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Yamuna Nagar News: श्रद्धालुओं को बताया भक्ति का महत्व
Mon, 06 Jul 2026 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 06 Jul 2026 12:48 AM IST
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में सत्संग के दौरान उपस्थित श्रद्धालु। प्रवक्ता
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम हनुमान गेट में रविवार को साप्ताहिक सत्संग हुआ। आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी नीलम भारती ने प्रवचन किया। सत्संग में उन्होंने जीवन में भक्ति का महत्व बताया।
साध्वी ने कहा कि भक्ति एक स्वस्थ जीवन का आधार है, जो हमें मानसिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक बल प्रदान करने में सहायक होती है। भगवान के निराकार स्वरूप की भक्ति बड़ी सरल है परंतु जब परमात्मा के साकार स्वरूप की भक्ति की बात आती है, तो सर्वप्रथम अपना अहंकार छोड़ना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि साकार स्वरूप की भक्ति में मनमाने आचरण के लिए कोई स्थान नहीं रहता है। चूंकि निरंतर गुरु आज्ञा में चलते हुए अपने मन के विकारों एवं बुद्धि के बुरे विचारों को छोड़ना पड़ता है। स्वयं को मानव से महामानव बनाने की प्रक्रिया में गुरु के कुशल हाथों में गढ़े जाने के लिए तत्पर रहना होता है। गुरु भक्ति वह कल्पवृक्ष है जो प्रत्येक शरणार्थी को इच्छा पूर्ति का वरदान देता है।
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जगाधरी। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम हनुमान गेट में रविवार को साप्ताहिक सत्संग हुआ। आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी नीलम भारती ने प्रवचन किया। सत्संग में उन्होंने जीवन में भक्ति का महत्व बताया।
साध्वी ने कहा कि भक्ति एक स्वस्थ जीवन का आधार है, जो हमें मानसिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक बल प्रदान करने में सहायक होती है। भगवान के निराकार स्वरूप की भक्ति बड़ी सरल है परंतु जब परमात्मा के साकार स्वरूप की भक्ति की बात आती है, तो सर्वप्रथम अपना अहंकार छोड़ना पड़ता है।
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उन्होंने बताया कि साकार स्वरूप की भक्ति में मनमाने आचरण के लिए कोई स्थान नहीं रहता है। चूंकि निरंतर गुरु आज्ञा में चलते हुए अपने मन के विकारों एवं बुद्धि के बुरे विचारों को छोड़ना पड़ता है। स्वयं को मानव से महामानव बनाने की प्रक्रिया में गुरु के कुशल हाथों में गढ़े जाने के लिए तत्पर रहना होता है। गुरु भक्ति वह कल्पवृक्ष है जो प्रत्येक शरणार्थी को इच्छा पूर्ति का वरदान देता है।
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