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‘विषय बोझिल बनाने की बजाए सुगमता से समझाएं अध्यापक’
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माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। डीएवी गर्ल्स कॉलेज के एफडीपी सेल की ओर से फैकल्टी विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षा की नई तकनीक के बारे में अवगत कराया गया। वक्ताओं ने अध्यापकों को विषय बोझिल बनाने के बजाए सुगमता से समझाने के गुर बताए।
कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. आभा खेतरपाल व एफडीपी सेल की डॉ. सुरेंद्र कौर ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की अध्यक्षता की। डॉ. सुरिंद्र कौर ने कहा कि कोरोना की वजह से शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई का तरीका पूरी तरह से बदल गया है। इस पर शिक्षकों का दायित्व है कि वे अपने विषय को बोझिल न बनाए। विद्यार्थियों को पूरी रुचि के साथ अपने विषय का अध्ययन करवाएं और विषय की बारीकियों को बिना किसी परेशानी व तनाव के समझाए। कोरोना काल में पढ़ाई के लिए इंटरनेट की उपयोगिता बढ़ी है।
विद्यार्थी व शिक्षक पढ़ाई के लिए इंटरनेट के जरिए वास्तविक रूप से जुड़कर ऑनलाइन विषय सामग्री ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा ऑनलाइन लेखन एवं सोशल नेटवर्किग साइट की डिमांड बढ़ी है। इन साइट के माध्यम से छात्रों का एक बड़ा वर्ग हमेशा विभिन्न अध्यापकों के संपर्क में बना रहता है, जिससे उनके ज्ञान में इजाफा होता है। आप शिक्षकों से अपनी समस्याओं का साझा भी इन साइट के माध्यम से कर सकते हैं।
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डॉ. आभा खेत्रपाल ने कहा कि पढ़ाई के क्षेत्र में जितने ज्यादा शोध होंगे, पढ़ाई उतनी ही सुगम होगी। संपूर्ण शिक्षा क्षेत्र में आज सर्वाधिक जोर अगर किसी चीज पर दिया जा रहा है तो वह रिसर्च कार्य हैं। कोरोना काल में शिक्षकों ने पॉवर प्वाइंट की सहायता से दृश्यों के माध्यम से विषयों को समझाते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. सुनीता कौशिक, डॉ. रचना सोनी, डॉ. मीनाक्षी सैनी ने योगदान दिया।
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यमुनानगर। डीएवी गर्ल्स कॉलेज के एफडीपी सेल की ओर से फैकल्टी विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षा की नई तकनीक के बारे में अवगत कराया गया। वक्ताओं ने अध्यापकों को विषय बोझिल बनाने के बजाए सुगमता से समझाने के गुर बताए।
कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. आभा खेतरपाल व एफडीपी सेल की डॉ. सुरेंद्र कौर ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की अध्यक्षता की। डॉ. सुरिंद्र कौर ने कहा कि कोरोना की वजह से शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई का तरीका पूरी तरह से बदल गया है। इस पर शिक्षकों का दायित्व है कि वे अपने विषय को बोझिल न बनाए। विद्यार्थियों को पूरी रुचि के साथ अपने विषय का अध्ययन करवाएं और विषय की बारीकियों को बिना किसी परेशानी व तनाव के समझाए। कोरोना काल में पढ़ाई के लिए इंटरनेट की उपयोगिता बढ़ी है।
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डॉ. आभा खेत्रपाल ने कहा कि पढ़ाई के क्षेत्र में जितने ज्यादा शोध होंगे, पढ़ाई उतनी ही सुगम होगी। संपूर्ण शिक्षा क्षेत्र में आज सर्वाधिक जोर अगर किसी चीज पर दिया जा रहा है तो वह रिसर्च कार्य हैं। कोरोना काल में शिक्षकों ने पॉवर प्वाइंट की सहायता से दृश्यों के माध्यम से विषयों को समझाते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. सुनीता कौशिक, डॉ. रचना सोनी, डॉ. मीनाक्षी सैनी ने योगदान दिया।