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Yamuna Nagar News: हनीट्रैप में फंसाने वाले आरोपी भेजे जेल
Tue, 09 Jul 2024 06:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 09 Jul 2024 06:17 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लिफ्ट लेकर संबंध बनाने का झांसा देकर हनीट्रैप में फसाने वाले गिरोह के चारों आरोपियों को शहर पुलिस ने सोमवार को अदालत में पेश किया। वहां से चारों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इससे पूर्व शहर पुलिस ने गिरोह में शामिल आजाद नगर निवासी आरती, सुघ माजरी निवासी निर्मला, उत्तर प्रदेश के गांव सरदेहडी निवासी सोनिया व गांव पठेड निवासी विजय कुमार से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों से वारदात में प्रयोग मोबाइल व ब्लैकमेल कर लिए 90 हजार रुपये में से 42 हजार रुपये व अन्य सामान बरामद किया गया।
अन्य रुपये आरोपियों ने अपने निजी कार्यों में खर्च कर दिए थे। बताया जा रहा है कि गिरोह में शामिल तीनों महिलाएं व युवक लंबे समय से यह घिनौना कार्य कर रहे थे। अब पुलिस को गिरोह के चक्कर में फंसे अन्य लोगों की शिकायतों का इंतजार है। यदि अन्य पीड़ित पुलिस को गिरोह के संबंध में शिकायत करता है तो उनकी शिकायतों पर भी कार्रवाई कर आरोपियों को प्रोडक्शन रिमांड पर लिया जाएगा।
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सदर जगाधरी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने बताया था कि पांच जुलाई को वह अपने काम से एक्टिवा पर छछरौली गया था। जब वह छछरौली से वापस लौट रहा था तो मानकपुर के पास उसे आरती व निर्मला मिली। जिन्होंने उससे लिफ्ट मांगी। जैसे ही उसने एक्टिवा रोकी तो सोनिया उसके साथ बैठ गई। इसने कहा कि उसे आजाद नगर जाना है।
इस दौरान सोनिया ने उससे बातचीत शुरू कर दी और उसके साथ समय बिताने के लिए कहा। जिस पर वह तैयार हो गया। आरोपी उसे अपने साथ आजाद नगर में एक मकान में लेकर गई। जहां पर दोनों संबंध बना रहे थे। तभी योजना के तहत निर्मला, आरती व उसका पति विजय कुमार वहां पर पहुंच गए। उन्होंने उसके साथ मारपीट की। उसकी नग्न अवस्था में वीडियो बनाई। उसकी जेब से पर्स निकाल लिया और दो लाख रुपये मांगे।
रुपये न देने उसकी वीडियो वायरल करने की धमकी दी। घबराकर उसने अपने मोबाइल से अलग-अलग कर गूगल पे के माध्यम से 90 हजार रुपये आरोपियों के खाते में ट्रांसफर कर दिया। आरोपियों ने उससे लिखवा लिया कि उसने ब्याज पर रुपये लिए थे जो उसने वापस किए हैं। तीनों आरोपी महिलाएं अपने पतियों से अलग रहती है। आरती का भी अपने पति से संबंध विच्छेद हो चुका है। अब वह विजय को पति बताकर उसके साथ रहती थी।
चारों आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपियों से 42 हजार रुपये व मोबाइल बरामद किया गया है। - जगदीश चंद्र, शहर थाना प्रभारी।
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यमुनानगर। लिफ्ट लेकर संबंध बनाने का झांसा देकर हनीट्रैप में फसाने वाले गिरोह के चारों आरोपियों को शहर पुलिस ने सोमवार को अदालत में पेश किया। वहां से चारों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इससे पूर्व शहर पुलिस ने गिरोह में शामिल आजाद नगर निवासी आरती, सुघ माजरी निवासी निर्मला, उत्तर प्रदेश के गांव सरदेहडी निवासी सोनिया व गांव पठेड निवासी विजय कुमार से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों से वारदात में प्रयोग मोबाइल व ब्लैकमेल कर लिए 90 हजार रुपये में से 42 हजार रुपये व अन्य सामान बरामद किया गया।
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अन्य रुपये आरोपियों ने अपने निजी कार्यों में खर्च कर दिए थे। बताया जा रहा है कि गिरोह में शामिल तीनों महिलाएं व युवक लंबे समय से यह घिनौना कार्य कर रहे थे। अब पुलिस को गिरोह के चक्कर में फंसे अन्य लोगों की शिकायतों का इंतजार है। यदि अन्य पीड़ित पुलिस को गिरोह के संबंध में शिकायत करता है तो उनकी शिकायतों पर भी कार्रवाई कर आरोपियों को प्रोडक्शन रिमांड पर लिया जाएगा।
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सदर जगाधरी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने बताया था कि पांच जुलाई को वह अपने काम से एक्टिवा पर छछरौली गया था। जब वह छछरौली से वापस लौट रहा था तो मानकपुर के पास उसे आरती व निर्मला मिली। जिन्होंने उससे लिफ्ट मांगी। जैसे ही उसने एक्टिवा रोकी तो सोनिया उसके साथ बैठ गई। इसने कहा कि उसे आजाद नगर जाना है।
इस दौरान सोनिया ने उससे बातचीत शुरू कर दी और उसके साथ समय बिताने के लिए कहा। जिस पर वह तैयार हो गया। आरोपी उसे अपने साथ आजाद नगर में एक मकान में लेकर गई। जहां पर दोनों संबंध बना रहे थे। तभी योजना के तहत निर्मला, आरती व उसका पति विजय कुमार वहां पर पहुंच गए। उन्होंने उसके साथ मारपीट की। उसकी नग्न अवस्था में वीडियो बनाई। उसकी जेब से पर्स निकाल लिया और दो लाख रुपये मांगे।
रुपये न देने उसकी वीडियो वायरल करने की धमकी दी। घबराकर उसने अपने मोबाइल से अलग-अलग कर गूगल पे के माध्यम से 90 हजार रुपये आरोपियों के खाते में ट्रांसफर कर दिया। आरोपियों ने उससे लिखवा लिया कि उसने ब्याज पर रुपये लिए थे जो उसने वापस किए हैं। तीनों आरोपी महिलाएं अपने पतियों से अलग रहती है। आरती का भी अपने पति से संबंध विच्छेद हो चुका है। अब वह विजय को पति बताकर उसके साथ रहती थी।
चारों आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपियों से 42 हजार रुपये व मोबाइल बरामद किया गया है। - जगदीश चंद्र, शहर थाना प्रभारी।