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निगम ने 28 जगहों पर सीसीटीवी लगाने के लिए बना दिया साढ़े नौ करोड़ रुपये का एस्टीमेट
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शहर के सबसे व्यस्त शहीद भगत चौक पर लगा सीसीटीवी।
- फोटो : Yamuna Nagar
निरंजन कुमार राणा
यमुनानगर। पुलिस व नगर निगम पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर छह चौराहों पर लगाए गए सीसीटीवी का ध्यान नहीं रख पाया, जिसके चलते शहर की तीसरी आंख बंद हो चुकी है। वहीं 28 नई जगहों पर सीसीटीवी लगाने का प्रोजेक्ट भी ठंडे बस्ते में है। पुलिस के पत्र पर नगर निगम के अधिकारियों ने साढ़े नौ करोड़ रुपये का एस्टीमेट बना दिया। पुलिस विभाग ने इतना बजट खर्च करने में अपनी असमर्थता जताई है। वहीं नया प्रोजेक्ट नगर निगम और पुलिस के बीच फंस गया है।
इससे पहले पुलिस की तरफ से विश्वकर्मा चौक, महाराणा प्रताप चौक, अग्रसेन चौक, बूड़िया चौक, सरनी चौक पर सीसीटीवी लगाए थे। इनका कंट्रोल रूम ट्रैफिक पुलिस थाने में बनाया गया था। इनकी मदद से पुलिस चौराहों पर यातायात नियम तोड़ने वालों के चालान करती थी। फिलहाल सभी कैमरे खराब पड़े हैं। शहर की एक बड़ी ऑटो कंपनी ने सीसीटीवी ठीक कराने के लिए हाल ही में अपने सीएसआर फंड से पांच लाख रुपये दिए हैं। अब पुलिस सीएसआर फंड से शहर में सीसीटीवी लगवाने की प्लानिंग कर रही है।
सिटी सर्विलांस सिस्टम शहरी क्षेत्र में एक तरह से कैमरे का जाल है, जो कंट्रोल रूम से जुड़ा होता है। इनमें हाई रिजोल्यूशन कैमरे भी होते हैं, जिससे गाड़ियों के नंबर प्लेट को भी पढ़ा जाता है। इस तरह के कैमरे की मदद से वाहन चोरी समेत अन्य घटनाओं में शामिल अपराधी पकड़े जा चुके हैं। छह जगहों पर लगाएं गए सीसीटीवी से कुछ दिनों तक तो मानीटरिंग की गई थी। नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को डाक से चालान भी भेजे गए थे। कैमरे खराब होने के बाद यह व्यवस्था भी बंद है।
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यहां लगने हैं सीसीटीवी कैमरे
शहर के चार प्रमुख इंट्री प्वाइंट रादौर, अंबाला, सहारनपुर और छछरौली मार्ग, जोडिया नाका, विश्वकर्मा चौक, महाराणा प्रताप चौक, कन्हैया साहिब चौक, जगाधरी बस स्टैंड, अग्रसेन चौक, बुडिया चौक, त्रिकोणी चौक, मधु चौक, प्यारा सिंह चौक, फव्वारा चौक, रेलवे स्टेशन के सामने, आईटीआई, हमीदा हेड, बिलासपुर रोड जिला जेल के पास, यमुनानगर बस अड्डा चौराहा सीसीटीवी लगाने के लिए चिह्नित किया गया है।
पकड़े जा सकेंगे अपराधी : सुशील आर्य
राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य एडवोकेट सुशील आर्य का कहना है कि अपराध और यातायात व्यवस्था के बेहतर प्रबंधन के लिए सीसीटीवी कैमरोें का प्रोजेक्ट काफी महत्वपूर्ण है। सभी चौक चौराहों पर सीसीटीवी हो जाएंगे तो अपराधियों को पकड़ना आसान होगा और चालान के डर से वाहन चालक भी यातायात नियमों का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि देशभर में चौराहों पर लगे सीसीटीवी की मदद से कई बड़े अपराधों का खुलासा हो चुका है। रोड सेफ्टी की मीटिंग में कई बार इस मुद्दे को उठाया गया है। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर संज्ञान लें।
प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है। फंड के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। पुराने सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराया जाएगा। - चमकौर सिंह, पुलिस प्रवक्ता
