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सैन्य विज्ञान की पढ़ाई के लिए ज्योतिबा फूले राजकीय महाविद्यालय जिले का एकमात्र कॉलेज
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निरंजन कुमार राणा
यमुनानगर। जिले में सैन्य विज्ञान यानि रक्षा अध्ययन के कोर्स के लिए ज्योतिबा फूले राजकीय महाविद्यालय एकमात्र कॉलेज है। इसलिए इस कोर्स में दाखिला पाने के लिए विद्यार्थियों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। इस कॉलेज में 12 अगस्त से दाखिले शुरू हो रहे हैं। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेंद्र कुमार के मुताबिक कॉलेज में दाखिले के संबंध में तैयारी पूरी कर ली गई है। इस बार विद्यार्थियों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क भी शुरू किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को घर के पास ही उच्चतर शिक्षा उपलब्ध कराने के मकसद से सरकार ने रादौरी गांव में तीन साल पहले राजकीय महाविद्यालय खोला है। इस कॉलेज में रादौर ब्लॉक के करीब सौ गांवों के विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। पहले इन विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए 20 से 30 किमी दूर यमुनानगर या फिर 50 किमी दूर कुरुक्षेत्र जाना पड़ता था। अब रादौरी में कॉलेज खुलने के बाद उनकी इस समस्या का समाधान हो गया है। इसी सत्र से कक्षाओं को करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बने नए भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा। अभी तक ग्राउंड फ्लोर पर ही कक्षाएं लगाई जा रही थी। वहीं इस बार 12वीं में सभी बच्चे पास होने से यहां एडमिशन के लिए विद्यार्थियों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ सकती है। शहर के शोर से दूर यह कॉलेज ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की पहली पसंद बना हुआ है।
चार कोर्स में उपलब्ध हैं 290 सीट
-रादौरी स्थित ज्योतिबा फूले सरकारी कॉलेज में कुल चार कोर्स संचालित किए जाते हैं। स्नातक प्रथम वर्ष में सबसे ज्यादा 160 सीटें बीए में हैं। वहीं बीकॉम में 80 सीट, बीसीए में 30 सीट और बीकॉम वोकेशनल में 20 सीट हैं। बीए में हिंदी, अंग्रेजी, रक्षा अध्ययन, राजनीति शास्त्र, इतिहास, शारीरिक शिक्षा, गणित और इकनामिक्स विषय हैं। यहां पर स्नातकोत्तर की भी पढ़ाई होती है।
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स्नातक डिग्री के बाद कर सकते हैं मास्टर डिग्री, एमफिल और पीएचडी
ज्योतिबा फूले कॉलेज की सहायक प्राध्यापिका रिंकू शर्मा ने बताया कि रक्षा अध्ययन ज्ञान की वह शाखा है, जिसमें सैनिक विचारधारा का अध्ययन किया जाता है। सैन्य विज्ञान में युद्ध और सेना संबंधी समस्त बातों का अध्ययन होता है। इस विषय के अंतर्गत सभी तरह के शस्त्र, विदेश और घरेलू मामलों, खासकर देश की आंतरिक सुरक्षा और बाहरी रक्षा मामलों के साथ-साथ इतिहास और भौगोलिक मामलों की जानकारी मुहैया कराई जाती है। उन्होंने बताया कि अगर विद्यार्थी की रुचि अंतरराष्ट्रीय संबंध, राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने और रणनीतिक योजना, सैन्य प्रौद्योगिकी एवं उपकरण, रक्षा एवं आपदा प्रबंधन आदि में है, तो वे स्नातक डिग्री के बाद मास्टर डिग्री, एमफिल और पीएचडी भी कर सकते हैं।
विद्यार्थियों को उच्चतर शिक्षा निदेशालय की पोर्टल पर दाखिला संबंधी पंजीकरण करवाना होगा। 12 अगस्त से दाखिला प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इसके लिए कॉलेज स्तर पर भी तैयारियां पूरी कर ली गई है। विद्यार्थियों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क भी शुरू किया जाएगा। इस बार 12वीं में सभी बच्चे पास हुए हैं। ऐसे में सभी कोर्स की सीटें भरने की उम्मीद है।
