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Yamuna Nagar News: भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षकों ने की नारेबाजी
Wed, 12 Jul 2023 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 12 Jul 2023 01:01 AM IST
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हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के आह्वान पर सरकार की शिक्षा नीतियों के विरोध में चल रही अध्यापकों की भूख हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही। इसके साथ ही भूख हड़ताल 78वें दिन में प्रवेश कर गई। भिवानी जिला प्रधान महेंद्र सिंह के साथ जिला सचिव राजेश सब्रवाल, अनूप सिवाच, संदीप पंघाल व दिनेश नेहरा भूख हड़ताल पर बैठे।
भिवानी प्रधानसिंह ने कहा कि सरकार शिक्षा और शिक्षकों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। ढाई महीने से अध्यापक भूख हड़ताल पर हैं, परंतु अभी तक किसी जनप्रतिनिधि, सरकार के प्रतिनिधि, विधायक व मंत्री ने उनसे बातचीत नहीं की है। जिससे अध्यापकों में रोष बढ़ता जा रहा है। वहीं इससे विद्यार्थियों व अभिभावकों में भी भारी रोष है। विद्यार्थी व अभिभावक अध्यापकों के समर्थन में उतर चुके हैं। इसके बावजूद सरकार अनदेखी कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हैं। शिक्षक रहित व एकल शिक्षक स्कूलों की संख्या अधिक हो गई है। इसके बाद भी गैर शैक्षणिक कार्यों का बोझ बहुत अधिक है। परिवार पहचान पत्र में अध्यापकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। विरोध के बाद गैर शैक्षणिक कार्य न करवाए जाने के पत्र भी जारी होते हैं, परंतु केवल कागजी आदेश बन जाते हैं।
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भिवानी प्रधानसिंह ने कहा कि सरकार शिक्षा और शिक्षकों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। ढाई महीने से अध्यापक भूख हड़ताल पर हैं, परंतु अभी तक किसी जनप्रतिनिधि, सरकार के प्रतिनिधि, विधायक व मंत्री ने उनसे बातचीत नहीं की है। जिससे अध्यापकों में रोष बढ़ता जा रहा है। वहीं इससे विद्यार्थियों व अभिभावकों में भी भारी रोष है। विद्यार्थी व अभिभावक अध्यापकों के समर्थन में उतर चुके हैं। इसके बावजूद सरकार अनदेखी कर रही है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हैं। शिक्षक रहित व एकल शिक्षक स्कूलों की संख्या अधिक हो गई है। इसके बाद भी गैर शैक्षणिक कार्यों का बोझ बहुत अधिक है। परिवार पहचान पत्र में अध्यापकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। विरोध के बाद गैर शैक्षणिक कार्य न करवाए जाने के पत्र भी जारी होते हैं, परंतु केवल कागजी आदेश बन जाते हैं।
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