कत आई है।
पेंशन बंद होने वाले लोगों की जानकारी है। प्रतिदिन जो मामले सामने आ रहे हैं, वे रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। इस परेशानी से बचने के लिए लोगों को अपनी आयु सीएसी सेंटर से पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। जो मामले सही होंगे वे ऑटोमेटिक ठीक हो जाएंगे। - सुरजीत कौर, अतिरिक्त जिला समाज कल्याण अधिकारी।