डॉ. राजेंद्र कुमार, प्रिंसिपल, ज्योतिबा फूले राजकीय महाविद्यालय
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यमुनानगर। जिले में सैन्य विज्ञान यानि रक्षा अध्ययन के कोर्स के लिए ज्योतिबा फूले राजकीय महाविद्यालय एकमात्र कॉलेज है। इसलिए इस कोर्स में दाखिला पाने के लिए विद्यार्थियों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। इस कॉलेज में 12 अगस्त से दाखिले शुरू हो रहे हैं। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेंद्र कुमार के मुताबिक कॉलेज में दाखिले के संबंध में तैयारी पूरी कर ली गई है। इस बार विद्यार्थियों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क भी शुरू किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को घर के पास ही उच्चतर शिक्षा उपलब्ध कराने के मकसद से सरकार ने रादौरी गांव में तीन साल पहले राजकीय महाविद्यालय खोला है। इस कॉलेज में रादौर ब्लॉक के करीब सौ गांवों के विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। पहले इन विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए 20 से 30 किमी दूर यमुनानगर या फिर 50 किमी दूर कुरुक्षेत्र जाना पड़ता था। अब रादौरी में कॉलेज खुलने के बाद उनकी इस समस्या का समाधान हो गया है। इसी सत्र से कक्षाओं को करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बने नए भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा। अभी तक ग्राउंड फ्लोर पर ही कक्षाएं लगाई जा रही थी। वहीं इस बार 12वीं में सभी बच्चे पास होने से यहां एडमिशन के लिए विद्यार्थियों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ सकती है। शहर के शोर से दूर यह कॉलेज ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की पहली पसंद बना हुआ है।
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चार कोर्स में उपलब्ध हैं 290 सीट
-रादौरी स्थित ज्योतिबा फूले सरकारी कॉलेज में कुल चार कोर्स संचालित किए जाते हैं। स्नातक प्रथम वर्ष में सबसे ज्यादा 160 सीटें बीए में हैं। वहीं बीकॉम में 80 सीट, बीसीए में 30 सीट और बीकॉम वोकेशनल में 20 सीट हैं। बीए में हिंदी, अंग्रेजी, रक्षा अध्ययन, राजनीति शास्त्र, इतिहास, शारीरिक शिक्षा, गणित और इकनामिक्स विषय हैं। यहां पर स्नातकोत्तर की भी पढ़ाई होती है।
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स्नातक डिग्री के बाद कर सकते हैं मास्टर डिग्री, एमफिल और पीएचडी
ज्योतिबा फूले कॉलेज की सहायक प्राध्यापिका रिंकू शर्मा ने बताया कि रक्षा अध्ययन ज्ञान की वह शाखा है, जिसमें सैनिक विचारधारा का अध्ययन किया जाता है। सैन्य विज्ञान में युद्ध और सेना संबंधी समस्त बातों का अध्ययन होता है। इस विषय के अंतर्गत सभी तरह के शस्त्र, विदेश और घरेलू मामलों, खासकर देश की आंतरिक सुरक्षा और बाहरी रक्षा मामलों के साथ-साथ इतिहास और भौगोलिक मामलों की जानकारी मुहैया कराई जाती है। उन्होंने बताया कि अगर विद्यार्थी की रुचि अंतरराष्ट्रीय संबंध, राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने और रणनीतिक योजना, सैन्य प्रौद्योगिकी एवं उपकरण, रक्षा एवं आपदा प्रबंधन आदि में है, तो वे स्नातक डिग्री के बाद मास्टर डिग्री, एमफिल और पीएचडी भी कर सकते हैं।
विद्यार्थियों को उच्चतर शिक्षा निदेशालय की पोर्टल पर दाखिला संबंधी पंजीकरण करवाना होगा। 12 अगस्त से दाखिला प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इसके लिए कॉलेज स्तर पर भी तैयारियां पूरी कर ली गई है। विद्यार्थियों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क भी शुरू किया जाएगा। इस बार 12वीं में सभी बच्चे पास हुए हैं। ऐसे में सभी कोर्स की सीटें भरने की उम्मीद है।
डॉ. राजेंद्र कुमार, प्रिंसिपल, ज्योतिबा फूले राजकीय महाविद्यालय