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Yamuna Nagar News: छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक के विरोध में उतारा मसीह समाज

Fri, 08 May 2026 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 08 May 2026 01:40 AM IST
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The Christian community takes to the streets in protest against the Chhattisgarh Freedom of Religion Bill
जगाधरी अनाज मंडी में प्रदर्शन कर ज्ञापन देने जाते समाज के पदा​धिकारी व अन्य। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। छत्तीसगढ़ में धर्म स्वतंत्रता विधेयक के विरोध वीरवार को मसीह समाज के लोग सड़क पर उतर आए। इस दौरान समाज के लिए लोग डीसी को ज्ञापन देने जिला सचिवालय पहुंचे। मसीह समाज राजनीतिक दल की जिला इकाई ने डीसी को ज्ञापन सौंपा और विधेयक रद्द करने की मांग की।
पदाधिकारियों ने इस विधेयक को मौलिकता के विरूद्ध और संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन बताया है। इससे मसीह समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि विधेयक में प्रलोभन और अनुचित प्रभाव इत्यादि परिभाषाएं दी गई हैं, जो अस्पष्ट है। इससे कई तरह के विवाद उत्पन्न हो जाएंगे। इसके आधार पर पादरी और मसीह समुदाय के लोगों पर झूठे केस दर्ज किए जा सकते हैं।
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कानून के तहत सात से 10 वर्ष तक की सजा और 25 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। संगठन ने आरोप लगाया कि घर वापसी की छूट देना और मसीह धर्म अपनाने पर सजा का प्रावधान पूरी तरह भेदभावपूर्ण है। राजनीतिक दल के पदाधिकारियों ने मसीह पर बढ़ते हमलों को लेकर भी चिंता जताई। पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2024 में देशभर में मसीह समुदाय के लोगों पर 834 हमले दर्ज किए गए, जो 2023 की तुलना में करीब 100 अधिक हैं। वहीं जनवरी से जुलाई 2025 तक 334 घटनाएं सामने आईं थी।
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इसमें उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मामले सबसे ज्यादा शामिल हैं। संगठन ने दावा किया कि वर्ष 2014 से 2026 तक देश भर में 5,293 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। यही नहीं, 12 वर्ष में इन हमलों में 500 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, जो बेहद चिंताजनक है।
ज्ञापन में भड़काऊ भाषण और सामाजिक बहिष्कार के मामलों का भी उल्लेख किया गया। इसमें कहा कि कई स्थानों पर मसीह समाज के लोगों को मृतकों के अंतिम संस्कार तक से रोका गया। वहीं, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में सामने आई घटनाओं को देखते हुए सरकार से मसीह समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

प्रदेशाध्यक्ष पादरी सलाटिन मसीह ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मसीह समुदाय शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरकर अधिकारों की रक्षा करेगा। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष पादरी अंजेश जरावरे, बलदेव मसीह, पादरी संदीप पोल, निर्मल सिंह, जिलाध्यक्ष प्रीतमचंद, पादरी आशीष, पादरी देवराज, पादरी हरपाल, उत्तराखंड प्रदेशाध्यक्ष पादरी सुशील गिल सहित अन्य उपस्थित रहे।
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