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Yamuna Nagar News: साढ़े छह साल में दोगुना हो गया जल निकासी योजना का खर्च

Wed, 30 Jul 2025 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 30 Jul 2025 12:45 AM IST
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The cost of the drainage scheme doubled in six and a half years
राजेश कुमार
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यमुनानगर। जगाधरी का बरसाती पानी यमुनानगर में एसटीपी तक लाने की योजना का खर्च बढ़कर अब दोगुना होने की संभावना है। वह इसलिए क्योंकि पांच साल से नगर निगम के चार करोड़ रुपये लेकर खामोश बैठे रेलवे अधिकारी अब रेल लाइन के नीचे से पाइप डालने का रिवाइज एस्टीमेट तैयार करेंगे।
माना जा रहा है कि रिवाइज एस्टीमेट में एक से डेढ़ करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। बढ़ा हुआ खर्च नगर निगम को रेलवे के खाते में जमा कराना होगा। इसके बाद ही रेलवे लाइन के नीचे पाइप डालने को तैयार होगा। ऐसे में इस साल भी बरसाती पानी निकासी की यह योजना पूरी होगी, इस पर संशय है।
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दरअसल रेलवे बाइपास के पास पानी निकासी के लिए डाले जाने वाले पाइप दबाने का काम रुका हुआ है। करीब छह फीट व्यास के पाइप रेलवे लाइन के नीचे से निकालने होंगे। रेल लाइन को कोई नुकसान न हो इसके लिए पाइप दबाने का काम रेलवे की ओर से ही किया जाना है।
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इसके लिए पांच साल पहले नगर निगम ने करीब चार करोड़ रुपये रेलवे को जमा कराए थे। इन पांच साल में रेलवे पाइप लाइन डालने की जहमत बिल्कुल भी नहीं उठाई। इसके लिए रेलवे को ब्लॉक लेना पड़ेगा। काम कराने के लिए लिए रेल गाड़ियों का आवागमन बंद करना पड़ेगा या फिर उन्हें एक-एक करके दूसरी लाइन से निकाला जाएगा। पांच साल में महंगाई में काफी बढ़ाेतरी हुई है। इस पर रेलवे ने पाइप दबाने के पर आने वाले खर्च का दोबारा एस्टीमेट बनाने का निर्णय लिया है। संवाद
9.15 करोड़ की योजना 18 तक पहुंचने का अनुमान

जगाधरी के पानी को पाइप लाइन के जरिये यमुनानगर में जम्मू कॉलोनी स्थित एसटीपी तक पहुंचाने की योजना फरवरी 2019 में शुरू हुई थी। तब इस पर 9.15 करोड़ रुपये खर्च आने की बात कही थी। पीडब्ल्यूडी ने कन्हैया साहिब चौक से लेकर महाराणा प्रताप चौक सड़क को चौड़ा कर दिया। ऐसे में पाइप दबाने का काम बीच में रुक गया। पाइप दबाने के लिए निगम को पीडब्ल्यूडी की सड़क तोड़नी पड़ती इसलिए निगम ने इसकी एनओसी दोबारा ली। एनओसी के लिए तीन करोड़ 20 लाख रुपये पीडब्ल्यूडी को जमा कराए गए। इसी तरह चार करोड़ रुपये रेलवे को जमा कराए गए थे। इस तरह अब तक 16 करोड़ 35 लाख रुपये खर्च आ चुका है। अभी रेलवे रिवाइज एस्टीमेट बनाएगा। जिसमें एक से डेढ़ करोड़ की बढ़ोतरी होना तय है। इस पर कुल लागत 18 करोड़ के आसपास पहुंचने का अनुमान है।

नगर निगम की तरफ से पांच साल पहले रेलवे को राशि जमा करवाई गई थी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पांच साल में कई चीजों के रेट बढ़े हैं इसलिए वह दोबारा रिवाइज एस्टीमेट बनाएंगे। रेलवे जो भी बढ़ा हुआ पैसा बताएगा वह उन्हें जमा करवा दिया जाएगा। इसके बाद पाइप लाइन का काम शुरू हो जाएगा। - अखिल पिलानी, आयुक्त, नगर निगम।
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