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मार्च में ही होने लगा जून की गर्मी का अहसास, तापमान 35 डिग्री तक पहुंचा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Mar 2022 02:06 AM IST
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The heat of June started to be felt in March itself, the temperature reached 35 degrees
यमुनानगर। मार्च माह अभी खत्म भी नहीं हुआ और जिले में गर्मी अभी से पड़नी शुरू हो गई। रविवार की बात करें तो तापमान 35 डिग्री तक दर्ज किया गया जोकि मार्च के अंत तक 40 डिग्री पार कर सकता है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एमएल किचर के मुताबिक इस बार राजस्थान में समय से पहले ही एंटी साइक्लोन बन गया है। जिस कारण पश्चिम यानी थार व पाकिस्तान से उठने वाली गर्म हवाओं का रुख उत्तर भारत की तरफ हो गया है। इस कारण पूरे उत्तर भारत में अचानक गर्मी बढ़ गई।
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उन्होंने बताया कि मार्च के अंत तक पारा 40 के पार जा सकता है। वहीं इस बार कोई वेस्टर्न डिस्टर्बेंस नहीं हुई, इसलिए प्री मानसून गतिविधि नहीं है। जबकि अप्रैल के मध्य में इसकी संभावना है। रविवार को तापमान 35 डिग्री तक पहुंचने पर मार्च में ही जून की गर्मी का अहसास होने लगा है। अनुमान है कि जून में तापमान इस बार सामान्य से करीब पांच डिग्री अधिक रहेगा। गर्मी के कारण लोग परेशान हो गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार मार्च में किसी तरह की मौसम में नरमी व राहत नहीं मिलेगी,बल्कि अंतिम सप्ताह मौसम और अधिक गर्म हो सकता है। जबकि अप्रैल के शुरुआती दिनों में मौसम में बदलाव आने की कुछ उम्मीद है। यदि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस होती है तो प्री मानसून की संभावना बन सकती है और अप्रैल में ऐसी परिस्थितियां बनने से हल्की बारिश होने की संभावना है।
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गेहूं हो जाएगी खराब, अन्य फसलों को भी नुकसान
इन दिनों गेहूं पकने लगती है और अप्रैल के मध्य में इसकी कटाई शुरू हो जाती है। परंतु अभी पड़ रही गर्मी और हवा से गेहूं की फसल जल्दी पक जाएगी। जिले में गेहूं का कुल रकबा 88 हजार हेक्टेयर है। कृषि उपनिदेशक डॉ. जसविंद्र सिंह सैनी ने बताया कि इस गर्मी से गेहूं को भारी नुकसान होगा और सब्जी की फसल भी सड़ने की संभावना है। इस गर्मी का सभी फसलों पर बुरा असर पड़ेगा और वहीं भू-जल स्तर भी प्रभावित होगा।
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शीतल पेय व खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ी
भीषण गर्मी के साथ ही लोगों के रहन सहन में भी बदलाव आ गया है। बाजार में ठंडी तासीर के खाद्य पदार्थों के साथ शीतल पेय की भी मांग बढ़ गई है। बाजार में नींबू पानी, गोंद कतीरा, तुकमलंगा, सॉफ्ट ड्रिंक, जूस, गन्ने का रस सहित तमाम पदार्थों की मांग बढ़ गई है। इसके अलावा अप्रैल के मध्य शुरू होने वाली बर्फ फैक्ट्रियों में भी बर्फ की सिल्ली की मांग पांच गुणा बढ़ गई है। इसी के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर लोगों को पंखे, कूलर व एसी खरीदते देखा जा सकता है। ऐसे में इन सामानों की मरम्मत करने वालों के पास भी काफी काम मिलने लगा है।
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