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यमुनानगर। पुलिस व नगर निगम पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर छह चौराहों पर लगाए गए सीसीटीवी का ध्यान नहीं रख पाया, जिसके चलते शहर की तीसरी आंख बंद हो चुकी है। वहीं 28 नई जगहों पर सीसीटीवी लगाने का प्रोजेक्ट भी ठंडे बस्ते में है। पुलिस के पत्र पर नगर निगम के अधिकारियों ने साढ़े नौ करोड़ रुपये का एस्टीमेट बना दिया। पुलिस विभाग ने इतना बजट खर्च करने में अपनी असमर्थता जताई है। वहीं नया प्रोजेक्ट नगर निगम और पुलिस के बीच फंस गया है।
इससे पहले पुलिस की तरफ से विश्वकर्मा चौक, महाराणा प्रताप चौक, अग्रसेन चौक, बूड़िया चौक, सरनी चौक पर सीसीटीवी लगाए थे। इनका कंट्रोल रूम ट्रैफिक पुलिस थाने में बनाया गया था। इनकी मदद से पुलिस चौराहों पर यातायात नियम तोड़ने वालों के चालान करती थी। फिलहाल सभी कैमरे खराब पड़े हैं। शहर की एक बड़ी ऑटो कंपनी ने सीसीटीवी ठीक कराने के लिए हाल ही में अपने सीएसआर फंड से पांच लाख रुपये दिए हैं। अब पुलिस सीएसआर फंड से शहर में सीसीटीवी लगवाने की प्लानिंग कर रही है।
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सिटी सर्विलांस सिस्टम शहरी क्षेत्र में एक तरह से कैमरे का जाल है, जो कंट्रोल रूम से जुड़ा होता है। इनमें हाई रिजोल्यूशन कैमरे भी होते हैं, जिससे गाड़ियों के नंबर प्लेट को भी पढ़ा जाता है। इस तरह के कैमरे की मदद से वाहन चोरी समेत अन्य घटनाओं में शामिल अपराधी पकड़े जा चुके हैं। छह जगहों पर लगाएं गए सीसीटीवी से कुछ दिनों तक तो मानीटरिंग की गई थी। नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को डाक से चालान भी भेजे गए थे। कैमरे खराब होने के बाद यह व्यवस्था भी बंद है।
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यहां लगने हैं सीसीटीवी कैमरे
शहर के चार प्रमुख इंट्री प्वाइंट रादौर, अंबाला, सहारनपुर और छछरौली मार्ग, जोडिया नाका, विश्वकर्मा चौक, महाराणा प्रताप चौक, कन्हैया साहिब चौक, जगाधरी बस स्टैंड, अग्रसेन चौक, बुडिया चौक, त्रिकोणी चौक, मधु चौक, प्यारा सिंह चौक, फव्वारा चौक, रेलवे स्टेशन के सामने, आईटीआई, हमीदा हेड, बिलासपुर रोड जिला जेल के पास, यमुनानगर बस अड्डा चौराहा सीसीटीवी लगाने के लिए चिह्नित किया गया है।
पकड़े जा सकेंगे अपराधी : सुशील आर्य
राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य एडवोकेट सुशील आर्य का कहना है कि अपराध और यातायात व्यवस्था के बेहतर प्रबंधन के लिए सीसीटीवी कैमरोें का प्रोजेक्ट काफी महत्वपूर्ण है। सभी चौक चौराहों पर सीसीटीवी हो जाएंगे तो अपराधियों को पकड़ना आसान होगा और चालान के डर से वाहन चालक भी यातायात नियमों का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि देशभर में चौराहों पर लगे सीसीटीवी की मदद से कई बड़े अपराधों का खुलासा हो चुका है। रोड सेफ्टी की मीटिंग में कई बार इस मुद्दे को उठाया गया है। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर संज्ञान लें।
प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है। फंड के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। पुराने सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराया जाएगा। - चमकौर सिंह, पुलिस प्रवक्ता