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Yamuna Nagar News: राजमार्ग पर डिवाइडर की संभावना तलाशेगी कमेटी
Sun, 22 Feb 2026 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 22 Feb 2026 12:44 AM IST
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पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलते वाहन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर के बीचोबीच गुजर रहे पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग परर पंचायत भवन से कन्हैया साहिब चौक तक डिवाइडर बनाने की संभावनाएं अब प्रशासनिक स्तर पर टटोली जाएंगी। लगातार बढ़ते सड़क हादसों और जनहानि को देखते हुए प्रशासन ने तीन अधिकारियों की कमेटी गठित की है, जो मौके का निरीक्षण कर डिवाइडर निर्माण को लेकर रिपोर्ट देगी।
कमेटी में एसडीएम जगाधरी, पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) और डीएसपी ट्रैफिक शामिल हैं। यह कमेटी संबंधित हिस्से में ट्रैफिक घनत्व, सड़क की चौड़ाई, आसपास की आबादी और संभावित तकनीकी अड़चनों का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें देगी। जिला न्यायालय के सामने से लेकर डीसी कैंप आवास तक तथा विशेष रूप से पंचायत भवन से कन्हैया साहिब चौक के बीच सड़क पर डिवाइडर नहीं बना है।
इसी कारण आमने-सामने से आने वाले वाहनों के बीच टक्कर की आशंका बनी रहती है। पंडित ऑटोमोबाइल से कन्हैया साहिब चौक तक के हिस्से में पिछले तीन वर्षों में 57 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 19 लोगों की जान जा चुकी है। यह आंकड़े इस मार्ग की खतरनाक स्थिति को दर्शाते हैं। डिवाइडर न होने से लोग अपने वाहनों को दूसरी लेन में जाकर ओवरटेक करते हैं।
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दूसरा गाबा अस्पताल के पास अतिक्रमण भी है। गाबा अस्पताल व संतोष अस्पताल के पास गोविंदपुरी की तरफ से आने वाले वाहन गलत दिशा में चलते हैं। जिससे सड़क हादसे हो रहे हैं। दो वर्ष पहले जब इस मार्ग का पुनर्निर्माण किया गया था, तब इसी हिस्से में डिवाइडर बनाने का प्रस्ताव रखा गया था।
हालांकि उस समय अधिकारियों ने यह कहकर निर्माण रोक दिया गया कि सड़क के दोनों ओर घनी आबादी है और डिवाइडर बनने से स्थानीय लोगों को अपने वाहन मोड़ने में दिक्कत होगी। प्रशासन का मानना था कि कट प्वाइंट सीमित होने से रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। लेकिन समय के साथ ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ चुका है। भारी वाहनों और दोपहिया वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। स्थानीय लोग और व्यापारी भी अब डिवाइडर निर्माण की मांग उठा रहे हैं।
डिवाइडर बनाने को लेकर तीन अधिकारियों की कमेटी का गठन किया गया है। यदि तकनीकी रूप से डिवाइडर बनाना संभव पाया जाता है तो आवश्यक संशोधनों के साथ संबंधित विभाग निर्माण कार्य शुरू करेगा। - कुशलपाल राणा, एसएचओ, थाना यातायात।
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यमुनानगर। शहर के बीचोबीच गुजर रहे पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग परर पंचायत भवन से कन्हैया साहिब चौक तक डिवाइडर बनाने की संभावनाएं अब प्रशासनिक स्तर पर टटोली जाएंगी। लगातार बढ़ते सड़क हादसों और जनहानि को देखते हुए प्रशासन ने तीन अधिकारियों की कमेटी गठित की है, जो मौके का निरीक्षण कर डिवाइडर निर्माण को लेकर रिपोर्ट देगी।
कमेटी में एसडीएम जगाधरी, पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) और डीएसपी ट्रैफिक शामिल हैं। यह कमेटी संबंधित हिस्से में ट्रैफिक घनत्व, सड़क की चौड़ाई, आसपास की आबादी और संभावित तकनीकी अड़चनों का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें देगी। जिला न्यायालय के सामने से लेकर डीसी कैंप आवास तक तथा विशेष रूप से पंचायत भवन से कन्हैया साहिब चौक के बीच सड़क पर डिवाइडर नहीं बना है।
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इसी कारण आमने-सामने से आने वाले वाहनों के बीच टक्कर की आशंका बनी रहती है। पंडित ऑटोमोबाइल से कन्हैया साहिब चौक तक के हिस्से में पिछले तीन वर्षों में 57 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 19 लोगों की जान जा चुकी है। यह आंकड़े इस मार्ग की खतरनाक स्थिति को दर्शाते हैं। डिवाइडर न होने से लोग अपने वाहनों को दूसरी लेन में जाकर ओवरटेक करते हैं।
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दूसरा गाबा अस्पताल के पास अतिक्रमण भी है। गाबा अस्पताल व संतोष अस्पताल के पास गोविंदपुरी की तरफ से आने वाले वाहन गलत दिशा में चलते हैं। जिससे सड़क हादसे हो रहे हैं। दो वर्ष पहले जब इस मार्ग का पुनर्निर्माण किया गया था, तब इसी हिस्से में डिवाइडर बनाने का प्रस्ताव रखा गया था।
हालांकि उस समय अधिकारियों ने यह कहकर निर्माण रोक दिया गया कि सड़क के दोनों ओर घनी आबादी है और डिवाइडर बनने से स्थानीय लोगों को अपने वाहन मोड़ने में दिक्कत होगी। प्रशासन का मानना था कि कट प्वाइंट सीमित होने से रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। लेकिन समय के साथ ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ चुका है। भारी वाहनों और दोपहिया वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। स्थानीय लोग और व्यापारी भी अब डिवाइडर निर्माण की मांग उठा रहे हैं।
डिवाइडर बनाने को लेकर तीन अधिकारियों की कमेटी का गठन किया गया है। यदि तकनीकी रूप से डिवाइडर बनाना संभव पाया जाता है तो आवश्यक संशोधनों के साथ संबंधित विभाग निर्माण कार्य शुरू करेगा। - कुशलपाल राणा, एसएचओ, थाना यातायात।

पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलते वाहन। संवाद