मुख्यमंत्री सुरक्षा में तैनात कमांडो ने सर्विस रिवाल्वर से गोली मार जान दी, सुसाइड नोट लिखा लेकिन वजह नहीं
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सुरक्षा में तैनात कमांडो जितेंद्र कुमार कश्यप (34) निवासी गुंदयाना माजरी ने शुक्रवार की रात अपनी सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली। गोली सिर के आर-पार होकर दीवार में लगी।
सिर में गोली लगने से मौके पर ही जितेंद्र कुमार की मौत हो गई। बरामद सुसाइड नोट में उन्होंने घटना के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं बताया है। साथ ही परिवार के लोगों को तंग नहीं करने की बात कही गई है।
घटनाक्रम के अनुसार गुदयाना माजरी निवासी जितेंद्र कुमार मुख्यमंत्री सिक्योरिटी सेल पंचकुला में कांस्टेबल था। वह बुधवार को घर आया था। इसके बाद फिर वापस ड्यूटी पर चला गया था। शुक्रवार शाम को वह दोबारा घर आया। अक्सर उसकी सर्विस रिवॉल्वर उसके साथ होती थी। शुक्रवार रात के समय उसकी माता रोशनी देवी ने उसे खाना और दूध दिया।
खाना खाने व दूध पीने के बाद कमांडो जितेंद्र कुमार अपने कमरे में सोने चला गया। उस समय उसकी पत्नी सुषमा बच्चों को लेकर गांव में ही अपने मायके गई हुई थी। रात लगभग नौ बजे कमांडो जितेंद्र कुमार ने खुद को गोली मार ली।
गोली की आवाज सुनकर दूसरे कमरे में सो रहे उसके माता-पिता तुरंत उसके कमरे में पहुंचे तो देखा की उसकी कनपटी पर गोली लगी हुई थी और वह खून से लथपथ हालत में जमीन पर मृत पड़ा था। उसके पास ही उसकी सर्विस रिवाल्वर थी। इसकी सूचना परिजनों ने पुलिस को दी।

मृतक की फाइल फोटो।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां से सुसाइड नोट बरामद किया। सूचना पर एसपी कमलदीप गोयल, डीएसपी रादौर रणधीर सिंह, थाना रादौर प्रभारी सब इंस्पेक्टर गुरदेव सिंह, खेडी लक्खा सिंह इंचार्ज मेहर लाल मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया। शनिवार दोपहर बाद लगभग दो बजे उसका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें कुरुक्षेत्र से आई पुलिस की टुकड़ी ने एएसआई रामभगत के नेतृत्व में मृतक कमांडो जितेंद्र कुमार को सलामी दी।
ढाई साल से सीएम सुरक्षा में थे तैनात
कमांडो जितेंद्र कुमार 2012 में हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के तौर पर भर्ती हुए थे। इसके बाद 400 पुलिस कर्मियों में से अकेले जितेंद्र कुमार का कमांडो के तौर पर चयन हुआ था।
पिछले लगभग ढाई वर्षों से जितेंद्र कुमार सीएम की सुरक्षा में तैनात थे। कमांडो जितेंद्र कुमार पूर्व कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के गनमैन के तौर भी कार्यरत रहे हैं। वहीं वह कुरुक्षेत्र व लाडवा के थानों में भी कार्यरत रहे। मृतक कमांडो जितेंद्र कुमार के ताऊ के लड़के विक्रम ने बताया कि जितेंद्र काफी मिलनसार था।
जितेंद्र ने 2012 में की थी लव मैरिज
कमांडो जितेंद्र कुमार ने साल 2012 में सुषमा के साथ लव मैरिज की थी। शादी के बाद उनके पास आठ साल की बेटी मानसी व छह साल का बेटा लक्ष्य है। मानसी तीसरी कक्षा व लक्ष्य पहली कक्षा में ऊंचा चांदना के प्राइमरी नेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ते हैं।
जितेंद्र के पिता प्यारेलाल व माता रोशनी देवी उनके साथ रहती थीं। परिवार में उनका छोटा भाई राजेश कुमार शहर में होमगार्ड के तौर पर कार्यरत है, जिसकी दो महीने पहले ही शादी हुई थी।
मृतक के पिता प्यारेलाल ने बताया है कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। घर में किसी तरह का कोई तनाव भी नहीं था। फिर भी उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह उनकी समझ में नहीं आ रहा है।
रादौर थाना प्रभारी गुरदेव सिंह का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया है। मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट में उसने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाए है। परिजनों की ओर से मानसिक परेशानी की वजह से आत्महत्या किए जाने की बात कही जा रही है। फिलहाल 174 की कार्रवाई की गई है।