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Yamuna Nagar News: इवेंट कंपनी को 16.50 लाख रुपये 7 प्रतिशत ब्याज के साथ देने का आदेश
Fri, 10 Apr 2026 03:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 10 Apr 2026 03:19 AM IST
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यमुनानगर। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने डेस्टिनेशन वेडिंग के नाम पर लाखों रुपये लेकर संतोषजनक सेवाएं न देने के मामले में इवेंट आयोजन कंपनी को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा का दोषी मानते हुए 16,50,000 रुपये सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित शिकायतकर्ताओं को लौटाने के आदेश दिया हैं।
इसके अलावा मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और मुकदमेबाजी खर्च के लिए 11,000 रुपये अतिरिक्त देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के सहायक रजिस्ट्रार नीरज वालिया ने बताया कि जगाधरी के अशोक नगर निवासी अमित कुमार सक्सेना, उनके पुत्र स्पर्श सक्सेना, उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर, सेक्टर-77 नोएडा के अक्षय रंजन श्रीवास्तव व उनकी पत्नी निमिशा अमित सक्सेना की बेटी की शादी के लिए डेस्टिनेशन वेडिंग और प्री-वेडिंग फंक्शन आयोजित करने के लिए अप्रैल 2023 में उत्तराखंड के देहरादूर के ऋषिकेश के आदर्श नगर निवासी सौभाग्य अग्रवाल की सेवाएं ली गई थीं। सौभाग्य अग्रवाल के प्रतिनिधि यमुनानगर में आकर उनसे मिले और खुद को नोएडा, उत्तर प्रदेश स्थित एक अनुभवी इवेंट आयोजक बताते हुए विभिन्न भव्य शादियों की तस्वीरें व वीडियो दिखाकर बेहतर सेवाएं दिलाने का भरोसा दिलाया। उनकी प्रस्तुति से प्रभावित होकर शिकायतकर्ताओं ने ऋषिकेश स्थित निर्वाणा रिवर रिसॉर्ट में पांच फरवरी से सात फरवरी 2024 तक तीन दिन और दो रातों के लिए 16.50 लाख रुपये में आयोजन बुक कर दिया।
उन्होंने बुकिंग के समय भोजन, आवास, सजावट, फोटोग्राफी, मेकअप, लाइव परफॉर्मेंस, डीजे, ढोल, पिक एंड ड्रॉप सहित सभी व्यवस्थाओं का आश्वासन दिया था। 26 अप्रैल 2023 को आयोजक कंपनी को एक लाख रुपये अग्रिम दिए गए, जिसकी पुष्टि ईमेल के माध्यम से हुई। बाद में कंपनी की मांग पर पूरी राशि फरवरी 2024 तक अदा कर दी गई, जिसमें अलग-अलग किस्तों में भुगतान और दो लाख रुपये अतिरिक्त भी शामिल थे।
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हालांकि, जब शिकायतकर्ता शादी स्थल पर पहुंचे तो वहां की स्थिति वादों से बिल्कुल अलग मिली। 150 मेहमानों के लिए बुकिंग के बावजूद बेहद सीमित और निम्न स्तर की व्यवस्था की गई थी। गुणवत्ता भी बेहद खराब पाई गई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कंपनी की ओर से दिखाए गए वीडियो और तस्वीरों के अनुरूप कोई भी व्यवस्था नहीं थी। स्थिति और बिगड़ गई जब प्री-वेडिंग कार्यक्रम से पहले बारिश के कारण स्थल पर पानी भर गया, जिससे अमित सक्सेना फिसलकर घायल हो गए और उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। इसके बावजूद सौभाग्य अग्रवाल की ओर से कोई सहायता नहीं दी गई।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मौजूद स्टाफ का व्यवहार भी ठीक नहीं था और विरोध करने पर सौभाग्य अग्रवाल ने फोन उठाना बंद कर दिया। बाद में उनके प्रतिनिधि ने शादी की तस्वीरें और वीडियो देने के लिए अतिरिक्त पैसे की मांग की और न देने पर रिकॉर्ड मिटाने व झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी।
मामले की सुनवाई के दौरान सौभाग्य अग्रवाल आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ, जिसके चलते 17 जनवरी 2025 को उसके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता पक्ष ने हलफनामे, भुगतान रसीदें, ईमेल, व्हाट्सएप संदेश और तस्वीरें साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत कीं। फोरम ने रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए पाया कि शिकायतकर्ताओं ने तय राशि का पूर्ण भुगतान किया था, लेकिन सौभाग्य अग्रवाल ने अनुबंध के अनुसार सेवाएं प्रदान नहीं कीं।
आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए शिकायत को स्वीकार कर लिया। फोरम ने आदेश दिया कि विपक्षी पक्ष 45 दिनों के भीतर पूरी राशि सात प्रतिशत ब्याज सहित लौटाए। निर्धारित समय में भुगतान न करने पर नौ प्रतिशत ब्याज लागू होगा। संवाद
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इसके अलावा मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और मुकदमेबाजी खर्च के लिए 11,000 रुपये अतिरिक्त देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के सहायक रजिस्ट्रार नीरज वालिया ने बताया कि जगाधरी के अशोक नगर निवासी अमित कुमार सक्सेना, उनके पुत्र स्पर्श सक्सेना, उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर, सेक्टर-77 नोएडा के अक्षय रंजन श्रीवास्तव व उनकी पत्नी निमिशा अमित सक्सेना की बेटी की शादी के लिए डेस्टिनेशन वेडिंग और प्री-वेडिंग फंक्शन आयोजित करने के लिए अप्रैल 2023 में उत्तराखंड के देहरादूर के ऋषिकेश के आदर्श नगर निवासी सौभाग्य अग्रवाल की सेवाएं ली गई थीं। सौभाग्य अग्रवाल के प्रतिनिधि यमुनानगर में आकर उनसे मिले और खुद को नोएडा, उत्तर प्रदेश स्थित एक अनुभवी इवेंट आयोजक बताते हुए विभिन्न भव्य शादियों की तस्वीरें व वीडियो दिखाकर बेहतर सेवाएं दिलाने का भरोसा दिलाया। उनकी प्रस्तुति से प्रभावित होकर शिकायतकर्ताओं ने ऋषिकेश स्थित निर्वाणा रिवर रिसॉर्ट में पांच फरवरी से सात फरवरी 2024 तक तीन दिन और दो रातों के लिए 16.50 लाख रुपये में आयोजन बुक कर दिया।
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उन्होंने बुकिंग के समय भोजन, आवास, सजावट, फोटोग्राफी, मेकअप, लाइव परफॉर्मेंस, डीजे, ढोल, पिक एंड ड्रॉप सहित सभी व्यवस्थाओं का आश्वासन दिया था। 26 अप्रैल 2023 को आयोजक कंपनी को एक लाख रुपये अग्रिम दिए गए, जिसकी पुष्टि ईमेल के माध्यम से हुई। बाद में कंपनी की मांग पर पूरी राशि फरवरी 2024 तक अदा कर दी गई, जिसमें अलग-अलग किस्तों में भुगतान और दो लाख रुपये अतिरिक्त भी शामिल थे।
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हालांकि, जब शिकायतकर्ता शादी स्थल पर पहुंचे तो वहां की स्थिति वादों से बिल्कुल अलग मिली। 150 मेहमानों के लिए बुकिंग के बावजूद बेहद सीमित और निम्न स्तर की व्यवस्था की गई थी। गुणवत्ता भी बेहद खराब पाई गई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कंपनी की ओर से दिखाए गए वीडियो और तस्वीरों के अनुरूप कोई भी व्यवस्था नहीं थी। स्थिति और बिगड़ गई जब प्री-वेडिंग कार्यक्रम से पहले बारिश के कारण स्थल पर पानी भर गया, जिससे अमित सक्सेना फिसलकर घायल हो गए और उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। इसके बावजूद सौभाग्य अग्रवाल की ओर से कोई सहायता नहीं दी गई।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मौजूद स्टाफ का व्यवहार भी ठीक नहीं था और विरोध करने पर सौभाग्य अग्रवाल ने फोन उठाना बंद कर दिया। बाद में उनके प्रतिनिधि ने शादी की तस्वीरें और वीडियो देने के लिए अतिरिक्त पैसे की मांग की और न देने पर रिकॉर्ड मिटाने व झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी।
मामले की सुनवाई के दौरान सौभाग्य अग्रवाल आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ, जिसके चलते 17 जनवरी 2025 को उसके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता पक्ष ने हलफनामे, भुगतान रसीदें, ईमेल, व्हाट्सएप संदेश और तस्वीरें साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत कीं। फोरम ने रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए पाया कि शिकायतकर्ताओं ने तय राशि का पूर्ण भुगतान किया था, लेकिन सौभाग्य अग्रवाल ने अनुबंध के अनुसार सेवाएं प्रदान नहीं कीं।
आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए शिकायत को स्वीकार कर लिया। फोरम ने आदेश दिया कि विपक्षी पक्ष 45 दिनों के भीतर पूरी राशि सात प्रतिशत ब्याज सहित लौटाए। निर्धारित समय में भुगतान न करने पर नौ प्रतिशत ब्याज लागू होगा। संवाद